{"_id":"691f7b8f28e41cc7fb073364","slug":"friendship-with-books-will-help-you-get-rid-of-mobile-addiction-rampur-news-c-282-1-rmp1027-158281-2025-11-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur News: मोबाइल की लत को छुड़ाएगी किताबों की दोस्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur News: मोबाइल की लत को छुड़ाएगी किताबों की दोस्ती
Fri, 21 Nov 2025 02:05 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Fri, 21 Nov 2025 02:05 AM IST
विज्ञापन
रामपुर। परिषदीय विद्यालयों के साथ माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को मोबाइल की लत से मुक्त करने के लिए किताबों से जोड़ने की पहल शुरू की जाएगी। शिक्षा विभाग से बच्चों किताब संग बचपन अभियान की शुरूआत की जा रही है।
अभियान का उद्देश्य न केवल शैक्षिक सुधार है, बल्कि उन अभिभावकों की बढ़ती चिंता को भी कम करना है जो बच्चों की मोबाइल की लत से परेशान हैं। यह पहल विद्यार्थियों में एकाग्रता, अभिव्यक्ति और पठन संस्कृति को पुनर्जीवित करने के साथ उन्हें डिजिटल आकर्षण से बाहर निकालकर विचार, ज्ञान और संवेदना की वास्तविक दुनिया से जोड़ने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम साबित होगा।
अभियान के तहत प्रत्येक सप्ताह पुस्तक पठन दिवस का आयोजन विद्यालयों में किया जाएगा। इस दिन पाठ्यक्रम के अलावा किताबें जैसे कहानी, जीवनी, विज्ञान व बाल साहित्य पढ़ने के लिए विद्यार्थियों को दिया जाएगा। प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों से उनकी पसंदीदा किताबों को पूछा जाएगा। प्रतियोगिताओं में अव्वल आने वाले विद्यार्थियों को ट्रॉफी व मेडल देने के स्थान पर उनकी पसंद की किताबें दी जाएंगी।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
शासन से निर्देश मिलने के बाद विद्यालयों को आदेश पत्र जारी किया जाएगा। किताबें मन को स्थिर करती हैं, ध्यान केंद्रित करना सिखाती हैं, जो मोबाइल से नहीं मिल सकता है। बच्चों की मोबाइल की लत छुड़ाने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं,जिससे बच्चों का पढ़ाई में मन लग सके। -अंजलि अग्रवाल, डीआईओएस
विज्ञापन
अभियान का उद्देश्य न केवल शैक्षिक सुधार है, बल्कि उन अभिभावकों की बढ़ती चिंता को भी कम करना है जो बच्चों की मोबाइल की लत से परेशान हैं। यह पहल विद्यार्थियों में एकाग्रता, अभिव्यक्ति और पठन संस्कृति को पुनर्जीवित करने के साथ उन्हें डिजिटल आकर्षण से बाहर निकालकर विचार, ज्ञान और संवेदना की वास्तविक दुनिया से जोड़ने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम साबित होगा।
विज्ञापन
अभियान के तहत प्रत्येक सप्ताह पुस्तक पठन दिवस का आयोजन विद्यालयों में किया जाएगा। इस दिन पाठ्यक्रम के अलावा किताबें जैसे कहानी, जीवनी, विज्ञान व बाल साहित्य पढ़ने के लिए विद्यार्थियों को दिया जाएगा। प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों से उनकी पसंदीदा किताबों को पूछा जाएगा। प्रतियोगिताओं में अव्वल आने वाले विद्यार्थियों को ट्रॉफी व मेडल देने के स्थान पर उनकी पसंद की किताबें दी जाएंगी।
विज्ञापन
शासन से निर्देश मिलने के बाद विद्यालयों को आदेश पत्र जारी किया जाएगा। किताबें मन को स्थिर करती हैं, ध्यान केंद्रित करना सिखाती हैं, जो मोबाइल से नहीं मिल सकता है। बच्चों की मोबाइल की लत छुड़ाने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं,जिससे बच्चों का पढ़ाई में मन लग सके। -अंजलि अग्रवाल, डीआईओएस