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यूपी: अब्दुल्ला आजम की विधायक निधि के 2.37 करोड़ रुपये हो सकते हैं वापस, शासन का निर्णय होगा अंतिम

Fri, 24 Sep 2021 12:27 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर Published by: मुरादाबाद ब्यूरो Updated Fri, 24 Sep 2021 12:27 PM IST
सार

अब्दुल्ला आजम की विधायक निधि के 2.37 करोड़ रुपये वापस हो सकते हैं शासन का निर्णय अंतिम होगा। पूरे कार्यकाल में 27 कार्यों के प्रस्ताव दिए थे।

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mla nidhi Rs 2.37 crore of Abdullah Azam MLA fund can be returned
अब्दुल्ला आजम खान - फोटो : एएनआई

विस्तार

सांसद मोहम्मद आजम खां के पुत्र अब्दुल्ला आजम के निर्वाचन को कोर्ट के आदेश के बाद शून्य घोषित कर दिया गया था। ऐसे में अब अब्दुल्ला आजम खां की विधायक निधि में बचे 2.37 करोड़ रुपये वापस हो सकते हैं। हालांकि, इसमें शासन का निर्णय ही अंतिम निर्णय होगा।
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2017 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की ओर से सांसद आजम खां के पुत्र अब्दुल्ला आजम को स्वार टांडा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया था। भाजपा ने लक्ष्मी सैनी और बहुजन समाज पार्टी के नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां को उम्मीदवार बनाया था। इस चुनाव में भले ही पूरे प्रदेश में भाजपा की बंपर जीत हुई हो, लेकिन रामपुर की तीन सीटों पर सपा ने जीत दर्ज की थी। इसमें स्वार टांडा सीट से पहली बार अब्दुल्ला आजम ने जीत दर्ज की थी। दूसरे नंबर पर भाजपा की लक्ष्मी सैनी रहीं।
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अब्दुल्ला को तब 106268 वोट मिले थे और लक्ष्मी सैनी को 53169 मत प्राप्त हुए थे। इस तरह अब्दुल्ला ने यह चुनाव 53099 वोटों से जीत दर्ज की थी। लेकिन, इसके बाद बसपा प्रत्याशी नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने अब्दुल्ला आजम खां की कम उम्र को लेकर शिकायत करनी शुरू कर दीं। वह, इस मामले को लेकर हाईकोर्ट तक गए। तमाम सबूतों को देखते हुए हाईकोर्ट 16 दिसंबर 2019 को स्वार टांडा विधानसभा सीट का निर्वाचन रद्द करने का आदेश दे दिया, जिसके बाद विधानसभा सचिवालय के प्रमुख सचिव ने निर्वाचन शून्य करते हुए सीट को रिक्त घोषित कर दिया।
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अब्दुल्ला आजम खां ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जहां सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। लिहाजा, सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 एवं 2019-20 में कुल मिलाकर 5.50 करोड़ रुपये विधायक निधि जारी की थी। जबकि, इसके बाद निर्वाचन शून्य होने की वजह से विधायक निधि जारी नहीं हो सकी।

अब्दुल्ला आजम खां इसमें से 3.12 करोड़ रुपये धनराशि खर्च कर चुके हैं, जिससे उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में 27 सीसी रोड का निर्माण कराया है। ऐसे में अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वह शेष बची 2.37 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च नहीं कर सकेंगे। विभागीय अफसरों की मानें तो यह धनराशि सरकार वापस मांग सकती है। हालांकि, यह पूरी तरह से सरकार के फैसले पर निर्भर करता है।

3.12 करोड़ के हुए काम
अब्दुल्ला आजम ने विधायक रहते अपनी निधि से कुल तीन करोड़, 12 लाख 12 हजार रुपये के प्रस्ताव दिए। जिनसे 27 सीसी रोड का निर्माण कराया गया। शेष दो करोड़, 37 लाख 88 हजार रुपये उनकी निधि में आज भी पड़े हैं।

कब कितनी धनराशि मिली
वर्ष 2017-18
डेढ़ करोड़ रुपये
वर्ष 2018-19
दो करोड़ रुपये
वर्ष 2019-20
दो करोड़ रुपये

अब्दुल्ला आजम खां की विधायक निधि में दो करोड़, 37 लाख 88 हजार रुपये शेष हैं। नियमानुसार यह धनराशि विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने के बाद शासन को वापस की जाएगी। हालांकि, यह पूरी तरह से सरकार के फैसले पर निर्भर करता है।
- पद्मकांत शुक्ला, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, रामपुर
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