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दिखा चांद, मुबारक हो माह-ए-रमजान
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Tue, 07 Jun 2016 12:49 AM IST
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29 शाबान को रमजानुल मुबारक का चांद नजर आ गया। सूबे और दूसरे सूबों के कई जिलों से शरई शहादत मिलने के बाद जामा मस्जिद से चांद का एलान कर दिया। एलान होते ही मस्जिदों से सायरन बजने लगे और लोगों ने खुशी में गोले दागे। इसके बाद लोग तरावीह की नमाज की तैयारी में जुट गए।
29 शाबान का चांद नजर आने की पूरी उम्मीद थी जो पूरी हो गई। जामा मस्जिद में मगरिब की नमाज के बाद चांद देखने की कोशिश की पर आसमान साफ नहीं होने से चांद नजर नहीं आया। लिहाजा शहर काजी सैयद खुशनूद मियां, शहर इमाम मौलवी महबूब अली साहब, मौलवी रेहान खां समेत कई उलमा ने दूसरे जिलों और सूबों से राबता कायम किया।
जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के सचिव मुकर्रम अली इनायती ने बताया कि रामनगर, फरीदपुर और बरेली समेत कई जिलों से चांद की शराई शहादत मिल गई। इसके बाद शहर काजी सैयद खुशनूद मियां ने जामा मस्जिद से रमजानुल मुबारक के चांद का एलान कर दिया। इसके बाद मसजिदों में सायरन बजने लगे। लोगों ने भी खुशी में गोले दागे और एक दूसरे को रमजानुल मुबारक की मुबारकबाद दी। इसके बाद लोग नमाजे तरावीह की तैयारी में जुट गए। बाजारों में भी रौनक बढ़ गई। लोगों ने सहरी और इफ्तार के लिए भी खरीदारी की। सिंवई और खजले की भी दुकानें सज गईं। मसजिदों में नमाजियों की भी तादाद बढ़ गई।
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29 शाबान का चांद नजर आने की पूरी उम्मीद थी जो पूरी हो गई। जामा मस्जिद में मगरिब की नमाज के बाद चांद देखने की कोशिश की पर आसमान साफ नहीं होने से चांद नजर नहीं आया। लिहाजा शहर काजी सैयद खुशनूद मियां, शहर इमाम मौलवी महबूब अली साहब, मौलवी रेहान खां समेत कई उलमा ने दूसरे जिलों और सूबों से राबता कायम किया।
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जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के सचिव मुकर्रम अली इनायती ने बताया कि रामनगर, फरीदपुर और बरेली समेत कई जिलों से चांद की शराई शहादत मिल गई। इसके बाद शहर काजी सैयद खुशनूद मियां ने जामा मस्जिद से रमजानुल मुबारक के चांद का एलान कर दिया। इसके बाद मसजिदों में सायरन बजने लगे। लोगों ने भी खुशी में गोले दागे और एक दूसरे को रमजानुल मुबारक की मुबारकबाद दी। इसके बाद लोग नमाजे तरावीह की तैयारी में जुट गए। बाजारों में भी रौनक बढ़ गई। लोगों ने सहरी और इफ्तार के लिए भी खरीदारी की। सिंवई और खजले की भी दुकानें सज गईं। मसजिदों में नमाजियों की भी तादाद बढ़ गई।
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