रामपुर। 12 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें निस्तारण के लिए विभिन्न प्रकार के 23968 वाद नियत किए गए हैं।
प्रभारी जिला जज नीलू मोघा ने प्रेस वार्ता के दौरान राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान निस्तारित होने वाले वादों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि 12 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद, धारा 138 पराक्रम्य लिखित अधिनियम, बैंक वसूली वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, श्रम वाद, विद्युत एवं जल बिल विवाद (चोरी से संबंधित विवादों सहित), पारिवारिक वाद, भूमि अधिग्रहण वाद, सर्विस में वेतन संबंधित विवाद एवं सेवानिवृतिक लाभों से संबंधित विवाद, राजस्व वाद (जिला न्यायालय एवं माननीय उच्च न्यायालय में लंबित वाद) एवं अन्य सिविल वादों (किराया, सुखाधिकार, व्यवादेश, विशिष्टि अनुतोष वाद) का निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने लोक अदालत की विशेषताओं के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि लोक अदालत में आपसी सुलह समझौते के आधार पर विवादों का निस्तारण कराया जाता है। इसके लिए पक्षकार व्यक्तिगत स्तर पर स्वयं पहल कर सकता है। लोक अदालत में वादों के निस्तारण के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना पड़ता है। साथ ही लंबित मामलों के लोक अदालत में निस्तारण पर न्याय शुल्क की वापसी की भी व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि कानूनी जटिलताओं के स्थान पर लोक अदालत की प्रक्रिया सहज और आपसी समझौते पर आधारित है तथा लोक अदालत द्वारा पारित निर्णय के विरुद्ध किसी न्यायालय में कोई अपील नहीं होती है।