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मन का परिग्रह त्यागना ही उत्तम आकिंचन धर्म
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रामपुर। श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पर्यूषण पर्व का नौवां दिन आकिंचन धर्म के रूप में मनाया गया। बृहस्पतिवार की सुबह पूजा और प्रक्षाल का कार्यक्रम रहा, जिसमें सभी ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। मोक्ष की प्राप्ति के लिए रत्नाकर की भी पूजा की गई। इसके बाद तत्वार्थ सूत्र का वाचन हुआ जिसमें मथुरा से आए पलाश शास्त्री ने बहुत ही सुंदर ढंग से तत्वार्थ सूत्र का वाचन किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की श्रृंखला में महा आरती का कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसमें सभी भक्तों ने मिलकर 108 दीपकों से श्री भगवान की आरती की साथ में भाव नृत्य भी प्रस्तुत। कार्यक्रम के अंत में आदिनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष नरेश जैन ने सब का आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में दिनेश सेठी, डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार जैन,. रमेश, राजीव, बीना जैन, संजू जैन, विनीता जैन, धर्मेंद्र जैन, प्रफुल्ल जैन, पूनम जैन, सुनील जैन ,शेफाली जैन, डॉक्टर शीनू जैन, अशोक जैन, नरेश जैन, अंशिका जैन, ऋषभ जैन ,संचित, अन्वी, अंकिता और शेफाली जैन सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।
जैन मंदिर फूटामहल में सुबह अभिषेक शांतिधारा बड़े संगीत और धूमधाम से की गई। पुष्पा जी ने उत्तमा आकिंचन धर्म के बारे में सभी भक्तों को विस्तार से बताया। कहा कि जो मेरा है वह मेरा नहीं है जब तक व्यक्ति निस्परिगृही नहीं बनता है, तब तक वह उत्तमा आकिंचन धर्म का पालन नहीं कर पाता। इस मौके पर दिनेश जैन खंडेलवाल, विशाल जैन, अजय जैन, डॉ. प्रदीप जैन. डॉ.नवीन जैन, आशीष जैन, डीके जैन ,रमेश जैन, श्रेयांश जैन, समर्पण जैन, अमन जैन, खुशी जैन, राखी जैन, रुचि जैन, पारुल जैन, अनीता जैन, अलका जैन, सर्वेश जैन, सीमा जैन, नेहा जैन, अंजू जैन, वर्षा जैन, सुमन जैन. भारत भूषण जैन, शीलू जैन और प्रमोद जैन सहित अन्य कई श्रद्धालु मौजूद रहे।
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सांस्कृतिक कार्यक्रम की श्रृंखला में महा आरती का कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसमें सभी भक्तों ने मिलकर 108 दीपकों से श्री भगवान की आरती की साथ में भाव नृत्य भी प्रस्तुत। कार्यक्रम के अंत में आदिनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष नरेश जैन ने सब का आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में दिनेश सेठी, डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार जैन,. रमेश, राजीव, बीना जैन, संजू जैन, विनीता जैन, धर्मेंद्र जैन, प्रफुल्ल जैन, पूनम जैन, सुनील जैन ,शेफाली जैन, डॉक्टर शीनू जैन, अशोक जैन, नरेश जैन, अंशिका जैन, ऋषभ जैन ,संचित, अन्वी, अंकिता और शेफाली जैन सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।
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जैन मंदिर फूटामहल में सुबह अभिषेक शांतिधारा बड़े संगीत और धूमधाम से की गई। पुष्पा जी ने उत्तमा आकिंचन धर्म के बारे में सभी भक्तों को विस्तार से बताया। कहा कि जो मेरा है वह मेरा नहीं है जब तक व्यक्ति निस्परिगृही नहीं बनता है, तब तक वह उत्तमा आकिंचन धर्म का पालन नहीं कर पाता। इस मौके पर दिनेश जैन खंडेलवाल, विशाल जैन, अजय जैन, डॉ. प्रदीप जैन. डॉ.नवीन जैन, आशीष जैन, डीके जैन ,रमेश जैन, श्रेयांश जैन, समर्पण जैन, अमन जैन, खुशी जैन, राखी जैन, रुचि जैन, पारुल जैन, अनीता जैन, अलका जैन, सर्वेश जैन, सीमा जैन, नेहा जैन, अंजू जैन, वर्षा जैन, सुमन जैन. भारत भूषण जैन, शीलू जैन और प्रमोद जैन सहित अन्य कई श्रद्धालु मौजूद रहे।
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