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आरटीई : अब दूसरे वार्ड के विद्यालयों में भी मिल सकेगा प्रवेश
Wed, 19 Nov 2025 01:59 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Wed, 19 Nov 2025 01:59 AM IST
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रामपुर। जिले के अभिभावकों और बच्चों के लिए राहत भरी खबर है। शिक्षा विभाग ने आरटीई (राइट टू एजुकेशन) के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए दूसरे वार्ड के विद्यालयों में प्रवेश की अनुमति दे दी है।
अब आगामी शैक्षणिक सत्र से अभिभावक अपने बच्चों का नामांकन न केवल अपने वार्ड बल्कि दूसरे वार्ड के विद्यालयों में भी करा सकेंगे। अब तक आरटीई के अंतर्गत केवल उसी वार्ड के विद्यालय में प्रवेश की अनुमति थी।
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक प्रत्येक वर्ष केवल वार्ड प्रतिबंध की वजह से फार्म अस्वीकार कर दिए जाते थे। विद्यालय भी इन्हें स्वीकार नहीं करते थे। नतीजतन कई बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित होना पड़ता था। नए नियम लागू होने के बाद अब जिले के विद्यालयों में नामांकन की संभावना बढ़ गई है। इससे शिक्षा का दायरा विस्तृत होगा और अधिक बच्चों को इसका लाभ मिल सकेगा। खासकर उन अभिभावकों के लिए यह राहत की बात है, जो अपने वार्ड में विकल्प न होने की वजह से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण विद्यालयों में दाखिला नहीं दिला पाते थे। अब तक नामचीन विद्यालय नियमों को लेकर अधिक सख्ती दिखाते थे और दूसरे वार्ड से आए आवेदन सीधे खारिज कर देते थे। नए निर्देशों के बाद इन विद्यालयों को भी प्रवेश देना होगा।
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विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा के दायरे में लाना है। नए नियम से न केवल अभिभावकों को सहूलियत होगी, बल्कि बच्चों को बेहतर विकल्प भी मिल सकेंगे।
-कल्पना देवी, बीएसए
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अब आगामी शैक्षणिक सत्र से अभिभावक अपने बच्चों का नामांकन न केवल अपने वार्ड बल्कि दूसरे वार्ड के विद्यालयों में भी करा सकेंगे। अब तक आरटीई के अंतर्गत केवल उसी वार्ड के विद्यालय में प्रवेश की अनुमति थी।
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शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक प्रत्येक वर्ष केवल वार्ड प्रतिबंध की वजह से फार्म अस्वीकार कर दिए जाते थे। विद्यालय भी इन्हें स्वीकार नहीं करते थे। नतीजतन कई बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित होना पड़ता था। नए नियम लागू होने के बाद अब जिले के विद्यालयों में नामांकन की संभावना बढ़ गई है। इससे शिक्षा का दायरा विस्तृत होगा और अधिक बच्चों को इसका लाभ मिल सकेगा। खासकर उन अभिभावकों के लिए यह राहत की बात है, जो अपने वार्ड में विकल्प न होने की वजह से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण विद्यालयों में दाखिला नहीं दिला पाते थे। अब तक नामचीन विद्यालय नियमों को लेकर अधिक सख्ती दिखाते थे और दूसरे वार्ड से आए आवेदन सीधे खारिज कर देते थे। नए निर्देशों के बाद इन विद्यालयों को भी प्रवेश देना होगा।
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विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा के दायरे में लाना है। नए नियम से न केवल अभिभावकों को सहूलियत होगी, बल्कि बच्चों को बेहतर विकल्प भी मिल सकेंगे।
-कल्पना देवी, बीएसए