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कोरोना वायरस का असर, इस बार ईदगाह में नहीं होगी ईद की नमाज
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रामपुर। कोरोना वायरस के कारण इस बार ईद के अवसर पर ईदगाह पर ईद की सामूहिक नमाज नहीं होगी। साथ ही अलविदा जुमा पर भी सामूहिक नमाज अदा नहीं की जाएगी। जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने इस संबंध में अपील जारी की है। जिसमें ईद और अलविदा जुमा पर मस्जिदों में सिर्फ पहले से तय पांच लोगों द्वारा ही नमाज पढ़ने को कहा गया है।
कारोना वायरस की रोकथाम को हर कोई एकजुट होकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। जहां एक और मंदिरों में पर्व और उत्सवों पर सामूहिक पूजन नहीं हुए तो वहीं मस्जिदों में भी रमजान माह के प्रत्येक जुमे पर अब तक सिर्फ पांच लोगों ने ही नमाज अदा की है। कोरोना वायरस का असर धार्मिक आयोजन पर पड़ रहा है। प्रदेश में 31 मई तक लॉकडाउन लागू है, जिससे कहीं भी सार्वजनिक या धार्मिक कार्यक्रम का बड़ा आयोजन या सामूहिक आयोजन नहीं हो सकता। 22 मई को अलविदा जुमा होगा और इसके बाद ईद आएगी। हर साल ईद पर ईदगाह में हजारों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोग जुटकर नमाज अदा करते थे। इसी प्रकार अलविदा जुमा पर भी नमाजियों की भारी भीड़ रहती थी। लेकिन, इस बार कोरोना रोकथाम को लेकर लॉकडाउन लागू है और सभी से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा गया है। जामा मस्जिद की इंतजामिया कमेटी की ओर से इमाम जामा मस्जिद मुफ्ती महबूब अली और काजी व खतीब जामा मस्जिद सैयद अहमद अली उर्फ खुशनूद मियां ने अपील की है। जिसमें अलविदा जुमा और ईद पर मस्जिदों व ईदगाह पर भीड़ न जुटा कर सिर्फ पहले से तय पांच लोगों द्वारा नमाज अदा करने की अपील की गई है। लोगों से घरों में ही नमाज अदा करने और दो रकत या चार रकत नफिल अदा कर अल्लाह का शुक्र अदा करने की अपील की गई है।
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कारोना वायरस की रोकथाम को हर कोई एकजुट होकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। जहां एक और मंदिरों में पर्व और उत्सवों पर सामूहिक पूजन नहीं हुए तो वहीं मस्जिदों में भी रमजान माह के प्रत्येक जुमे पर अब तक सिर्फ पांच लोगों ने ही नमाज अदा की है। कोरोना वायरस का असर धार्मिक आयोजन पर पड़ रहा है। प्रदेश में 31 मई तक लॉकडाउन लागू है, जिससे कहीं भी सार्वजनिक या धार्मिक कार्यक्रम का बड़ा आयोजन या सामूहिक आयोजन नहीं हो सकता। 22 मई को अलविदा जुमा होगा और इसके बाद ईद आएगी। हर साल ईद पर ईदगाह में हजारों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोग जुटकर नमाज अदा करते थे। इसी प्रकार अलविदा जुमा पर भी नमाजियों की भारी भीड़ रहती थी। लेकिन, इस बार कोरोना रोकथाम को लेकर लॉकडाउन लागू है और सभी से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा गया है। जामा मस्जिद की इंतजामिया कमेटी की ओर से इमाम जामा मस्जिद मुफ्ती महबूब अली और काजी व खतीब जामा मस्जिद सैयद अहमद अली उर्फ खुशनूद मियां ने अपील की है। जिसमें अलविदा जुमा और ईद पर मस्जिदों व ईदगाह पर भीड़ न जुटा कर सिर्फ पहले से तय पांच लोगों द्वारा नमाज अदा करने की अपील की गई है। लोगों से घरों में ही नमाज अदा करने और दो रकत या चार रकत नफिल अदा कर अल्लाह का शुक्र अदा करने की अपील की गई है।
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