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विजिलेंस को आज साक्ष्य सौपेंगे भाजपा नेता
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विजिलेंस को आज साक्ष्य सौपेंगे भाजपा नेता
क्रासर----
फर्जी कार्यों के भुगतान को लेकर चल रही है जल निगम के अफसरों की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर। जल निगम से किए गए करोड़ों के फर्जी भुगतान की जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है। इसको लेकर बुधवार को भाजपा नेता विजिलेंस को साक्ष्य सौपेंगें। ऐसे में विभाग के ही कुछ बड़े अफसरों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आरोप है कि विभागीय अफसरों ने साठगांठ कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया है।
समाजवादी सरकार के कार्यकाल में शहर में अरबों रुपये के विकास कार्य कराए गए थे। अधिकांश काम जल निगम की निर्माण इकाई सीएंडडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) की ओर से किए गए थे। इनमें नालों के निर्माण से लेकर राष्ट्रीय प्रशिक्षण संस्थान, झील, गेट इत्यादि शामिल हैं। इसके अलावा टंकियों का निर्माण भी जल निगम की ओर से किया गया था, जिसमें करीब ढाई सौ फर्मों का भुगतान तो सिर्फ सीएंडडीएस की एक ही यूनिट से किया गया है। जबकि, यूनिट 54 में भी करोड़ों रुपये के फर्जी भुगतान हुए थे। यहां तक कि विभाग की सेनटेज का भी पैसा अधिकारी और ठेकेदार मिलकर खा गए। हालांकि, यह मामला सामने आने के बाद ठेकेदार और विभाग के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज कराई गई थी।
प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना हनी ने शासन से शिकायत की थी। इसमें ठेकेदारों को गलत भुगतान के आरोप लगाए गए थे। सबसे बड़ी बात कुछ ऐसे कार्यों के लिए भी भुगतान किया गया था, जो सिर्फ कागजों में ही किए गए। इस तरह विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। शिकायत के बाद शासन ने यह जांच विजिलेंस को दे दी है। इसके बाद विजिलेंस ने विभाग से कुछ रिकार्ड भी तलब किया था। शिकायतकर्ता से भी साक्ष्य मांगे थे, जिसके लिए उन्हें नोटिस जारी किया गया था। अब बुधवार को भाजपा नेता आकाश सक्सेना हनी साक्ष्यों के साथ विजिलेंस के सामने पेश होंगे।
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-प्रमोद कुमार लोधी
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फर्जी कार्यों के भुगतान को लेकर चल रही है जल निगम के अफसरों की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर। जल निगम से किए गए करोड़ों के फर्जी भुगतान की जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है। इसको लेकर बुधवार को भाजपा नेता विजिलेंस को साक्ष्य सौपेंगें। ऐसे में विभाग के ही कुछ बड़े अफसरों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आरोप है कि विभागीय अफसरों ने साठगांठ कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया है।
समाजवादी सरकार के कार्यकाल में शहर में अरबों रुपये के विकास कार्य कराए गए थे। अधिकांश काम जल निगम की निर्माण इकाई सीएंडडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) की ओर से किए गए थे। इनमें नालों के निर्माण से लेकर राष्ट्रीय प्रशिक्षण संस्थान, झील, गेट इत्यादि शामिल हैं। इसके अलावा टंकियों का निर्माण भी जल निगम की ओर से किया गया था, जिसमें करीब ढाई सौ फर्मों का भुगतान तो सिर्फ सीएंडडीएस की एक ही यूनिट से किया गया है। जबकि, यूनिट 54 में भी करोड़ों रुपये के फर्जी भुगतान हुए थे। यहां तक कि विभाग की सेनटेज का भी पैसा अधिकारी और ठेकेदार मिलकर खा गए। हालांकि, यह मामला सामने आने के बाद ठेकेदार और विभाग के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज कराई गई थी।
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प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना हनी ने शासन से शिकायत की थी। इसमें ठेकेदारों को गलत भुगतान के आरोप लगाए गए थे। सबसे बड़ी बात कुछ ऐसे कार्यों के लिए भी भुगतान किया गया था, जो सिर्फ कागजों में ही किए गए। इस तरह विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। शिकायत के बाद शासन ने यह जांच विजिलेंस को दे दी है। इसके बाद विजिलेंस ने विभाग से कुछ रिकार्ड भी तलब किया था। शिकायतकर्ता से भी साक्ष्य मांगे थे, जिसके लिए उन्हें नोटिस जारी किया गया था। अब बुधवार को भाजपा नेता आकाश सक्सेना हनी साक्ष्यों के साथ विजिलेंस के सामने पेश होंगे।
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-प्रमोद कुमार लोधी