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दीपावली-धनतेरस पर रोशन हुए बाजार
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Mon, 09 Nov 2015 12:11 AM IST
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दीपावली का पर्व धनतेरस पूजन के साथ ही शुरू हो जाएगा। धनतेरस और दीपावली पर पूजन के लिए लक्ष्मी-गणेशजी की मूर्तियों के साथ ही लक्ष्मीजी के वाहन कहे जाने वाले उल्लू और कौड़ी की भी खासी डिमांड है। बाजार में सामान्य कौड़ी और सिद्ध कौड़ी तक उपलब्ध कराई जा रही है।
सोमवार को धनतेरस, फिर छोटी दीपावाली और बड़ी दीपावली के बाद गोवर्धन पूजन तक रोजाना विशेष पूजन का आयोजन होगा। धनतेरस, दीपावली और गोवर्धन पूजन का सर्वाधिक महत्व है। दीपावली पूजन में लक्ष्मी-गणेशजी की मूर्ति का पूजन किया जाता है। चांदी के सिक्का भी पूजन में शामिल किए जाते हैं।
बाजार में श्रद्धालुओं के लिए काफी बड़ी रेंज उपलब्ध है। रेजिन, पत्थर, पीओपी, पीतल और चांदी के लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां सबसे अधिक हैं। इनकी रेंज 50 रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक है। गोवर्धन पूजा के लिए श्री राधा-कृष्ण और लड्डू गोपाल की मूर्तियों की भी बिक्री हो रही है।
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बाजार में इस बार लक्ष्मी-गणेशजी के साथ उल्लू की भी पत्थर और पीतल की मूर्तियां उपल्ब्ध हैं। इनके दाम दो सौ से तीन सौ रुपये के बीच हैं। कौड़ी भी बाजार में उपलब्ध है। सामान्य कौड़ी पांच रुपये में तो सिद्ध कौड़ी के दाम पांच हजार तक हैं। धार्मिक सामग्री विक्रेता अश्विनी त्यागी बताते हैं कि रेजिन और पीतल की मूर्तियों की डिमांड अधिक है।
कहते हैं कि इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेडीमेड पैक्ड पूजा थाल की भी कई वेरायटी हैं। इसमें पूजन में प्रयोग होने वाली 151 सामग्रियों और वस्तुओं का थाल सबसे अधिक मांगा जा रहा है। पूजा थाल की कीमत 151 रुपये से 501 रुपये तक है।
धनतेरस से अगले पांच दिनों तक पूरा जिला उत्साह में डूबा नजर आएगा। धनतेरस पर होने वाली खरीदारी को लेकर बाजार भी सज गए हैं। लक्ष्मी-गणेश और राम दरबार समेत अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों से लेकर बर्तनों तक के बाजार और दुकान सज गए हैं।
चांदी की नई वस्तु या फिर बर्तन और कोई भी नई वस्तु खरीदने की परंपरा के चलते ज्वैलरी, इलेक्ट्रॉनिक आइटम की दुकानों पर भी रौनक है। कारोबारियों ने ग्राहकों के स्वागत के लिए दुकानों को फैंसी आइटम से लेकर पारंपरिक आइटम से सजा लिया है।
साथ ही दुकानों पर झिलमिला रहीं रंग-बिरंगी रोशनी की झालरों से दीपावली पर्व का अहसास होने लगा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस धनतेरस जिले में करीब एक अरब रूपये से अधिक की खरीदारी हो सकती है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक आइटम, टू व्हीलर, फोर व्हीलर, ज्वैलरी, जमीन-प्लॉट, कपड़े, बर्तन आदि से जुड़ा कारोबार रहेगा।
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सोमवार को धनतेरस, फिर छोटी दीपावाली और बड़ी दीपावली के बाद गोवर्धन पूजन तक रोजाना विशेष पूजन का आयोजन होगा। धनतेरस, दीपावली और गोवर्धन पूजन का सर्वाधिक महत्व है। दीपावली पूजन में लक्ष्मी-गणेशजी की मूर्ति का पूजन किया जाता है। चांदी के सिक्का भी पूजन में शामिल किए जाते हैं।
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बाजार में श्रद्धालुओं के लिए काफी बड़ी रेंज उपलब्ध है। रेजिन, पत्थर, पीओपी, पीतल और चांदी के लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां सबसे अधिक हैं। इनकी रेंज 50 रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक है। गोवर्धन पूजा के लिए श्री राधा-कृष्ण और लड्डू गोपाल की मूर्तियों की भी बिक्री हो रही है।
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बाजार में इस बार लक्ष्मी-गणेशजी के साथ उल्लू की भी पत्थर और पीतल की मूर्तियां उपल्ब्ध हैं। इनके दाम दो सौ से तीन सौ रुपये के बीच हैं। कौड़ी भी बाजार में उपलब्ध है। सामान्य कौड़ी पांच रुपये में तो सिद्ध कौड़ी के दाम पांच हजार तक हैं। धार्मिक सामग्री विक्रेता अश्विनी त्यागी बताते हैं कि रेजिन और पीतल की मूर्तियों की डिमांड अधिक है।
कहते हैं कि इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेडीमेड पैक्ड पूजा थाल की भी कई वेरायटी हैं। इसमें पूजन में प्रयोग होने वाली 151 सामग्रियों और वस्तुओं का थाल सबसे अधिक मांगा जा रहा है। पूजा थाल की कीमत 151 रुपये से 501 रुपये तक है।
धनतेरस से अगले पांच दिनों तक पूरा जिला उत्साह में डूबा नजर आएगा। धनतेरस पर होने वाली खरीदारी को लेकर बाजार भी सज गए हैं। लक्ष्मी-गणेश और राम दरबार समेत अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों से लेकर बर्तनों तक के बाजार और दुकान सज गए हैं।
चांदी की नई वस्तु या फिर बर्तन और कोई भी नई वस्तु खरीदने की परंपरा के चलते ज्वैलरी, इलेक्ट्रॉनिक आइटम की दुकानों पर भी रौनक है। कारोबारियों ने ग्राहकों के स्वागत के लिए दुकानों को फैंसी आइटम से लेकर पारंपरिक आइटम से सजा लिया है।
साथ ही दुकानों पर झिलमिला रहीं रंग-बिरंगी रोशनी की झालरों से दीपावली पर्व का अहसास होने लगा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस धनतेरस जिले में करीब एक अरब रूपये से अधिक की खरीदारी हो सकती है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक आइटम, टू व्हीलर, फोर व्हीलर, ज्वैलरी, जमीन-प्लॉट, कपड़े, बर्तन आदि से जुड़ा कारोबार रहेगा।