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गांधी समाधि को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने को विधायक ने नहीं दी मंजूरी
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गांधी समाधि, रामपुर।
- फोटो : RAMPUR
रामपुर। गांधी समाधि को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की योजना को शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा ने मंजूरी नहीं दी है। डॉ. फात्मा ने यह कहते हुए जिला प्रशासन को फाइल वापस कर दी है कि गांधी समाधि का पहले ही बहुत विकास हो चुका है। विधायक की मंजूरी नहीं मिलने की वजह से गांधी समाधि को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए निर्धारित 28 लाख रुपये जारी नहीं हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री पर्यटन विकास योजना के तहत रामपुर में गांधी समाधि, भमरौवा मंदिर, रठौंडा मंदिर, सैनी मंदिर स्वार और नवाबगंज गुरुद्वारे का विकास कराया जाना है। पर्यटन विभाग की ओर से इसकी योजना तैयार की गई है। विभाग की ओर से प्रस्ताव जिले को भेजा गया था। जिन स्थलों का चयन किया गया था उसके लिए संबंधित विधायक से मंजूरी ली जानी थी। संबंधित विधायकों को उनके क्षेत्र की योजनाओं से संबंधित फाइल मंजूरी के लिए भेजी गई थी। स्वार विधानसभा सीट पर अभी कोई विधायक नहीं है, लिहाजा उसकी मंजूरी की आवश्यकता नहीं थी। ऐसे में सैनी मंदिर, स्वार का प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया। बाकी चमरौआ के विधायक नसीर खां, बिलासपुर के विधायक बलदेव सिंह औलख और मिलक की विधायक राजबाला ने अपने-अपने क्षेत्र की योजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। शहर विधायक और सांसद आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा ने गांधी समाधि के विकास की योजना को अपनी मंजूरी नहीं दी है। उन्होंने यह कहते हुए फाइल वापस कर दी है कि गांधी समाधि पर पहले ही बहुत विकास हो चुका है। वहां विकास और मरम्मत कार्य की आवश्यकता नहीं है। एडीएम और नगरपालिका के ईओ ने उनसे व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात कर योजना को अपनी संस्तुति देने का अनुरोध किया था। विधायक की मंजूरी नहीं मिलने की वजह से गांधी समाधि के विकास के लिए 28 लाख रुपये पर्यटन विभाग को नहीं मिल सकेंगे।
गांधी समाधि को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की योजना की फाइल विधायक डॉ. तजीन फात्मा को 20 दिन पहले भेज दी गई थी। विधायक ने यह कहते हुए फाइल वापस कर दी है कि गांधी समाधि पर पहले ही बहुत विकास कार्य हो चुके हैं। वहां नया कार्य कराए जाने की आवश्यकता नहीं है। विधायक की मंजूरी नहीं मिलने से गांधी समाधि के विकास के लिए निर्धारित 28 लाख रुपये जारी नहीं हो सकेंगे। अन्य स्थलों के प्रस्तावों को संबंधित विधायकों ने मंजूरी दे दी है।
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आन्जनेय कुमार सिंह, जिलाधिकारी
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मुख्यमंत्री पर्यटन विकास योजना के तहत रामपुर में गांधी समाधि, भमरौवा मंदिर, रठौंडा मंदिर, सैनी मंदिर स्वार और नवाबगंज गुरुद्वारे का विकास कराया जाना है। पर्यटन विभाग की ओर से इसकी योजना तैयार की गई है। विभाग की ओर से प्रस्ताव जिले को भेजा गया था। जिन स्थलों का चयन किया गया था उसके लिए संबंधित विधायक से मंजूरी ली जानी थी। संबंधित विधायकों को उनके क्षेत्र की योजनाओं से संबंधित फाइल मंजूरी के लिए भेजी गई थी। स्वार विधानसभा सीट पर अभी कोई विधायक नहीं है, लिहाजा उसकी मंजूरी की आवश्यकता नहीं थी। ऐसे में सैनी मंदिर, स्वार का प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया। बाकी चमरौआ के विधायक नसीर खां, बिलासपुर के विधायक बलदेव सिंह औलख और मिलक की विधायक राजबाला ने अपने-अपने क्षेत्र की योजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। शहर विधायक और सांसद आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा ने गांधी समाधि के विकास की योजना को अपनी मंजूरी नहीं दी है। उन्होंने यह कहते हुए फाइल वापस कर दी है कि गांधी समाधि पर पहले ही बहुत विकास हो चुका है। वहां विकास और मरम्मत कार्य की आवश्यकता नहीं है। एडीएम और नगरपालिका के ईओ ने उनसे व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात कर योजना को अपनी संस्तुति देने का अनुरोध किया था। विधायक की मंजूरी नहीं मिलने की वजह से गांधी समाधि के विकास के लिए 28 लाख रुपये पर्यटन विभाग को नहीं मिल सकेंगे।
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गांधी समाधि को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की योजना की फाइल विधायक डॉ. तजीन फात्मा को 20 दिन पहले भेज दी गई थी। विधायक ने यह कहते हुए फाइल वापस कर दी है कि गांधी समाधि पर पहले ही बहुत विकास कार्य हो चुके हैं। वहां नया कार्य कराए जाने की आवश्यकता नहीं है। विधायक की मंजूरी नहीं मिलने से गांधी समाधि के विकास के लिए निर्धारित 28 लाख रुपये जारी नहीं हो सकेंगे। अन्य स्थलों के प्रस्तावों को संबंधित विधायकों ने मंजूरी दे दी है।
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आन्जनेय कुमार सिंह, जिलाधिकारी