Rampur: स्टांप के बकाया 72 लाख रुपये वसूलने पहुंची राजस्व टीम, दूसरी मंजिल से कूदकर भाग रहा बकाएदार घायल
परिजनों ने राजस्व टीम के एक सदस्य पर बकाएदार को छत से फेंकने का आरोप लगाया है। इसको लेकर उन्होंने अस्पताल में हंगामा भी किया। इस दौरान नायब तहसीलदार ने घबराकर जिला अस्पताल की ओपीडी में खुद को बंद कर लिया।
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स्टांप के बकाया 72 लाख रुपये वसूलने पहुंची राजस्व टीम को देखकर बकाएदार भागने की फिराक में दूसरी मंजिल से कूद गए। वह दूसरे मकान की टीन शेड पर जाकर गिरे, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में पुलिस की मदद से घायल को उतारा गया और जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया।
परिजनों ने राजस्व टीम के एक सदस्य पर बकाएदार को छत से फेंकने का आरोप लगाया है। इसको लेकर उन्होंने अस्पताल में हंगामा भी किया। इस दौरान नायब तहसीलदार ने घबराकर जिला अस्पताल की ओपीडी में खुद को बंद कर लिया। जानकारी मिलते ही पुलिस पहुंच गई, जहां पुलिस ने नायब तहसीलदार को कमरे से बाहर निकाला और वहां से भेज दिया।
परिजनों को आरोप है कि राजस्व टीम ने मारपीट करते हुए गफ्फार को छत से फेंक दिया। परिजन घायल बकाएदार को लेकर कलक्ट्रेट भी पहुंचे। वहीं मामले में संग्रह अमीन की तहरीर पर पुलिस ने तीन नामजद समेत छह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
मामला सिविल लाइंस थानाक्षेत्र स्थित मोहल्ला मैगजीन बरेली गेट का है। यहां ग्राम नगलिया आकिल के प्रधान प्रतिनिधि गफ्फार के भाई गुफरान का मकान है। गफ्फार अपनी पत्नी व बच्चों के साथ भाई के घर आए हुए थे। आरोप है कि गफ्फार ने वर्ष 2012 में एक जमीन खरीदी थी, जिसमें 27.41 लाख रुपये के स्टांप कम लगाए गए थे, जिसके बाद तहसील प्रशासन की ओर से कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन बकाए का भुगतान नहीं हुआ।
ब्याज आदि मिलाकर यह बकाया करीब 72 लाख रुपये हो गया। इसकी वसूली के लिए शुक्रवार को नायब तहसीलदार संजय कुमार के नेतृत्व में टीम पहुंच गई। घर के बाहर आईं महिलाओं ने गफ्फार के न होने की बात कही और गेट बंद कर लिया। जबकि, टीम का दावा था कि गफ्फार घर में ही है। उन्होंने इसकी जानकारी तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार को दी, जिसके बाद तहसीलदार भी मौके पर पहुंच गए। साथ ही कई थानों की पुलिस फोर्स बुला ली। आवाज देने के बाद भी गफ्फार बाहर नहीं आए।
आरोप है कि परिजन उन्हें रस्सी के सहारे घर की छत से उतारने में जुट गए। हड़बड़ाहट में गफ्फार पड़ोसी के घर के टीनशेड पर गिर गए और घायल हो गए। उन्हें पैर, हाथ, सिर आदि पर चोटें आई हैं। घटना के बाद तहसील और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी सदर मनीष मीणा मौके पर पहुंच गए।
आनन-फानन में परिजन और सीओ सिटी अनुज कुमार पुलिसकर्मियों के साथ गफ्फार को उतारने के छत पर चढ़ गए और चारपाई से बांधकर नीचे उतारा। जिसके बाद घायल को जिला अस्पताल लेकर जाकर भर्ती करा दिया। परिजनों ने वहां हंगामा किया। घबराए नायब तहसीलदार ने खुद को इमरजेंसी की ओपीडी में बंद कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने आकर उन्हें निकाला। वहीं, चिकित्सकों ने उन्हें रेफर कर दिया। परिजन मुरादाबाद के निजी अस्पताल ले गए, जहां से शनिवार को संभवतया दिल्ली लेकर जाएंगे।
राजस्व टीम वसूली के लिए गफ्फार के यहां दबिश देने के लिए गई थी, लेकिन गफ्फार घर के बाहर नहीं आए। आसपास के लोगों से मिली जानकारी के अनुसार गफ्फार घर के पीछे रस्सी के सहारे उतरने का प्रयास कर रहे थे, जिस कारण वह गिर गए। इसी वजह से उनके चोटें आई हैं।
- मनीष मीणा, उपजिलाधिकारी, सदर।
हमारे भाई के खिलाफ आज तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। लेकिन इसके बाद भी तहसीलदार फोर्स के साथ घर में घुस गए। मारपीट की। भाई को छत से फेंक दिया, जिससे वह घायल हो गए। हम उनका इलाज कराकर रामपुर आएंगे, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे।
- गुफरान