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Rampur News: तीन स्वागत गेटों के लिए पीडब्ल्यूडी नहीं तलाश सका जमीन
Sun, 18 Aug 2024 10:59 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Sun, 18 Aug 2024 10:59 PM IST
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रामपुर। पीडब्ल्यूडी द्वारा रामपुर में आठ स्वागत गेटों का निर्माण पिछले डेढ़ साल से किया जा रहा है, इसमें से पांच गेट का निर्माण तो हो चुका है, जबकि तीन गेट का निर्माण अभी पूरा नहीं हो सका है। विभाग की लापरवाही की वजह से सरकारी किश्तें समय से आने के बावजूद अब तक गेट के काम पूरे नहीं हो सके। अन्य तीन गेटों का निर्माण जमीन न मिलने के कारण रुका हुआ है।
रामपुर जिला अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है। इससे उत्तराखंड की सीमाएं लगीं हुई हैं। उत्तराखंड से प्रवेश करते समय चाकू चौराहा पड़ता है, जिसकी एक विशेष पहचान है। मुख्यमंत्री की मंशा थी कि हर जिले में स्वागत गेटों का निर्माण कराया जाए। इसको ध्यान में रखते हुए शहर में विभिन्न जगहों पर स्वागत गेट का निर्माण कार्य डेढ़ साल पहले पीडब्ल्यूडी ने शुरू कराया था। धीरे-धीरे बॉर्डर क्षेत्रों की जमीनों को चिह्नित किया गया और इन पर निर्माण कार्य होने लगे। इन गेटों के निर्माण पर करीब 10 करोड़ खर्च होने थे। खासतौर पर बाजपुर रोड, बिलासपुर चकफेरी रोड, रामपुर-गदरपुर-मिलकखानम रोड, स्वार केलाखेड़ा और स्वार दढि़याल रोड पर स्वागत गेट बनाने के लिए जगह चिह्नित की गई। इस पर काम शुरू कर दिया गया, लेकिन जेसे-तैसे पीडब्ल्यूडी ने इन पांच गेटों के निर्माण का कार्य पूरा करा लिया, लेकिन अब तक तीन स्वागत गेटों का निर्माण नहीं हो सका। दरअसल इनके लिए पीडब्ल्यूडी अभी भी जमीन तलाश नहीं कर पाया है। अब दो साल पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन अभी तक आठों गेटों का निर्माण पूरी तरह से नहीं हो सका है।
वन भूमि का भी फंसा था पेंच
पीडब्ल्यूडी ने कुछ समय पहले गदरपुर रोड पर एक स्वागत गेट बनाने के लिए तैयारी की थी, लेकिन पता चला कि इसका कुछ हिस्सा वन भूमि का भी आ रहा है, जिससे स्वीकृति न मिलने की वजह से यहां पर जमीन छोड़नी पड़ी थी, जिससे और अधिक समय बीत गया।
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नए प्रस्तावों की तैयारी कर रहा पीडब्ल्यूडी
लोक निर्माण विभाग ने अब अपने अगले प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। अभी कई सड़कों के निर्माण, मरम्मत, जीर्णेाद्धार के काम के लिए फाइलें तैयार की जा रही हैं। इसके बाद इन प्रस्तावों को भेजा जाएगा।
रामपुर में आठ स्वागत गेट का निर्माण कराया जाना था। अब तक पांच स्वागत गेट तैयार किए जा चुके हैं, जबकि अभी तीन स्वागत गेट के लिए जमीन की तलाश अधूरी है। कोशिशें की जा रही हैं कि जल्द ही जमीन मिल सके और फिर निर्माण कराया जा सके। - केवी सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, रामपुर
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रामपुर जिला अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है। इससे उत्तराखंड की सीमाएं लगीं हुई हैं। उत्तराखंड से प्रवेश करते समय चाकू चौराहा पड़ता है, जिसकी एक विशेष पहचान है। मुख्यमंत्री की मंशा थी कि हर जिले में स्वागत गेटों का निर्माण कराया जाए। इसको ध्यान में रखते हुए शहर में विभिन्न जगहों पर स्वागत गेट का निर्माण कार्य डेढ़ साल पहले पीडब्ल्यूडी ने शुरू कराया था। धीरे-धीरे बॉर्डर क्षेत्रों की जमीनों को चिह्नित किया गया और इन पर निर्माण कार्य होने लगे। इन गेटों के निर्माण पर करीब 10 करोड़ खर्च होने थे। खासतौर पर बाजपुर रोड, बिलासपुर चकफेरी रोड, रामपुर-गदरपुर-मिलकखानम रोड, स्वार केलाखेड़ा और स्वार दढि़याल रोड पर स्वागत गेट बनाने के लिए जगह चिह्नित की गई। इस पर काम शुरू कर दिया गया, लेकिन जेसे-तैसे पीडब्ल्यूडी ने इन पांच गेटों के निर्माण का कार्य पूरा करा लिया, लेकिन अब तक तीन स्वागत गेटों का निर्माण नहीं हो सका। दरअसल इनके लिए पीडब्ल्यूडी अभी भी जमीन तलाश नहीं कर पाया है। अब दो साल पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन अभी तक आठों गेटों का निर्माण पूरी तरह से नहीं हो सका है।
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वन भूमि का भी फंसा था पेंच
पीडब्ल्यूडी ने कुछ समय पहले गदरपुर रोड पर एक स्वागत गेट बनाने के लिए तैयारी की थी, लेकिन पता चला कि इसका कुछ हिस्सा वन भूमि का भी आ रहा है, जिससे स्वीकृति न मिलने की वजह से यहां पर जमीन छोड़नी पड़ी थी, जिससे और अधिक समय बीत गया।
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नए प्रस्तावों की तैयारी कर रहा पीडब्ल्यूडी
लोक निर्माण विभाग ने अब अपने अगले प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। अभी कई सड़कों के निर्माण, मरम्मत, जीर्णेाद्धार के काम के लिए फाइलें तैयार की जा रही हैं। इसके बाद इन प्रस्तावों को भेजा जाएगा।
रामपुर में आठ स्वागत गेट का निर्माण कराया जाना था। अब तक पांच स्वागत गेट तैयार किए जा चुके हैं, जबकि अभी तीन स्वागत गेट के लिए जमीन की तलाश अधूरी है। कोशिशें की जा रही हैं कि जल्द ही जमीन मिल सके और फिर निर्माण कराया जा सके। - केवी सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, रामपुर