{"_id":"58ac88a54f1c1b9954b24794","slug":"firing-in-pipli-van","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीपली वन में फिर फायरिंग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीपली वन में फिर फायरिंग
अमर उजाला ब्यूरो मिलक खानम/रामपुर
Updated Wed, 22 Feb 2017 12:06 AM IST
विज्ञापन
मिलक खानम के पास पकड़ा गया खैर की लकड़ी से भरा मिनी ट्रक।
विज्ञापन
पीपली वन में वन कर्मियों और लकड़ी तस्करों ने फिर फायरिंग हुई। वन कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से लकड़ी तस्करों को खदेड़ दिया। तस्कर खैर की लकड़ी से लदा ट्रक भी छोड़कर भाग गए। वन कर्मियों ने ट्रक को कब्जे में लेकर वन में कांबिंग की। लकड़ी तस्करों से बरामद लकड़ी लाखों रुपये की बताई जा रही है।
पीपली वन में लकड़ी का अवैध कटान जारी है। वन विभाग लकड़ी तस्करों की नकेल नहीं कस पा रही है। तस्करों को खदेड़ने के लिए पुलिस और ग्रामीणों की मदद ली जा रही है। सोमवार की रात करीब 10 बजे रेंजर माजिद इब्राहीम अपने साथियों के साथ गस्त पर जा रहे थे। इस दौरान अज्जूवाला मोड़ पर जंगल की ओर से लकड़ी से लदा ट्रक आता दिखाई दिया। शक पर वन कर्मियों ने ट्रक रोकने का इशारा किया। लेकिन चालक ने ट्रक की स्पीड और तेज कर दी। यह देखकर रेंजर भी अपनी जीप दौड़ाकर ट्रक का पीछा किया। वन विभाग की जीप नजदीक आती देखकर लकड़ी तस्करों ने फायरिंग कर दी।
विज्ञापन
तभी रेंजर ने सूचना थाने और कुम्हरिया गांव के लोगों को दी। वन कर्मियों ने ग्रामीण और पुलिस की मदद से ट्रक टाहकला गांव के पास घेर लिया। लकड़ी तस्कर अंधेरा का लाभ उठाकर ट्रक छोड़कर भाग गए। बाद में वन कर्मियों ने खैर की लकड़ी से लदा ट्रक कब्जे में लिया। ट्रक में खैर की छिली हुइ लकडी भरी हुई थी। लकड़ी की कीमत लगभग तीन लाख रूपये बतायी जा रही है। रेंजर के मुताबिक शाकिर सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। लकड़ी तस्करों के भाग जाने के बाद भी वन कर्मियों ने गश्त की।
विज्ञापन