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रामपुर: खूंखार कुत्तों ने बच्चे की नोच नोचकर ले ली जान, 12 जगहों पर काटा, गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार

Wed, 16 Mar 2022 02:41 AM IST
सुशील कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, स्वार (रामपुर)
संवाद न्यूज एजेंसी, स्वार (रामपुर) Published by: सुशील कुमार Updated Wed, 16 Mar 2022 02:41 AM IST
सार

कोतवाली क्षेत्र के जामिनगंज गांव निवासी राकेश का घर गांव की बाहरी दिशा में है। घर के पीछे सेमल का पेड़ है। राकेश का सात वर्षीय बेटा सौरभ मंगलवार की दोपहर करीब 130 बजे कुछ बच्चों के साथ खेलता हुआ सेमल का फल बीनने के लिए गया था।

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Dreaded dogs took life by scratching child bitten at 12 places cremated in a gloomy atmosphere
child dead

विस्तार

क्षेत्र के जामिनगंज गांव में घर के पीछे लगे सेमल के पेड़ से गिरे फल को बीनने गए बच्चों पर खूंखार कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। साथी बच्चे भाग गए, लेकिन एक बच्चा सौरभ कुत्तों के बीच घिर गया। कुत्तों ने बच्चे के शरीर को करीब 12 स्थानों पर काटकर बुरी तरह से जख्मी कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत से गांव में गम और गुस्से का माहौल है।

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कोतवाली क्षेत्र के जामिनगंज गांव निवासी राकेश का घर गांव की बाहरी दिशा में है। घर के पीछे सेमल का पेड़ है। राकेश का सात वर्षीय बेटा सौरभ मंगलवार की दोपहर करीब 130 बजे कुछ बच्चों के साथ खेलता हुआ सेमल का फल बीनने के लिए गया था। इसी दौरान वहां घूम रहे खूंखार कुत्तों के झुंड ने बच्चों पर हमला कर दिया। साथ गए बच्चे तो किसी तरह से भागकर घर पहुंच गए, लेकिन सौरभ कुत्तों से घिर गया। कुत्तों ने बच्चे के शरीर को करीब 12 स्थानों पर काटकर जख्मी कर दिया। खूंखार कुत्तों ने बच्चे के चेहरे, मुंह, पेट, पैर और पीठ को काटकर बुरी तरह से जख्मी कर दिया था। बच्चे के सारे अंग लहूलुहान हो गए थे। सौरभ के साथियों ने उनके घर पहुंचकर परिजनों को घटना के बारे में जानकारी दी।
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सौरभ के दादा वीर सिंह और दादी उसे बचाने के लिए मौके पर पहुंच गए। हालांकि, दादा और दादी कुत्तों के झुंड से बच्चे को छुड़ा नहीं पाए। बाद में बच्चे के चाचा रिंकू लाठी-डंडे लेकर पहुंचकर कुत्तों को भगाया। इस बीच सौरभ मरणासन्न हो चुका था। बच्चे को लहूलुहान अवस्था में सीएचसी ले जाया गया, लेकिन चिकित्सक ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत से घर में चीखपुकार मच गई। बच्चे का शव घर पहुंचते ही परिवार के सदस्य बेसुध हो गए। ग्रामीणों ने परिवार के सदस्यों को ढांढस बंधाया। वहीं, दोपहर बाद गमगीन माहौल में बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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घर का दुलारा था सौरभ
सौरभ की बड़ी बहन हैं और एक बड़ा भाई है, जबकि एक छोटा भाई भी है। सौरभ की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। सौरभ के बड़े भाई-बहन भी उसे बहुत प्यार करते थे। वह पूरे परिवार का दुलारा था। बच्चा अक्सर घर में ही परिवार के लोगों के साथ खेलता था, लेकिन मंगलवार को वह अपने दोस्तों के साथ सेमल का फल बीनने चला गया था। बच्चे की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

जंगल के रास्तों पर खूंखार कुत्तों के झुंड बने दहशत का कारण
जामिनगंज गांव के आसपास कभी कुत्तों को नहीं देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि खूंखार कुत्तों का झुंड अक्सर जंगल जाने वाले मार्ग पर घूमता रहता है। इस दौरान किसी व्यक्ति या फिर बच्चों के गुजरने पर कुत्तों का झुंड उन पर हमला कर देता है। वहीं, क्षेत्र पंचायत सदस्य मोहम्मद आलिम ने कहा कि वन विभाग के अधिकारी और एसडीएम स्वार जामिनगंज गांव की वीभत्स घटना को गंभीरता से लें। उन्होंने आवारा कुत्तों के झुंड को पकड़वा कर वन क्षेत्र में भिजवाने की व्यवस्था कराने की मांग की है। 

रैबीज के कारण खूंखार हो जाते हैं कुत्ते : डॉ. आरपी माहौर
जिला पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरपी माहौर ने बताया कि कुत्तों के खूंखार होने की कोई ठोस अन्य वजह तो नहीं है, लेकिन जब किसी कुत्ते में रैबीज की शुरुआत होती है, तो वो खूंखार होने लगता है। जैसे-जैसे रैबीज का असर बढ़ता है कुत्ता अधिक खूंखार होता जाता है। गलियों में घूमने वाले कुत्तों को अक्सर कई बार भोजन भी नहीं मिलता। ऐसे में कुत्ते भूख के चलते लोगों पर हमले भी करने लगते हैं, तो कई बार गलियों में घूमने वाले कुत्तों पर लोग पत्थर या डंडों से भी हमले करते हैं, जिससे लगातार इस प्रकार के हमलों के बाद कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं।

बच्चों को घर से नहीं निकलने दिया बाहर
मृत सौरभ के चाचा ग्राम प्रधान हैं। आसपास के गांव के लोग भी शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने के लिए उनके आवास पर पहुंचे। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने अपने बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने दिया। बच्चे घरों में भी सहमे-डरे हुए हैं। बच्चा गांव के ही परिषदीय विद्यालय का छात्र बताया गया है। बच्चों की मौत से आसपड़ोस के घरों में चूल्हे तक नहीं जले।


दो दिन में 18 से अधिक लोगों को काट चुके हैं कुत्ते 
खूंखार कुत्तों ने लोगों का राह से गुजरना दुश्वार बना रखा है। बीते दो दिन के भीतर सीएचसी में 18 लोग कुत्ते के काटने के शिकार होकर आए। इन लोगों को इंजेक्शन लगाया गया। सीएचसी के पंजीकरण रजिस्टर के मुताबिक मसवासी के जीवन सिंह, बिजारखाता के ऐजाज, शादीनगर की शिफा और चुन्नावाला का कृष्णा के अलावा रईस अहमद, अरुण, शबाना, तृष्टि, आरिश, अदनान, हरकेश, आरिश, रजत, सुभान, दीपक, विष्णु, हरपाल, विशाल, मोहम्मद अहमद और विनीत को कुत्तों ने काटा है। इन लोगों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया गया है।

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