{"_id":"578543644f1c1b117a13eaa5","slug":"ladies-became-angry-against-police","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब महिलाओं ने पुलिस पर हमलाकर खदेड़ा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब महिलाओं ने पुलिस पर हमलाकर खदेड़ा
अमर उजाला/ ब्यूरोरामपुर
Updated Wed, 13 Jul 2016 12:52 AM IST
विज्ञापन
गांव में तैनात पुलिस कर्मी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जिले की पुलिस अब महिलाओं से भी पिट गई। मकान से कब्जा हटाने पहुंची पुलिस पर पथराव और हवाई फायरिंग भी की गई। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। बैकफुट पर आई पुलिस टीम के पांव उखड़ गए। बाद में हरकत में आई पुलिस ने मकान को खाली करा लिया। इस मामले में 22 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। दो महिलाओं और एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मामला सोमवार की देरशाम का है।
स्वार तहसील क्षेत्र के गांव धनपुर शहादरा निवासी महबूब पुत्र बन्ने अपने दो बेटों के साथ उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में कारपेंटर का कार्य करता है। कुछ दिन पूर्व गांव आने पर महबूब का एक बेटा गांव निवासी एक विवाहित महिला को भगा ले गया था। जिसके बाद से महबूब का मकान खाली पड़ा था और उसके मकान पर भागी महिला के परिजनों व रिश्तेदारों ने ताला डालकर कब्जा कर लिया था। जैसे ही इसकी भनक महबूब को लगी तो उसने पांच जुलाई को अपना मकान गांव निवासी समीना पत्नी प्यारे को पांच लाख रुपये में बेच कर रजिस्ट्री करा दी। मकान को कब्जा मुक्त कराने को अधिकारियों को प्रर्थना पत्र देकर गुहार लगाई।
सोमवार की देर शाम महबूब पुलिस बल को साथ लेकर गांव पहुंचा। जैसे ही पुलिस ने मकान को कब्जा मुक्त कराने का प्रयास किया तो कब्जा धारक महिलाओं व पुरुषों ने एकत्र होकर पुलिस पर हमला कर दिया। पुलिस से धक्का-मुक्का की गई और फिर पथराव और हवाई फायरिंग शुरू कर दी गई, जिस पर पुलिस को अपने कदम पीछे खींचने पड़े। मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। जिसके बाद जिला मुख्यालय से महिला पुलिस बुलाई गई।
विज्ञापन
पुन: भारी पुलिस के बल के साथ गांव पहुंच कर मकान के मुख्य द्वार पर ताला तोड़ कर गृह स्वामी को कब्जा दिलाया। लेकिन उसके बावजूद महिलाओं का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा था। जिसपर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए दानिश पुत्र सुल्तान, शाह जहां पत्नी नासिर, रेशमा पत्नी सुल्तान को हिरासत में ले लिया। महबूब की ओर से 22 लोगों को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। हिरासत में लिये गये दो महिलाओं और एक युवक का मंगलवार को चालान कर जेल भेज दिया। कोतवाल हरीश चंद्र जोशी ने बताया कि महिलाओं के विरोध के बावजूद मकान को कब्जा मुक्त कराकर गृह स्वामी को कब्जा दिला दिया गया है।
स्वार तहसील क्षेत्र के गांव धनपुर शहादरा निवासी महबूब पुत्र बन्ने अपने दो बेटों के साथ उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में कारपेंटर का कार्य करता है। कुछ दिन पूर्व गांव आने पर महबूब का एक बेटा गांव निवासी एक विवाहित महिला को भगा ले गया था। जिसके बाद से महबूब का मकान खाली पड़ा था और उसके मकान पर भागी महिला के परिजनों व रिश्तेदारों ने ताला डालकर कब्जा कर लिया था। जैसे ही इसकी भनक महबूब को लगी तो उसने पांच जुलाई को अपना मकान गांव निवासी समीना पत्नी प्यारे को पांच लाख रुपये में बेच कर रजिस्ट्री करा दी। मकान को कब्जा मुक्त कराने को अधिकारियों को प्रर्थना पत्र देकर गुहार लगाई।
विज्ञापन
सोमवार की देर शाम महबूब पुलिस बल को साथ लेकर गांव पहुंचा। जैसे ही पुलिस ने मकान को कब्जा मुक्त कराने का प्रयास किया तो कब्जा धारक महिलाओं व पुरुषों ने एकत्र होकर पुलिस पर हमला कर दिया। पुलिस से धक्का-मुक्का की गई और फिर पथराव और हवाई फायरिंग शुरू कर दी गई, जिस पर पुलिस को अपने कदम पीछे खींचने पड़े। मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। जिसके बाद जिला मुख्यालय से महिला पुलिस बुलाई गई।
विज्ञापन
पुन: भारी पुलिस के बल के साथ गांव पहुंच कर मकान के मुख्य द्वार पर ताला तोड़ कर गृह स्वामी को कब्जा दिलाया। लेकिन उसके बावजूद महिलाओं का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा था। जिसपर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए दानिश पुत्र सुल्तान, शाह जहां पत्नी नासिर, रेशमा पत्नी सुल्तान को हिरासत में ले लिया। महबूब की ओर से 22 लोगों को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। हिरासत में लिये गये दो महिलाओं और एक युवक का मंगलवार को चालान कर जेल भेज दिया। कोतवाल हरीश चंद्र जोशी ने बताया कि महिलाओं के विरोध के बावजूद मकान को कब्जा मुक्त कराकर गृह स्वामी को कब्जा दिला दिया गया है।