जयाप्रदा को राहत: कोर्ट में पेश हुईं पूर्व सांसद व अभिनेत्री, मिली जमानत
दोनों मामलों में 25-25 हजार रुपये के एक-एक जमानती दाखिल करने के बाद कोर्ट ने जयाप्रदा को जमानत दे दी। इस दौरान जयाप्रदा लगभग एक घंटे तक कोर्ट में रहीं।
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गैर जमानती वारंट होने के बाद पूर्व सांसद और फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा ने बुधवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इसके बाद उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत का प्रार्थनापत्र दाखिल किया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद 25 हजार रुपये का एक जमानती और इतनी धनराशि का मुचकला दाखिल करने पर उनको जमानत दे दी।
जयाप्रदा 2019 के लोकसभा चुनाव में रामपुर संसदीय सीट से भाजपा की प्रत्याशी थीं। उनके खिलाफ स्वार और केमरी थाने में आचार संहिता उल्लंघन के दो मामले दर्ज किए गए थे। उन पर आरोप है कि स्वार थाना क्षेत्र के गांव नूरपुर में उन्होंने 19 अप्रैल 2019 को एक सड़क का उद्घाटन किया। इसका वीडियो वायरल हुआ था। जिसके आधार पर फलाइंग स्कवॉड मजिस्ट्रेट-34 स्वार डॉ. नीरज कुमार पराशरी ने आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज कराया था। दूसरा मामला केमरी में दर्ज हुआ था। आरोप है कि 18 अप्रैल 2019 को केमरी के गांव पिपलिया मिश्र में आयोजित जनसभा में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिसको चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए वीडियो निगरानी टीम के प्रभारी कुलदीप भटनागर ने मुकदमा दर्ज कराया था। दोनों मुकदमों की विवेचना के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी।
इन दोनों मुकदमों की सुनवाई एमपी-एमपीएल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है। मुकदमों की सुनवाई के दौरान लगातार गैर हाजिर रहने पर कोर्ट ने 15 नवंबर को हुई सुनवाई के दौरान उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। 20 दिसंबर को कोर्ट ने इस मामले में उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट करने के आदेश दिए हैं। साथ ही एसपी को पत्र भेजकर कोर्ट ने कहा था कि पूर्व सांसद को पुलिस न्यायालय में पेश करें। पूर्व सांसद ने बुधवार की सुबह लगभग 10 बजे से एमपी-एमएलए कोर्ट में अपने अधिवक्ता के माध्यम से सरेंडर कर दिया। इसके बाद उन्होंने जमानत का प्रार्थनापत्र दाखिल किया। प्रार्थनापत्र पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने आचार संहिता उल्लंघन के दो मामलों में 25 हजार रुपये का एक जमानती और इतनी की धनराशि का मुचलका दाखिल करने पर उनको जमानत दे दी। इस दौरान लगभग एक घंटे तक पूर्व सांसद कोर्ट में रहीं।
गोपनीय तरीके से जयाप्रदा पहुंची कोर्ट
आचार संहिता उल्लंघन के दो मामलों में कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद पूर्व सांसद जयाप्रदा ने बुधवार को गोपनीय तरीके से कोर्ट पहुंच गईं। कोर्ट खुलते ही लगभग दस बजे उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सरेंडर कर दिया। हालांकि इन दोनों मामलों में ही पहले से 09 जनवरी की तिथि तय थी। लेकिन पांच दिन पहले ही उन्होंने गोपनीय तरीके से कोर्ट में पेश होकर अपनी जमानत कराई।
कोर्ट रूम में चली आजम खां के भाषण की सीडी
सपा नेता आजम खां के खिलाफ टांडा थाने में दर्ज एससी-एसटी एक्ट में मुकदमे की सुनवाई के दौरान कोर्ट रूप में उनके भाषण की सीडी की चलाई गई। इसके बाद तीन सदस्यीय कमेटी के नेतृत्व में सीडी की हू-ब-हू कॉपी तैयार कर कोर्ट में पेश की गई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 07 जनवरी को होगी।
2007 के विधानसभा चुनाव के दौरान आजम खां ने टांडा में एक जनसभा को संबोधित किया था। बसपा नेता धीरज शील ने टांडा कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि आजम खां जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया है। तहरीर के आधार पर आजम खां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर लिया गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। जिसके बाद कोर्ट ने 30 अक्तूबर 2021 को आजम खां पर आरोप तय कर दिए थे। इस मामले में आजम खां की जमानत पहले ही मंजूर हो चुकी है। अब यह मामला एमपी-एमएलए कोर्ट सेशन ट्रायल में चल रहा है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में आजम खां के भाषण की सीडी सुनी गई। कोर्ट के आदेश पर तीन सदस्यीय कमेटी ने एनआईसी में भाषण का हू-ब-हू रूपांतरण कर सीडी तैयार कर पेश की। अब इस मामले की अगली सुनवाई सात जनवरी होगी।