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किशोर की मौत के बाद अस्पताल में तोड़फोड़
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Sat, 15 Sep 2018 12:26 AM IST
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जेआर अस्पताल में हुई तोड़फोड़ के बाद सीसीटीवी फुटेज देखती पुलिस।
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गंभीर रूप से बीमार चल रहे किशोर को हायर सेंटर ले जाते वक्त रास्ते में मौत हो गई। किशोर की मौत से नाराज उसके परिजनों ने जौहर अली रोड स्थित जेआर अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़ कर दिया। वजह यह थी कि उसको शुक्रवार को जेआर अस्पताल से ही हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया था। परिजनों ने गलत इलाज करने का आरोप लगाया। हालांकि बाद में इस मामले में दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
टांडा थाना क्षेत्र के गांव प्राणपुर निवासी शकील अहमद के पुत्र शाने आलम (17) की तबीयत शुक्रवार को अचानक खराब हो गई थी। उसे तेज बुखार आया था। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। इसके बाद शाने आलम के परिजन उसको लेकर जेआर अस्पताल पहुंचे, यहां के डाक्टर ने उसकी हालत गंभीर होने पर बाहर रेफर कर दिया था।
रास्ते में उसकी मौत हो जाने के बाद परिजनों के होश उड़ गए। वह लोग वापस जेआर अस्पताल आ गए और डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए तोड़फोड़ कर दी। अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस आ गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। परिवार के लोगों ने गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है।हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। लिहाजा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
टांडा थाना क्षेत्र के गांव प्राणपुर निवासी शकील अहमद के पुत्र शाने आलम (17) की तबीयत शुक्रवार को अचानक खराब हो गई थी। उसे तेज बुखार आया था। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। इसके बाद शाने आलम के परिजन उसको लेकर जेआर अस्पताल पहुंचे, यहां के डाक्टर ने उसकी हालत गंभीर होने पर बाहर रेफर कर दिया था।
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रास्ते में उसकी मौत हो जाने के बाद परिजनों के होश उड़ गए। वह लोग वापस जेआर अस्पताल आ गए और डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए तोड़फोड़ कर दी। अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस आ गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। परिवार के लोगों ने गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है।हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। लिहाजा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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