Rampur: एडिश्नल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट निशांत मान बने मऊ के एडीजे, तैनाती के दौरान सुनाए कई चर्चित फैसले
निशांत मान ने 27 अक्तूबर 2022 को आजम खां को सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने आजम खां की विधायकी निरस्त कर दी थी और प्रशासन ने उनके वोट देने का अधिकार भी समाप्त कर दिया है।
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रामपुर में एडिश्नल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात निशांत मान का प्रमोशन हो गया है। पिछले दिनों हाईकोर्ट की ओर से न्यायिक अधिकारियों जो पदोन्नति दी गई है, उसमें मान का नाम भी शामिल है। प्रमोशन के साथ ही उनका तबादला मऊ जनपद के लिए हो गया है। अब वो एडीजे बन गए हैं।
मान की रामपुर में तैनाती 13 अप्रैल 2021 से थी। अपनी तैनाती के दौरान उन्होंने कई चर्चित फैसले सुनाए थे। जिसमें नफरती भाषण के मामले में आजम खां को तीन साल की कैद और छह हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा भी शामिल है। इसके अलावा मान ने कई पूर्व विधायकों के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन के मामले में सजा सुनाई थी।
अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में अगली सुनवाई 31 को
सपा विधायक अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र होने के आरोप में दर्ज मुकदमे में सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मुकदमे की अगली सुनवाई 31 जनवरी को होगी। भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र होने के मामले में गंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मुकदमे में सपा नेता आजम खां और उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा भी आरोपी हैं।
पुलिस इस मामले में तीनों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इस मामले में आजम खां, डॉ. फात्मा और अब्दुल्ला जमानत पर चल रहे हैं। इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है। सोमवार को इस मामले की सुनवाई थी। वादी के अधिवक्ता संदीप सक्सेना के मुताबिक पीठ के खाली होने की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले में अगली सुनवाई 31 जनवरी को होगी।
नफरती भाषण के मुकदमे की अगली सुनवाई 31 को
एमपी-एमएलए कोर्ट में सोमवार को सपा नेता आजम खां के खिलाफ नफरती भाषण देने के आरोप में शहजादनगर थाने में दर्ज मुकदमे की सुनवाई थी। सोमवार को आजम खां के बयान दर्ज होने थे। पीठ के खाली होने की वजह से इस मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 31 जनवरी को होगी।