फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   Mulayam had given minister status to Naved Mian even after Azams protest

Mulayam Singh: आजम खां के विरोध के बावजूद मुलायम ने नवेद मियां को दिया था ये दर्जा, टिकट देकर मांगे थे वोट

Mon, 10 Oct 2022 02:12 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर Published by: विजय पुंडीर Updated Mon, 10 Oct 2022 02:12 PM IST
सार

आजम खां के विरोध को दरकिनार करके मुलायम सिंह ने 2003 से 2007 के अपने मुख्यमंत्रित्व काल में नवेद मियां को उत्तर प्रदेश पर्यटन विकास निगम का चेयरमैन बनाकर मंत्री का दर्जा दिया था। नवेद मियां को विधान सभा का टिकट भी दिया।

विज्ञापन
Mulayam had given minister status to Naved Mian even after Azams protest
मुलायम सिंह यादव व अन्य (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुलायम सिंह यादव की सियासत का एक पहलू यह भी था कि वो रामपुर में नवाब खानदान के काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां को पसंद करते थे। आजम खां के विरोध को दरकिनार करके मुलायम सिंह ने 2003 से 2007 के अपने मुख्यमंत्रित्व काल में नवेद मियां को उत्तर प्रदेश पर्यटन विकास निगम का चेयरमैन बनाकर मंत्री का दर्जा दिया था। नवेद मियां को विधान सभा का टिकट भी दिया। तब नवेद मियां ने स्वार टांडा सीट पहली बार सपा की झोली में डाली, लेकिन आजम से प्रतिद्वंदिता के चलते उन्होंने सपा छोड़ दी और बसपा के टिकट पर उपचुनाव लड़कर फिर जीत हासिल कर ली थी।

विज्ञापन


पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां के पीआरओ काशिफ खां ने बताया कि मुलायम सिंह अच्छे राजनेता के साथ अच्छे इंसान भी थे। मुलायम सिंह के कहने पर ही अखिलेश यादव नवेद मियां के राजभवन कॉलोनी स्थित आवास पर आए थे और उनसे सपा में शामिल होने का अनुरोध किया था। तब नवेद मियां मुलायम सिंह से मिले थे और सपा में शामिल हो गए थे। मुलायम सिंह ने नवेद मियां को पर्यटन निगम का जिम्मा सौंपकर राज्यमंत्री का दर्जा देते समय आजम खां के विरोध की परवाह नहीं की थी। बतौर मुख्यमंत्री मुलायम सिंह नवेद मियां के सभी कार्य करते थे। 2005 में नवेद मियां ने आगरा महोत्सव आयोजित कराया था, जिसका उद्घाटन उनके द्वारा मुलायम सिंह यादव से कराया गया था। इस कार्यक्रम में नवेद मियां के आमंत्रण पर मुलायम सिंह के अलावा अमर सिंह और जयाप्रदा ने शिरकत की थी। 
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि 2007 में आजम ने नवेद मियां का टिकट कटवाने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी, लेकिन मुलायम सिंह ने पार्टी सिंबल दिया। मुलायम सिंह ने टांडा आकर जनसभा की थी और नवेद मियां के लिए वोट मांगे थे। इस चुनाव में आजम ने नवेद मियां को हराने का प्रयास किया था, मगर सफल नहीं हुए थे। नवेद मियां चुनाव जीते थे। इस चुनाव के बाद सपा की सरकार नहीं बनी और बसपा सत्ता में आ गई थी। आजम को विपक्ष का नेता बना दिया गया था। पार्टी के इस फैसले के विरोध में नवेद मियां ने सपा छोड़ दी थी और बसपा के टिकट पर उपचुनाव लड़कर 15वीं विधान सभा के लिए फिर जीत हासिल की थी। इसके बाद आजम से प्रतिद्वंदिता के कारण नवेद मियां के कभी सपा की तरफ मुड़कर नहीं देखा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


राजनीति के एक युग का अंत : नवेद
नेता जी मुलायम सिंह यादव का निधन दुखद है। आज राजनीति के एक युग का अंत हो गया है। वो मुझसे बहुत लगाव रखते थे। एक बार अचानक उनका फोन आया, उन्होंने जल्दी-जल्दी मुझसे कुछ कहा, लेकिन मैं समझ नहीं पाया। मैने फोन कर उनसे कहा कि आप दोबारा बता दें कि आपने क्या कहा तो वो हंसने लगे और बहुत प्यार से धीरे-धीरे पूरी बात बताई। वो तब मुख्यमंत्री थे और मैं उनकी पार्टी में था। उन्होंने मेरे द्वारा आयोजित आगरा महोत्सव का भी उद्घाटन किया था। वो आजम की तानाशाही और ब्लैकमेलिंग से दुखी थे और मैंने भी उसकी वजह से ही सपा छोड़ दी थी। –नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां, पूर्व मंत्री

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed