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बिना प्रशिक्षण के ही बन गए गुरुजी, बच्चों को दे रहे शिक्षा
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बिना प्रशिक्षण के ही बन गए गुरुजी, बच्चों को दे रहे शिक्षा
69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत जिले में हुई थी 1240 शिक्षकों की नियुक्ति
रामपुर। जिले में 69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत करीब दो साल पहले 1240 शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी, जिसमें करीब 50 प्रतिशत शिक्षक ऐसे थे जो बीएड डिग्रीधारक थे। बीएड डिग्रीधारकों का चयन हुआ था तो राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की गाइडलाइन के अनुसार उनको छह महीने का एलीमेंट्री एजुकेशन पर आधारित अनिवार्य प्रशिक्षण कराया जाना था, लेकिन रामपुर में अब तक यह प्रशिक्षण नहीं दिया जा सका है।
प्रशिक्षण में सिखाया जाना था छोटे बच्चों को पढ़ाने का तौर तरीका
रामपुर। छह माह के ब्रिज कोर्स के तहत बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों को छोटे बच्चों को पढ़ाने का तौर तरीका सिखाया जाना था। क्योंकि, बीएड और डीएलएड (बीटीसी) का पाठ्यक्रम अलग होता है। बीएड में छोटे बच्चों को पढ़ाने के लिए कोई खास प्रशिक्षण नहीं दिया जाता। बीएड की पढ़ाई के दौरान उनका प्रशिक्षण ज्यादातर टीजीटी पर आधारित होता है। लिहाजा, इसका उद्देश्य यही था कि शिक्षकों को बताया जा सके कि छोटे बच्चों को किस तरह से पढ़ाया जाए और उनके साथ शिक्षकों का बर्ताव कैसा होना चाहिए।
- प्रशिक्षण के संबंध में अभी तक शासन से निर्देश नहीं मिले हैं। निर्देश मिलते ही प्रशिक्षण करवा दिया जाएगा।
- कल्पना सिंह, बीएसए, रामपुर।
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69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत जिले में हुई थी 1240 शिक्षकों की नियुक्ति
रामपुर। जिले में 69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत करीब दो साल पहले 1240 शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी, जिसमें करीब 50 प्रतिशत शिक्षक ऐसे थे जो बीएड डिग्रीधारक थे। बीएड डिग्रीधारकों का चयन हुआ था तो राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की गाइडलाइन के अनुसार उनको छह महीने का एलीमेंट्री एजुकेशन पर आधारित अनिवार्य प्रशिक्षण कराया जाना था, लेकिन रामपुर में अब तक यह प्रशिक्षण नहीं दिया जा सका है।
प्रशिक्षण में सिखाया जाना था छोटे बच्चों को पढ़ाने का तौर तरीका
रामपुर। छह माह के ब्रिज कोर्स के तहत बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों को छोटे बच्चों को पढ़ाने का तौर तरीका सिखाया जाना था। क्योंकि, बीएड और डीएलएड (बीटीसी) का पाठ्यक्रम अलग होता है। बीएड में छोटे बच्चों को पढ़ाने के लिए कोई खास प्रशिक्षण नहीं दिया जाता। बीएड की पढ़ाई के दौरान उनका प्रशिक्षण ज्यादातर टीजीटी पर आधारित होता है। लिहाजा, इसका उद्देश्य यही था कि शिक्षकों को बताया जा सके कि छोटे बच्चों को किस तरह से पढ़ाया जाए और उनके साथ शिक्षकों का बर्ताव कैसा होना चाहिए।
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- प्रशिक्षण के संबंध में अभी तक शासन से निर्देश नहीं मिले हैं। निर्देश मिलते ही प्रशिक्षण करवा दिया जाएगा।
- कल्पना सिंह, बीएसए, रामपुर।