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नवेद मियां बोले: नवाब मोहम्मद अली खां के मकबरे का दोबारा कराएंगे निर्माण, सपा शासनकाल में तोड़ा गया
Wed, 08 Jun 2022 11:01 PM IST
प्रशांत कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर।
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 08 Jun 2022 11:01 PM IST
सार
नवेद मियां ने कहा कि नवाबों के मकबरे धरोहर हैं। इनसे हमारा इतिहास और संस्कृति जुड़ी हुई है। इसलिए इन मकबरों पर ध्यान देने की जरूरत है।
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Nawab Mohammad Ali Khan tomb
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पूर्व राज्यमंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां अपने पूर्वज नवाब मोहम्मद अली खां के मकबरे पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मकबरे को सपा शासनकाल में तोड़ दिया गया था, जिसे अब वो दोबारा तामीर कराएंगे।
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नवेद मियां ने बुधवार को नवाब मोहम्मद अली खां के मकबरे हाजिरी पेश कर जल्दी ही तामीर का काम शुरू कराए जाने की बात कही है। नवेद मियां ने बताया कि जेल रोड पर मदरसा कोहना के कब्रिस्तान में नवाब मोहम्मद अली खां का मकबरा था। नवाब मोहम्मद अली खां रामपुर रियासत के संस्थापक नवाब फैज उल्लाह खां के बड़े बेटे थे। उन्होंने 1793 में रामपुर रियासत पर हुकूमत की थी। उनके मकबरे के बराबर में कई आलिमों की कब्रें हैं। 15 फरवरी 2016 को सपा शासनकाल में इस पर जेसीबी चलवा दी गई थी। पूरा कब्रिस्तान खोद डाला गया था, लेकिन नवाब साहब की कब्र कोई जेसीबी नहीं खोद सकी थी। अब इस मकबरे का दोबारा निर्माण कार्य कराया जाएगा।
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नवेद मियां ने कहा कि लगभग दो सौ सालों तक रियासत रहे रामपुर के कई शासकों (नवाबों) की कब्रें शहर और आसपास के क्षेत्र में हैं, लेकिन देखभाल न होने की वजह से मकबरे जर्जर हालत में पहुंच गए हैं। दूसरे शासक रहे नवाब मोहम्मद अली खां के मकबरे के निर्माण कार्य के बाद अन्य नवाबों की मकबरों की हालत में सुधार का प्रयास किया जाएगा। इस मौके पर पूर्व मंत्री के पीआरओ काशिफ खां, शबाब हुसैन और शुएब खां मौजूद रहे।