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नगर में निकला 29 मोहर्रम का जुलूस
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रामपुर। रविवार को नगर में 29 मोहर्रम का जुलूस अलम मुबारक निकाला। इस दौरान अजादारों ने मातम किया।
तंजीम-ए-अजा रामपुर के जेरे एहतमाम 29 मोहर्रम का जुलूस अलम मुबारक सुबह 11 बजे इमामबाड़ा जफर अली बेग, मोहल्ला लाल कब्र से बरामद होकर चौकी लाल कब्र, बजरिया मुल्ला जरीफ, मोती मस्जिद, किला पूर्वी गेट होकर रात 11.30 बजे इमामबाड़ा किला पहुंचा। जहां देर रात तक नोहाखानी और मातम हुआ। रात्रि 1.30 बजे अजादारों ने आग पर मातम किया। जिसे देखकर लोगों की आंखें भर आईं। जुलूस बरामद होने से पहले इमामबाड़ा जफर अली बेग, लालकब्र पर मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना अली मोहम्मद साहब ने नवासा ए रसूल हजरत इमाम हुसैन और उनके भाई हजरत अब्बास की मोहब्बत व वफादारी पर रोशनी डाली। साथ ही इस्लाम को बचाने के लिए कर्बला वालों की शहादत का मकसद बयां किया। जुलूस में स्थानीय व बाहर के अंजुमनों ने शिरकत की। इनमें अजा-इलाहाबाद, अंजुमन अब्बासिया-जलालपुर, अंजुमन काज मियां-लखनऊ, फ़ौज-ए-हुसैनी-मेरठ, रजा-ए-हुसैनी, अमरोहा,पंजतनी-सिरसी, गुल्दस्ता-ए-हैदरी-बरेली, शान-ए-हैदरी कुंदरकी, अंजुमन मोहाफिजे अब्दिया गुलमान-ए-हुसैनी रामपुर, कायम-ए-अजा, रामपुर, परचम-ए अब्बास, रामपुर और सिपाह-ए-हुसैनी रामपुर ने नोहाखानी और मातम किया। निजामत राशिद हिलाल ने की। जुलूस में स्थानीय व बाहर से आये हजारों जायरीनों ने शिरकत की। जगह-जगह पानी, चाय, शर्बत आदि की व्यवस्था की गई थी। भारी पुलिस बल मौजूद रहा, जुलूस कमेटी ने पुलिस व प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्था की सराहना की। जुलूस में मेहंदी हुसैन उर्फ मुन्ने मियां, वसीम हैदर जैदी, सलीम हैदर जैदी, बाबर हुसैन रिजवी, हसीन अफजल जैदी, मोहसिन हुसैन, मिक्की, शान जैदी, दानिश काजमी, शाहवेज जैदी, याबर हुसैन, फैसल हुसैन, इमरान हुसैन, अदीब रिजवी, ताबिश, सईद, इरफान व डॉ. गाजी अब्बास आदि सैकड़ों अकीदतमंद मौजूद रहे।
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तंजीम-ए-अजा रामपुर के जेरे एहतमाम 29 मोहर्रम का जुलूस अलम मुबारक सुबह 11 बजे इमामबाड़ा जफर अली बेग, मोहल्ला लाल कब्र से बरामद होकर चौकी लाल कब्र, बजरिया मुल्ला जरीफ, मोती मस्जिद, किला पूर्वी गेट होकर रात 11.30 बजे इमामबाड़ा किला पहुंचा। जहां देर रात तक नोहाखानी और मातम हुआ। रात्रि 1.30 बजे अजादारों ने आग पर मातम किया। जिसे देखकर लोगों की आंखें भर आईं। जुलूस बरामद होने से पहले इमामबाड़ा जफर अली बेग, लालकब्र पर मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना अली मोहम्मद साहब ने नवासा ए रसूल हजरत इमाम हुसैन और उनके भाई हजरत अब्बास की मोहब्बत व वफादारी पर रोशनी डाली। साथ ही इस्लाम को बचाने के लिए कर्बला वालों की शहादत का मकसद बयां किया। जुलूस में स्थानीय व बाहर के अंजुमनों ने शिरकत की। इनमें अजा-इलाहाबाद, अंजुमन अब्बासिया-जलालपुर, अंजुमन काज मियां-लखनऊ, फ़ौज-ए-हुसैनी-मेरठ, रजा-ए-हुसैनी, अमरोहा,पंजतनी-सिरसी, गुल्दस्ता-ए-हैदरी-बरेली, शान-ए-हैदरी कुंदरकी, अंजुमन मोहाफिजे अब्दिया गुलमान-ए-हुसैनी रामपुर, कायम-ए-अजा, रामपुर, परचम-ए अब्बास, रामपुर और सिपाह-ए-हुसैनी रामपुर ने नोहाखानी और मातम किया। निजामत राशिद हिलाल ने की। जुलूस में स्थानीय व बाहर से आये हजारों जायरीनों ने शिरकत की। जगह-जगह पानी, चाय, शर्बत आदि की व्यवस्था की गई थी। भारी पुलिस बल मौजूद रहा, जुलूस कमेटी ने पुलिस व प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्था की सराहना की। जुलूस में मेहंदी हुसैन उर्फ मुन्ने मियां, वसीम हैदर जैदी, सलीम हैदर जैदी, बाबर हुसैन रिजवी, हसीन अफजल जैदी, मोहसिन हुसैन, मिक्की, शान जैदी, दानिश काजमी, शाहवेज जैदी, याबर हुसैन, फैसल हुसैन, इमरान हुसैन, अदीब रिजवी, ताबिश, सईद, इरफान व डॉ. गाजी अब्बास आदि सैकड़ों अकीदतमंद मौजूद रहे।