रामपुर। मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में आत्मनिर्भर भारत वास्तविकता या मिथक शीर्षक पर एक राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए डॉ. पुलकित अग्रवाल ने कहा कि एक समय था कि भारत में एक भी पीपीई किट और एन-95 मास्क नहीं बनाए जाते थे तथा इनका आयत किया जाता था, किन्तु अब आत्मनिर्भर भारत अभियान के कारण प्रतिदिन दो लाख पीपीई किट तथा दो लाख एन-95 मास्क का उत्पादन कर रहा है, जिनका अब निर्यात भी हो रहा है।
इसके पश्चात भारतीय आर्थिक स्थिति के अध्यक्ष वीके मल्होत्रा और सचिव जेके मदान ने आत्मनिर्भर भारत अभियान की विशेषता तथा महत्ता पर प्रकाश डाला। मुख्य संयोजक डॉ. अनुराग अग्रवाल ने सभी लोगों का स्वागत संबोधन करते हुए आभार व्यक्त किया तथा कहा कि आज आत्मनिर्भर अभियान के कारण ही भारत की कंपनी भारत बायोटेक कोविड-19 की वैक्सीन बनाने के समीप है। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार के प्रथम अतिथि वक्ता डॉ. अनिर्बान सरकार ने बताया कि किस प्रकार से हम सब मिल कर आत्मनिर्भर भारत बनाने का प्रयास कर सकते हैं। आजादी के बाद के दशकों में राज्य द्वारा संचालित भारी उद्द्योगों और सामरिक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता ने भारत को अधिकांश विकासशील देशों से आगे रखा था। इसी प्रकार हम सब भारतियों को एक बार फिर से यह कार्य करने कि आवश्यकता है। भारत पूरी तरह से तीसरी औद्योगिक क्रांति से चूक गया, जिसमें तथाकथित समाप्त हुए दशक के दौरान इलेक्ट्रॉनिक सामान, माइक्रो प्रोसेसर, पर्सनल कंप्यूटर, मोबाइल फोन, विकेन्द्रित विनिर्माण तथा वैश्विक मूल्य श्रंखलाएं शामिल हैं। इस वेबिनार के द्वितीय अतिथि वक्ता डॉ. कलवनजीत कौर ने बताया कि हमें वास्तविक स्वायतता या नई तकनीकी दिशाओं में परिवर्तन के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। इसके बजाय कार्य के लिए क्षमता और पैमाने के साथ सार्वजनिक उपक्रमों को कम किया गया था। साथ ही कई नवगत अनुसंधान और विकास प्रयासों की देश को आवश्यकता है। अंत में यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सुल्तान मोहम्मद खान ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में डॉ. शुमाइला नईम, राबिया खान, माहिरा अखलाक, जीशान खान, सैय्यद साईम, मुहम्मद अली, ऐमन खान, कमलेश कुमार, मोहम्मद सलमान, जमीर अहमद रिजवी, यासीन खान आदि का सहयोग रहा।