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सूबे में ई-रिक्शा वितरण पर रोक
अमर उजाला/ ब्यूरोरामपुर
Updated Tue, 26 Jul 2016 12:55 AM IST
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रामपुर के रायपुर गांव में हौसला पोषण योजना कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं को भोजन वितरण करते नगर विकास मंत्री।
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रामपुर की तरह मेरठ में भी ई-रिक्शा के लिए अपात्रों का चयन कर लिया गया। इससे नाराज नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां ने सख्ती दिखाते हुए सूबे में ई-रिक्शा वितरण पर रोक लगाते हुए मेरठ में भी वितरण की जांच बैठा दी है। प्रदेश में अब जांच के बाद ही ई-रिक्शा बांटे जाएंगे।
पिछले दिनों ने रामपुर में 391 मुफ्त ई-रिक्शा बांटे गए थे। कुछ दिन बाद आजम खां ने लाभार्थियों के चयन पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि ऐसे लोगों को भी रिक्शा पहुंच गए जो पैसे वाले हैं। उन्होंने लाभार्थियों के चयन की जांच बैठा दी है। आजम खां को मुरादाबाद में भी रिक्शा बांटने थे। कार्यक्रम की तैयारी पूरी कर ली गई थीं। लेकिन, ऐन वक्त पर उन्हें यह कहकर कार्यक्रम रद कर दिया कि पहले लाभार्थियों के चयन की जांच कराई जाएगी। इसी तरह मेरठ में भी ई-रिक्शा वितरण में मानकों की अनदेखी की गई है।
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आजम खां ने सोमवार को हौसला योजना के शुभारंभ के मौके पर कहा कि शर्म की बात है कि पैसे वाले भी गरीबों का हक छीन रहे हैं। रामपुर की तरह मेरठ भी ई-रिक्शा के लाभार्थियों के चयन में मानकों की अनदेखी की गई है। मेरठ की सूची में 30 फीसदी से ज्यादा लाभार्थी अपात्र हैं। उन्होंने कहा कि मेरठ में भी लाभार्थियों की जांच के आदेश दिए हैं। जांच में दोषी पाए जाने अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कहा कि कहीं अब बिना जांच कराए ई-रिक्शा नहीं बांटे जाएंगे। ताकि, हकदार को ही उनका हक मिल सके।
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