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ना तो पार्किंग का इंतजाम ना ही कोई ट्रैफिक प्लान, बाजार में लगता है अक्सर जाम
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रामपुर। शहर का ट्रैफिक प्लान रामभरोसे है। इसको लेकर न तो ट्रैफिक पुलिस के पास कोई ठोस प्लान है और न ही नगरपालिका के पास। स्थिति ये है कि शहर के प्रमुख बाजारों में अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। बाजार में ई-रिक्शा, रिक्शा, ठेला, रेहड़ी और दुकानों के आगे खड़े वाहनों से जाम लग जाता है। औपचारिकता पूरी करने के लिए होमगार्ड के जवानों की ड्यूटी बाजारों में लगाई गई है, वो भी ट्रैफिक को नियंत्रित करने की बजाए आराम से बैठे रहते हैं।
शहर के बाजारों में अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि रामपुर के किसी भी मार्केट में पार्किंग के मुकम्मल इंतजाम न होना। फिर चाहे वह अनाज मंडी हो या फिर चाकू बाजार। लोग अक्सर बाजार में दुकानों के सामने ही वाहन खड़े कर चले जाते हैं। रही सही कसर ठेले वाले पूरी कर देते हैं, जो जहां चाहे वहां अपना ठेला लगाकर खड़े हो जाते हैं। इसके अलावा कुछ दुकानदार भी अपनी दुकानें बाहर तक सजा लेते हैं, जिससे मार्ग और संकरा हो जाता है। ऐसे में शाम और दोपहर के समय सभी बाजारों में भीड़ अधिक रहती है, जिससे जाम लग जाता है। आलम यह रहता है कि वाहन तो दूर लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। इससे लोगों के साथ ही बाजार में दुकानदारों को भी काफी दिक्कतें होती हैं। नगर पालिका की बात की जाए तो इस दिशा में कोई ठोस प्लानिंग तक नहीं बनाई गई है। ऐसे में दिक्कत दिन बा दिन बढ़ती जा रही है।
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शहर के बाजारों में अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि रामपुर के किसी भी मार्केट में पार्किंग के मुकम्मल इंतजाम न होना। फिर चाहे वह अनाज मंडी हो या फिर चाकू बाजार। लोग अक्सर बाजार में दुकानों के सामने ही वाहन खड़े कर चले जाते हैं। रही सही कसर ठेले वाले पूरी कर देते हैं, जो जहां चाहे वहां अपना ठेला लगाकर खड़े हो जाते हैं। इसके अलावा कुछ दुकानदार भी अपनी दुकानें बाहर तक सजा लेते हैं, जिससे मार्ग और संकरा हो जाता है। ऐसे में शाम और दोपहर के समय सभी बाजारों में भीड़ अधिक रहती है, जिससे जाम लग जाता है। आलम यह रहता है कि वाहन तो दूर लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। इससे लोगों के साथ ही बाजार में दुकानदारों को भी काफी दिक्कतें होती हैं। नगर पालिका की बात की जाए तो इस दिशा में कोई ठोस प्लानिंग तक नहीं बनाई गई है। ऐसे में दिक्कत दिन बा दिन बढ़ती जा रही है।
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