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ग्लैंडर्स पीड़ित घोड़ी को अनुमति के बाद मारा
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Thu, 14 Jun 2018 12:09 AM IST
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बिलासपुर के धावनी बुजुर्ग गांव के जंगल में ग्लैंडर्स एवं फार्सी संक्रामक बीमारी से ग्रस्त मादा अश्व को मारने जाती टीम। - अमर उजाला
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प्रशासनिक मंजूरी के बाद क्षेत्र में ग्लैंडर्स और फार्सी संक्रमण से पीड़ित एक घोड़ी को पशु चिकित्सकों की मौजूदगी में मारकर दफन किया गया। पशु चिकित्साधिकारी डा. रामपाल सिंह ने बताया कि 23 मई को उन्होंने ग्लैंडर्स एवं फार्सी संक्रमण की आशंका को लेकर क्षेत्र के बीस अश्वों के रक्त नमूने जांच के लिए हरियाणा स्थित प्रयोगशाला में भेजे थे।
जांच में पूरे जिले में तीन केस पॉजिटिव पाए गए थे। जिसमें स्वार क्षेत्र के ग्राम मानपुर निवासी रियासत और इबले हसन के अश्व में तथा खजुरिया थाना क्षेत्र के ग्राम धावनी बुजुर्ग निवासी मोहम्मद आरिफ की अश्व में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। रिपोर्ट आने पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. केपी सिंघल ने बीमारी को घातक और लाइलाज बताते हुए तीनों पशुओं को मारने की अनुमति डीएम से मांगी थी।
डीएम ने एसडीएम दुर्गाशंकर गुप्ता को निर्देश दिए थे कि वह अपने सामने गठित टीम से बीमारी युक्त घोड़ी को यूथेनेसिया यानि दर्द रहित मौत करवाएं। एसडीएम के निर्देशन में पशु चिकित्सकों की आठ सदस्यीय टीम बुधवार को खजुरिया पुलिस के साथ धावनी बुजुर्ग के जंगल में पहुंची जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने एहतियात के साथ इंजेक्शन लगाकर घोड़ी का दर्द रहित मौत देकर दफन कर दिया।
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इस दौरान एसडीएम दुर्गाशंकर गुप्ता, खजुरिया थाना प्रभारी ऋषिपाल सिंह, डा. रामपाल सिंह, डा. समर राही, डा. अजय कुमार वर्मा, सत्यदेव प्रकाश गुप्ता, अनिरुद्ध सागर, अरविंद कुमार, रोशन लाल, महेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
जांच में पूरे जिले में तीन केस पॉजिटिव पाए गए थे। जिसमें स्वार क्षेत्र के ग्राम मानपुर निवासी रियासत और इबले हसन के अश्व में तथा खजुरिया थाना क्षेत्र के ग्राम धावनी बुजुर्ग निवासी मोहम्मद आरिफ की अश्व में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। रिपोर्ट आने पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. केपी सिंघल ने बीमारी को घातक और लाइलाज बताते हुए तीनों पशुओं को मारने की अनुमति डीएम से मांगी थी।
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डीएम ने एसडीएम दुर्गाशंकर गुप्ता को निर्देश दिए थे कि वह अपने सामने गठित टीम से बीमारी युक्त घोड़ी को यूथेनेसिया यानि दर्द रहित मौत करवाएं। एसडीएम के निर्देशन में पशु चिकित्सकों की आठ सदस्यीय टीम बुधवार को खजुरिया पुलिस के साथ धावनी बुजुर्ग के जंगल में पहुंची जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने एहतियात के साथ इंजेक्शन लगाकर घोड़ी का दर्द रहित मौत देकर दफन कर दिया।
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इस दौरान एसडीएम दुर्गाशंकर गुप्ता, खजुरिया थाना प्रभारी ऋषिपाल सिंह, डा. रामपाल सिंह, डा. समर राही, डा. अजय कुमार वर्मा, सत्यदेव प्रकाश गुप्ता, अनिरुद्ध सागर, अरविंद कुमार, रोशन लाल, महेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।