{"_id":"613902728ebc3e07583c9d40","slug":"lord-gensh-festival-from-today-rampur-news-mbd4019760142","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंडालों में विराजेंगे गजानन, मचेगी गणेशोत्सव की धूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंडालों में विराजेंगे गजानन, मचेगी गणेशोत्सव की धूम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर।10 सितंबर को गणेश चतुर्थी से गणेश महोत्सव की धूम शुरु हो जाएगी। शहर से लेकर गांव तक गणेशोत्सव की धूम रहती है। इस बार भी भक्तगण गणेशोत्सव की तैयारी में जुटे हुए हैं। शहर में अलग अलग स्थानों पर पंडाल सजाए जाएंगे। जिसमें श्रीगणेश की प्रतिमा स्थापना विधि विधान से करने के साथ ही कहीं एक सप्ताह तो कहीं पूरे दस दिनों तक यह उत्सव मनाया जाएगा। घरों में भी श्रद्धालु गणेश भगवान की स्थापना करेंगे। हालांकि इधर करीब दो सालों से कोविड के कारण भक्तों ने उस उत्साह से अब तक यह उत्सव नही मनाया। लेकिन इस बार भक्त पूरी तैयारी में हैं। भक्तों का कहना है कि कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए यह उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। जिसको लेकर तैयारियां चल रही है। घर मंदिर और गली चौराहों पर गणेश पंडाल सजाने को लेकर तैयारी में भक्त लगे हैं।
गणेश की मूर्तियों ने बाजार सजने लगे हैं। मिस्टनगंज, पुराना गंज, स्टेशन रोड समेत शहर में कई स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं की दुकानें सज गई हैं। मिट्टी, पीतल और धातु की गणेश प्रतिमाएं बाजार में उपलब्ध हैं। हालांकि, अभी कोई खास बिक्री शुरु नहीं हुई है।
गणेश उत्सव के लिए तरह-तरह की प्रतिमाओं का बाजार सजने लगा है। धातु की प्रतिमाओं से लेकर पक्के रंगों वाली मूर्तियों तक के इस बाजार में कच्ची मिट्टी और कच्चे रंगों की गणेश प्रतिमाएं भी उपलब्ध हैं। लेकिन, गोबर से बनी गणेश प्रतिमाएं आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण को बनाने में भी सहायक हैं। गोबर गणेश गणपति के गौर गणेश स्वरूप में रिद्धि सिद्धि के संग लक्ष्मी हैं। साथ ही असीम दैवीय सकारात्मक ऊर्जा गोमय में विद्यमान होती है। गोमय के स्पर्श एवं गंध मात्र से अनेक प्रकार के रोग दोष दूर हो जाते हैं। इस परंपरा की एक ओर खास विशेष बात यह है जो इस सदी के लिए वरदान साबित हो सकती है वह विसर्जन की क्रिया हजारों गौर गणेश निर्माण कर हम जब इनका विसर्जन सरोवरों में या खेत खलिहानों में वृक्षों में करेंगे तो यह विसर्जन मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाएगा यह रोगनाशक के रूप में सहायक होगा। पूजन से लेकर विसर्जन तक नदियों या मिट्टी को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। जलीय जीवों को भोजन और जमीन को खाद मिलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गणेश की मूर्तियों ने बाजार सजने लगे हैं। मिस्टनगंज, पुराना गंज, स्टेशन रोड समेत शहर में कई स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं की दुकानें सज गई हैं। मिट्टी, पीतल और धातु की गणेश प्रतिमाएं बाजार में उपलब्ध हैं। हालांकि, अभी कोई खास बिक्री शुरु नहीं हुई है।
विज्ञापन
गणेश उत्सव के लिए तरह-तरह की प्रतिमाओं का बाजार सजने लगा है। धातु की प्रतिमाओं से लेकर पक्के रंगों वाली मूर्तियों तक के इस बाजार में कच्ची मिट्टी और कच्चे रंगों की गणेश प्रतिमाएं भी उपलब्ध हैं। लेकिन, गोबर से बनी गणेश प्रतिमाएं आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण को बनाने में भी सहायक हैं। गोबर गणेश गणपति के गौर गणेश स्वरूप में रिद्धि सिद्धि के संग लक्ष्मी हैं। साथ ही असीम दैवीय सकारात्मक ऊर्जा गोमय में विद्यमान होती है। गोमय के स्पर्श एवं गंध मात्र से अनेक प्रकार के रोग दोष दूर हो जाते हैं। इस परंपरा की एक ओर खास विशेष बात यह है जो इस सदी के लिए वरदान साबित हो सकती है वह विसर्जन की क्रिया हजारों गौर गणेश निर्माण कर हम जब इनका विसर्जन सरोवरों में या खेत खलिहानों में वृक्षों में करेंगे तो यह विसर्जन मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाएगा यह रोगनाशक के रूप में सहायक होगा। पूजन से लेकर विसर्जन तक नदियों या मिट्टी को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। जलीय जीवों को भोजन और जमीन को खाद मिलती है।
विज्ञापन