Rampur Bus Accident: 2019 में निजी बस का परमिट हो चुका था खत्म, हेल्पर दौड़ा रहा था, हादसे के बाद सड़क पर अफसर
रामपुर में रोडवेज और निजी बस की टक्कर में चार लोगों की जान चली गई। हादसे में पचास लोग जख्मी हुए थे। जांच में पता चला कि निजी बस का परमिट 2019 में खत्म हो गया था। इसके बाद भी वह धड़ल्ले से संचालित की जा रही थी।
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रामपुर में परिवहन विभाग की लापरवाही से जिले में डग्गामार बसें बिना परमिट बेखौफ दौड़ रही हैं। टूरिस्ट बसों के संचालन में अनियमितता बरतने के मामले सामने आ रहे हैं। सोमवार को दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर निजी वोल्वो बस व रोडवेज बस की टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई थी, इसके बाद भी परिवहन विभाग सक्रिय नजर नहीं आ रहा है।
इस साल फरवरी में शाहबाद क्षेत्र में बिना परमिट चल रही डबल डेकर बस पलट गई थी, उस हादसे में भी तमाम लोग घायल हो गए थे। जिले में भी बिना परमिट चल रही बसों की भरमार है, लेकिन अधिकारी अनजान बने हैं।
जिले में बिना फिटनेस और परमिट के वाहन फर्राटा भर रहे हैं, जो हादसे का सबब बन रहे हैं। विभागीय अधिकारी सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं, जिससे डग्गामार बस संचालकों के हौसले बुलंद हैं। शहर में शाहबाद-पनवड़िया रोड पर डग्गामार बसें बेलगाम होती जा रही हैं।
रामपुर में जमीयतुल स्कूल के पास से डग्गामार बसों में सवारियां भरी जाती हैं। ऐसे कई प्वाइंट हैं, जहां से डग्गामार बसें दूसरे शहरों के लिए सवारियां भरती हैं, लेकिन इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है।
फरवरी 2024 में शाहबाद क्षेत्र में राणा शुगर मिल के सामने निजी डबल डेकर बस से हादसा हुआ, जिसमें 50 से ज्यादा यात्री घायल हुए थे। यह बस बरेली जिले के आंवला और सिरौली से शाहबाद होते हुए नगालैंड जा रही थी।
जिसका परमिट 2021 में खत्म हो गया था। ऐसे में डबल डेकर बस के संचालन पर बड़े सवाल खड़े हुए थे। वहीं सोमवार को दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर निजी वोल्वो बस और रोडवेज जनरथ बस की टक्कर में भी ऐसी ही लापरवाही सामने आई।
वोल्वो बस का परमिट 2019 में ही खत्म हो चुका था और बस को हेल्पर चला रहा था, लेकिन परिवहन विभाग कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रहा है।
टूरिस्ट परमिट के नाम पर यात्रियों को ढो रहीं बसें
परिवहन विभाग की मिलीभगत से चंडीगढ़, दिल्ली तक के लिए सैकड़ों निजी बसें दौड़ रही हैं। इन डग्गामार बसों को रोकने में विभाग विफल साबित हो रहा है। बस संचालक टूरिस्ट परमिट पर जगह-जगह से यात्री भरते हैं और दिल्ली-चंडीगढ़ ले जाते हैं।
इन बसों से गैर कानूनी माल भी दूसरे प्रदेशों से सप्लाई होने का शक है। डग्गामार बसें कई प्रदेशों से होकर गुजरती हैं। इसी बीच कई आरटीओ, एआरटीओ और पुलिस थाने पड़ते हैं, लेकिन डग्गामार बसें आसानी से जिलों की सीमाओं को पार कर लेती हैं।
इन रूटों पर हो रहा बसों का संचालन
बरेली जिले के आंवला और सिरौली से शाहबाद होते हुए नगालैंड की स्लीपर बस धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं। जगह-जगह बनाए गए बस अड्डे से सवारियों को बैठाया जाता है। आंवला और सिरौली से चंडीगढ़ के लिए प्रतिदिन निजी बस चलती है।
वहीं दिल्ली के लिए बरेली जिले से संचालित निजी बस सेवा रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, हापुड़, गाजियाबाद से होती हुई दिल्ली के लिए चलती है। ये सभी बसें बिना परमिट ही दौड़ रही हैं।
डग्गामार बसों के खिलाफ अवैध डंपरों की तरह ही अभियान चलाया जाएगा। हादसों के बाद बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। इसकी जांच की जा रही है। डग्गामार बसों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। - जोगिंदर सिंह, डीएम
डग्गामार वाहनों के खिलाफ लगातार अभियान चलता है। शाहबाद-पनवड़िया की तरफ अभियान चलाया है। एक हफ्ते में 15-20 डग्गामार वाहनों के चालान किए हैं। अभी बड़े पैमाने पर अभियान भी चलाया जाएगा, जिसमें बड़ी कार्रवाई होगी। - ओरीलाल, एआरटीओ प्रवर्तन, रामपुर