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नगर पालिका की आय में हो सकता है 5.5 करोड़ का इजाफा
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रामपुर। नगर पालिका की ओर से शहर के 40 हजार भवनों पर टैक्स लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए नगर पालिका की ओर से जीआई (ज्योग्राफिक इंफोरमेशन) सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, जिसके बाद मार्च में सर्वे शुरूहोने की उम्मीद है। तीन माह में यह सर्वे पूरा होने के बाद जो भवन और संपत्ति चिह्नित होंगे, उन पर टैक्स लगाया जाएगा। इससे नगर पालिका की आमदनी करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये बढ़ सकती है। इस धन का इस्तेमाल शहर के विकास कार्यों में हो सकेगा।
नगर पालिका की ओर से जनता को सड़क, पानी, साफ-सफाई आदि सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। इन सुविधाओं के लिए बड़े पैमाने पर धन खर्च होता है। इस धन को जुटाने के लिए पालिका लोगों से जलकर एवं भवन कर आदि वसूलती है। नगर पालिका की आमदनी का व्यापक स्त्रोत भवन कर ही है, लेकिन अधिकतर नगर पालिकाओं में शत प्रतिशत टैक्स नहीं लगा है। लिहाजा, नगर पालिका की आमदनी में तो इजाफा नहीं हुआ, जबकि सुविधाओं के लिए आबादी का विस्तार हो गया। ऐसे में नए मकान भी बने तो कुछ पुराने मकान भी हैं, जो टैक्स के दायरे से बाहर हैं। नगर पालिका की बिगड़ती आर्थिक स्थिति के चलते जनता को भी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। शहर की सड़कों तक का बुरा हाल है।
ऐसे में अब नगर पालिका की ओर से आमदनी बढ़ाने के लिए कर के दायरे से छूटे भवनों व संपत्तियों पर टैक्स लगाया जाएगा। एक अनुमान के मुताबिक शहर में करीब 40 हजार नए भवन कर के दायरे में आ सकते हैं। इसके लिए मार्च माह में सर्वे शुरु होगा, जिसके बाद चिह्नित भवनों और संपत्तियों पर टैक्स लगाया जाएगा। नगर पालिका के अफसरों की माने तो यह काम होने के बाद नगर पालिका की आय में साढ़े पांच करोड़ रुपये की वृद्धि हो सकती है। जिससे शहर में और ज्यादा विकास कार्य कराए जा सकते हैं।
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नगर पालिका की ओर से जनता को सड़क, पानी, साफ-सफाई आदि सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। इन सुविधाओं के लिए बड़े पैमाने पर धन खर्च होता है। इस धन को जुटाने के लिए पालिका लोगों से जलकर एवं भवन कर आदि वसूलती है। नगर पालिका की आमदनी का व्यापक स्त्रोत भवन कर ही है, लेकिन अधिकतर नगर पालिकाओं में शत प्रतिशत टैक्स नहीं लगा है। लिहाजा, नगर पालिका की आमदनी में तो इजाफा नहीं हुआ, जबकि सुविधाओं के लिए आबादी का विस्तार हो गया। ऐसे में नए मकान भी बने तो कुछ पुराने मकान भी हैं, जो टैक्स के दायरे से बाहर हैं। नगर पालिका की बिगड़ती आर्थिक स्थिति के चलते जनता को भी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। शहर की सड़कों तक का बुरा हाल है।
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ऐसे में अब नगर पालिका की ओर से आमदनी बढ़ाने के लिए कर के दायरे से छूटे भवनों व संपत्तियों पर टैक्स लगाया जाएगा। एक अनुमान के मुताबिक शहर में करीब 40 हजार नए भवन कर के दायरे में आ सकते हैं। इसके लिए मार्च माह में सर्वे शुरु होगा, जिसके बाद चिह्नित भवनों और संपत्तियों पर टैक्स लगाया जाएगा। नगर पालिका के अफसरों की माने तो यह काम होने के बाद नगर पालिका की आय में साढ़े पांच करोड़ रुपये की वृद्धि हो सकती है। जिससे शहर में और ज्यादा विकास कार्य कराए जा सकते हैं।
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