{"_id":"60ddf07f8ebc3e3068089f4a","slug":"rampur-news-sjvn-contract-union-protest-in-rampur-rampur-news-sml375492367","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने मांगों को लेकर निकाली रोष रैली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने मांगों को लेकर निकाली रोष रैली
विज्ञापन
रामपुर बुशहर। सतलुज जल विद्युत निगम कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी ने 2018 से लंबित मांगों को लेकर एसजेवीएन परियोजना प्रबंधन के खिलाफ रोष रैली निकाली। यूनियन के सदस्यों ने एसजेवीएनएल मुख्यद्वार से प्रबंधन ऑफिस तक रैली निकालकर जमकर नारेबाजी की। इसके अलावा यूनियन ने कोटला और नाथपा में विरोध प्रदर्शन किया।
जिला अध्यक्ष कुलदीप ने कहा कि एक तरफ एसजेवीएन 1633 करोड़ का वार्षिक मुनाफा दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर 2006 से ठेकेदार के माध्यम से जो 600 कामगार रखे गए हैं, वो मूलभूत सुविधाओं और श्रम कानूनों की लड़ाई लड़ रहे हैं। इन समस्याओं और मांगों को प्रबंधन आसानी से निपटा सकता है।
बावजूद इसके परियोजना प्रबंधन इसके समाधान की जगह कामगारों की समस्याएं बढ़ाने का काम कर रहा है। संघ ने कहा है कि अगर मजदूरों की मांगों को नजरअंदाज किया गया तो आने वाले 2 जुलाई से आंदोलन का रुख बदला जाएगा। मजदूर अपनी श्रेणी के हिसाब से काम करेंगे। अगर प्रबंधन फिर भी नहीं माना तो संघ 1 दिन की हड़ताल पर जाएगी।
विज्ञापन
संघ ने कहा कि वर्ष 2018 में प्रबंधन ने माना था कि सभी ठेका मजदूरों के लिए झाकड़ी में एलपीजी, क्लब, सभी कामगारों का ग्रुप इंश्योरेंस किया जाएगा। इससे मजदूरों की मृत्यु या सेवानिवृत्ति पर मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा मिल सके। सभी मजदूरों को वार्षिक इंक्रीमेंट दिया जाए। सभी मजदूरों को ट्रेड मिलेगा, क्योंकि प्रबंधन ने अकुशल मजदूरों से कुशल मजदूरों का काम करवाया जा रहा है, जो कानूनी रूप से गलत है।
इस मौके पर प्रेम, दिनेश मेहता, रंजीत ठाकुर, नरेंद्र देष्टा, राजेश, नीलदत्त शर्मा, अजीत, पोविंद्र, चंद्र, विधा, खुशी राम, निशा, श्याम लाल, श्यामा, मीना, कामराज, प्रवीन शर्मा, अमर, गुरुदास, रणबीर, पवन, मस्तराम, सुंदर लाल, पवन, रमन शर्मा, शिव लाल सहित अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
जिला अध्यक्ष कुलदीप ने कहा कि एक तरफ एसजेवीएन 1633 करोड़ का वार्षिक मुनाफा दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर 2006 से ठेकेदार के माध्यम से जो 600 कामगार रखे गए हैं, वो मूलभूत सुविधाओं और श्रम कानूनों की लड़ाई लड़ रहे हैं। इन समस्याओं और मांगों को प्रबंधन आसानी से निपटा सकता है।
विज्ञापन
बावजूद इसके परियोजना प्रबंधन इसके समाधान की जगह कामगारों की समस्याएं बढ़ाने का काम कर रहा है। संघ ने कहा है कि अगर मजदूरों की मांगों को नजरअंदाज किया गया तो आने वाले 2 जुलाई से आंदोलन का रुख बदला जाएगा। मजदूर अपनी श्रेणी के हिसाब से काम करेंगे। अगर प्रबंधन फिर भी नहीं माना तो संघ 1 दिन की हड़ताल पर जाएगी।
विज्ञापन
संघ ने कहा कि वर्ष 2018 में प्रबंधन ने माना था कि सभी ठेका मजदूरों के लिए झाकड़ी में एलपीजी, क्लब, सभी कामगारों का ग्रुप इंश्योरेंस किया जाएगा। इससे मजदूरों की मृत्यु या सेवानिवृत्ति पर मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा मिल सके। सभी मजदूरों को वार्षिक इंक्रीमेंट दिया जाए। सभी मजदूरों को ट्रेड मिलेगा, क्योंकि प्रबंधन ने अकुशल मजदूरों से कुशल मजदूरों का काम करवाया जा रहा है, जो कानूनी रूप से गलत है।
इस मौके पर प्रेम, दिनेश मेहता, रंजीत ठाकुर, नरेंद्र देष्टा, राजेश, नीलदत्त शर्मा, अजीत, पोविंद्र, चंद्र, विधा, खुशी राम, निशा, श्याम लाल, श्यामा, मीना, कामराज, प्रवीन शर्मा, अमर, गुरुदास, रणबीर, पवन, मस्तराम, सुंदर लाल, पवन, रमन शर्मा, शिव लाल सहित अन्य मौजूद रहे।