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रजा लाइब्रेरी में पवित्र कुरान तथा खत्ताती नमूनों की प्रदर्शनी लगी
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रामपुर। रमजान माह में रजा लाइब्रेरी के दरबार हाल में पवित्र कुुरान तथा खत्ताती (कैलीग्राफी) के नमूनों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
प्रदर्शनी का उद्घाटन मदरसा फुरकानिया के प्रबंधक डॉ. शआइरुल्लाह खां और रजा लाइब्रेरी के लाइब्रेरियन डॉ. अबुसाद इस्लाही ने किया। इस मौके पर डॉ. शआइरुल्लाह खां ने कहा कि पुरानी पांडुलिपियां बहुत ही दुर्लभ और महत्वपूर्ण हैं। यकीनन दुनिया की महत्वपूर्ण लाइब्रेरियों में जो पुरानी पांडुलिपियों का संग्रह मौजूद है, उसमें रजा लाइब्रेरी का संग्रह कम महत्वपूर्ण नहीं है।
रजा लाइब्रेरी के लाइब्रेरियन एवं सूचना अधिकारी डॉ. अबुसाद इस्लाही ने कहा कि रजा लाइब्रेरी में बहुत से मुद्रित और हस्तलिखित कुरान शरीफ की प्रतियां सुरक्षित हैं। उनमें से कुछ प्रतियों की प्रदर्शनी पवित्र रमजान के महीने में लगाई जाती है। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनी 23 अप्रैल से 05 मई तक दरबार हाल में प्रदर्शित की जाएगी।
इस प्रदर्शनी में कूफ़ी लिपि में 7वीं सदी ई. में हजरत अली द्वारा लिखा हुआ दुर्लभ कुरान मजीद, कूफी लिपि में 8वीं सदी ई. में इमाम अबू अब्दुल्ला जाफ़र बिन मुहम्मद बिन अली द्वारा लिखित दुर्लभ कुरान मजीद, अरबी नस्ख़ बहार लिपि का 1379 ई. का कुरान मजीद जिसमें आलगीर बादशाह के मंसबदार गजनफ़र की एक मुहर है, अरबी नस्ख़ लिपि का 1315 ई. का लिखा हुआ बहुत कुरान मजीद, सुलुस लिपि का 1669 ई. का कुरान मजीद जिसके हर पृष्ठ पर 3 लाइन सुलुस लिपि में सोने से लिखाई और 12 लाइन में नस्ख़ में काली स्याही से कागज पर लिखा हुआ है आदि प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके साथ ही ख़ते-कूफ़ी, ख़ते-नस्ख़, ख़ते-नस्तालिक़, ख़ते-रेहान इत्यादि ख़तों में कैलीग्राफियों को प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया है।
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प्रदर्शनी का उद्घाटन मदरसा फुरकानिया के प्रबंधक डॉ. शआइरुल्लाह खां और रजा लाइब्रेरी के लाइब्रेरियन डॉ. अबुसाद इस्लाही ने किया। इस मौके पर डॉ. शआइरुल्लाह खां ने कहा कि पुरानी पांडुलिपियां बहुत ही दुर्लभ और महत्वपूर्ण हैं। यकीनन दुनिया की महत्वपूर्ण लाइब्रेरियों में जो पुरानी पांडुलिपियों का संग्रह मौजूद है, उसमें रजा लाइब्रेरी का संग्रह कम महत्वपूर्ण नहीं है।
रजा लाइब्रेरी के लाइब्रेरियन एवं सूचना अधिकारी डॉ. अबुसाद इस्लाही ने कहा कि रजा लाइब्रेरी में बहुत से मुद्रित और हस्तलिखित कुरान शरीफ की प्रतियां सुरक्षित हैं। उनमें से कुछ प्रतियों की प्रदर्शनी पवित्र रमजान के महीने में लगाई जाती है। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनी 23 अप्रैल से 05 मई तक दरबार हाल में प्रदर्शित की जाएगी।
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इस प्रदर्शनी में कूफ़ी लिपि में 7वीं सदी ई. में हजरत अली द्वारा लिखा हुआ दुर्लभ कुरान मजीद, कूफी लिपि में 8वीं सदी ई. में इमाम अबू अब्दुल्ला जाफ़र बिन मुहम्मद बिन अली द्वारा लिखित दुर्लभ कुरान मजीद, अरबी नस्ख़ बहार लिपि का 1379 ई. का कुरान मजीद जिसमें आलगीर बादशाह के मंसबदार गजनफ़र की एक मुहर है, अरबी नस्ख़ लिपि का 1315 ई. का लिखा हुआ बहुत कुरान मजीद, सुलुस लिपि का 1669 ई. का कुरान मजीद जिसके हर पृष्ठ पर 3 लाइन सुलुस लिपि में सोने से लिखाई और 12 लाइन में नस्ख़ में काली स्याही से कागज पर लिखा हुआ है आदि प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके साथ ही ख़ते-कूफ़ी, ख़ते-नस्ख़, ख़ते-नस्तालिक़, ख़ते-रेहान इत्यादि ख़तों में कैलीग्राफियों को प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया है।
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