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भाकियू ने निकाला जुलूस, प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो/रामपुर
Updated Tue, 01 Mar 2016 11:22 PM IST
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गन्ना मूल्य भुगतान समेत कई समस्याओं को लेकर धरना देने पहुंचे किसानों को पुलिस ने कलेक्ट्रेट गेट पर ही रोक लिया। ये देखकर किसानों का पारा चढ़ गया। वो पुलिसकर्मियों को धकियाते हुए कलेक्ट्रेट में घुस गए। प्रदर्शन कर धरना दिया और ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रीय आह्वान पर भाकियू कार्यकर्ता मंगलवार को कलेक्ट्रेट में पहुंचे।
पहले पंचायत की और जिलाध्यक्ष गुरविंदर सिंह, मंडल सचिव परशुराम शर्मा के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने किसानों को देखकर मेन गेट बंद कर दिया। ये देखकर किसानों का पारा और चढ़ गया। गेट खोलने को लेकर पुलिसकर्मियों से तीखी नोकझोंक होने लगी।
किसान पुलिसकर्मियों को धकियाते हुए गेट खोलकर कलेक्ट्रेट में घुस गए। कुछ देर प्रदर्शन के बाद वहीं धरने पर बैठ गए। इसके बाद नगर मजिस्ट्रेट ज्ञापन लेने पहुंचे। डीएम को संबोधित ज्ञापन में कहा कि किसानों को एक मुश्त गन्ने का भुगतान दिलाया जाए।
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बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद फसल का शीघ्र मुआवजा, गेहूं क्रय केंद्र खोलने, ग्रामीण क्षेत्र के बिजली घरों की क्षमता बढ़ाने, बिजलीकर्मियों की ओर से हो रहे उत्पीड़न पर रोक लगाने, राशन वितरण में सुधार, कृषि बीमा का पूरा लाभ क्लेम दिलाने की मांग की। किसानों का कहना था कि ब्लाकों को डार्क जोन से निकाला जाए।
ज्ञापन देने वालों में जिला महासचिव चौधरी सुनील कुमार, शिवदेव सिंह, डा. सुनील मौैर्य, मेहंदी हसन, मुहम्मद रफीक, गुरमीत सिंह, रंजीत सिंह, मुहम्मद उस्मान, लखविंदर सिंह, महेंद्र सिंह, पूरन, अब्दुल गफूर खां, प्रेमपाल यादव, रंजीत सिंह, उमेश चंद पटेल भी शामिल थे।
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पहले पंचायत की और जिलाध्यक्ष गुरविंदर सिंह, मंडल सचिव परशुराम शर्मा के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने किसानों को देखकर मेन गेट बंद कर दिया। ये देखकर किसानों का पारा और चढ़ गया। गेट खोलने को लेकर पुलिसकर्मियों से तीखी नोकझोंक होने लगी।
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किसान पुलिसकर्मियों को धकियाते हुए गेट खोलकर कलेक्ट्रेट में घुस गए। कुछ देर प्रदर्शन के बाद वहीं धरने पर बैठ गए। इसके बाद नगर मजिस्ट्रेट ज्ञापन लेने पहुंचे। डीएम को संबोधित ज्ञापन में कहा कि किसानों को एक मुश्त गन्ने का भुगतान दिलाया जाए।
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बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद फसल का शीघ्र मुआवजा, गेहूं क्रय केंद्र खोलने, ग्रामीण क्षेत्र के बिजली घरों की क्षमता बढ़ाने, बिजलीकर्मियों की ओर से हो रहे उत्पीड़न पर रोक लगाने, राशन वितरण में सुधार, कृषि बीमा का पूरा लाभ क्लेम दिलाने की मांग की। किसानों का कहना था कि ब्लाकों को डार्क जोन से निकाला जाए।
ज्ञापन देने वालों में जिला महासचिव चौधरी सुनील कुमार, शिवदेव सिंह, डा. सुनील मौैर्य, मेहंदी हसन, मुहम्मद रफीक, गुरमीत सिंह, रंजीत सिंह, मुहम्मद उस्मान, लखविंदर सिंह, महेंद्र सिंह, पूरन, अब्दुल गफूर खां, प्रेमपाल यादव, रंजीत सिंह, उमेश चंद पटेल भी शामिल थे।