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Rampur News: दर्द से चीखते रहे घायल, सीएचसी में नहीं मिले डॉक्टर
Mon, 07 Sep 2026 01:49 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Mon, 07 Sep 2026 01:49 AM IST
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मिलक। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था शनिवार देर रात खुलकर सामने आ गई। अलग-अलग हादसों में घायल पांच लोग करीब दो घंटे के अंतराल में इलाज की उम्मीद लेकर सीएचसी पहुंचे लेकिन परिजनों के मुताबिक ड्यूटी पर डॉक्टर और फार्मासिस्ट मौजूद नहीं थे। दर्द से कराहते घायल इलाज के लिए परेशान रहे और तीमारदार डॉक्टर की तलाश में इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन उपचार नहीं मिल सका।
मामले की जानकारी होने के बाद भी ड्यूटी पर तैनात बताए गए चिकित्सक करीब दो घंटे बाद सीएचसी पहुंचे। उन्होंने घायलों को देखा और प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत के अनुसार जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस दौरान डॉक्टर और तीमारदारों के बीच बहस भी हुई। चिकित्सक ने एक घायल की हालत गंभीर नहीं होने और उसके नशे में होने की बात कही। उन्होंने बताया कि शाम करीब पांच बजे पोस्टमार्टम हाउस से ड्यूटी पूरी कर घर लौटे थे।
कुछ लोगों ने उनके बरेली के निजी अस्पताल में सेवाएं देने का दावा भी किया, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। घटना ने सीएचसी की आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि जब हादसे में घायल मरीज तत्काल इलाज के लिए सीएचसी पहुंचते हैं और वहां डॉक्टर ही मौजूद नहीं मिलता, तो उनकी जान की जिम्मेदारी आखिर किसकी है। देर रात अस्पताल में चिकित्सकों का न मिलना स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को उजागर करता है। लोगों ने लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग की है।
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सीएचसी में डॉक्टर के न होने की शिकायत पर चिकित्सक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब नहीं देने विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -डॉ. बासित अली, सीएचसी अधीक्षक, मिलक
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मामले की जानकारी होने के बाद भी ड्यूटी पर तैनात बताए गए चिकित्सक करीब दो घंटे बाद सीएचसी पहुंचे। उन्होंने घायलों को देखा और प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत के अनुसार जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस दौरान डॉक्टर और तीमारदारों के बीच बहस भी हुई। चिकित्सक ने एक घायल की हालत गंभीर नहीं होने और उसके नशे में होने की बात कही। उन्होंने बताया कि शाम करीब पांच बजे पोस्टमार्टम हाउस से ड्यूटी पूरी कर घर लौटे थे।
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कुछ लोगों ने उनके बरेली के निजी अस्पताल में सेवाएं देने का दावा भी किया, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। घटना ने सीएचसी की आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि जब हादसे में घायल मरीज तत्काल इलाज के लिए सीएचसी पहुंचते हैं और वहां डॉक्टर ही मौजूद नहीं मिलता, तो उनकी जान की जिम्मेदारी आखिर किसकी है। देर रात अस्पताल में चिकित्सकों का न मिलना स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को उजागर करता है। लोगों ने लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग की है।
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सीएचसी में डॉक्टर के न होने की शिकायत पर चिकित्सक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब नहीं देने विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -डॉ. बासित अली, सीएचसी अधीक्षक, मिलक