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नवाबी दौर की इमारतों का मूल्यांकन करेगा लोक निर्माण विभाग
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रामपुर। नवाबी दौर की इमारतों का मूल्यांकन लोक निर्माण विभाग की ओर से किया जाएगा। इस बाबत लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार वर्मा ने कोठी खासबाग पैलेस का मौका मुआयना किया। उन्होंने मूल्यांकन के लिए दो सहायक अभियंताओं के नेतृत्व में एक कमेटी गठित कर दी है।
रामपुर रियासत के अंतिम शासक नवाब रजा अली खां की संपत्ति के बंटवारे का विवाद जिला कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम शासक के सभी वारिसान को मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत संपत्ति में हिस्सेदार मानते हुए जिला न्यायाधीश को बंटवारा प्रक्रिया दिसंबर 2020 तक पूर्ण करने के आदेश जारी किए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दो सितम्बर 2019 से यह प्रकिया जिला न्यायालय में चल रही है। कोर्ट ने नवाब खानदान की चल और अचल संपत्ति का ब्योरा जुटाने और मूल्याकंन के लिए कमीशन गठित कर दिया है, जिसमें अचल संपत्ति के लिए अरुण प्रकाश सक्सेना को एडवोकेट कमिश्नर बनाया गया है। वहीं, कोर्ट ने नवाब की संपत्ति में बनी इमारतों का मूल्यांकन करने के लिए लोक निर्माण विभाग को पत्र भेजा था, जिसके बाद लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार वर्मा एडवोकेट कमिश्नर अरुण प्रकाश सक्सेना के साथ रविवार को कोठी खासबाग पैलेस पहुंच गए। उन्होंने मौजूदा हालात देखते हुए इमारतों के मूल्यांकन के लिए सहायक अभियंता मोहम्मद हारून, यूसी सिंघल के नेतृत्व में कमेटी गठित कर दी है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि नवाबी दौर की इमारत ऐतिहासिक है। ऐसे में यह भी देखा जाएगा कि इसका मूल्यांकन किस प्रकार से किया जाएगा क्योंकि, अब तक ऐसा कोई कार्य विभाग ने नहीं किया है। इस संबंध में देखेंगे कि कहीं ऐसा हुआ है तो किस प्रकार हुआ है। एक नीति तय करने के बाद टीम मूल्यांकन का काम शुरु कर देगी।
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रामपुर रियासत के अंतिम शासक नवाब रजा अली खां की संपत्ति के बंटवारे का विवाद जिला कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम शासक के सभी वारिसान को मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत संपत्ति में हिस्सेदार मानते हुए जिला न्यायाधीश को बंटवारा प्रक्रिया दिसंबर 2020 तक पूर्ण करने के आदेश जारी किए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दो सितम्बर 2019 से यह प्रकिया जिला न्यायालय में चल रही है। कोर्ट ने नवाब खानदान की चल और अचल संपत्ति का ब्योरा जुटाने और मूल्याकंन के लिए कमीशन गठित कर दिया है, जिसमें अचल संपत्ति के लिए अरुण प्रकाश सक्सेना को एडवोकेट कमिश्नर बनाया गया है। वहीं, कोर्ट ने नवाब की संपत्ति में बनी इमारतों का मूल्यांकन करने के लिए लोक निर्माण विभाग को पत्र भेजा था, जिसके बाद लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार वर्मा एडवोकेट कमिश्नर अरुण प्रकाश सक्सेना के साथ रविवार को कोठी खासबाग पैलेस पहुंच गए। उन्होंने मौजूदा हालात देखते हुए इमारतों के मूल्यांकन के लिए सहायक अभियंता मोहम्मद हारून, यूसी सिंघल के नेतृत्व में कमेटी गठित कर दी है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि नवाबी दौर की इमारत ऐतिहासिक है। ऐसे में यह भी देखा जाएगा कि इसका मूल्यांकन किस प्रकार से किया जाएगा क्योंकि, अब तक ऐसा कोई कार्य विभाग ने नहीं किया है। इस संबंध में देखेंगे कि कहीं ऐसा हुआ है तो किस प्रकार हुआ है। एक नीति तय करने के बाद टीम मूल्यांकन का काम शुरु कर देगी।
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