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बुर्का पहनकर स्टेडियम पहुंची महिलाओं को ग्राउंड में जाने से रोकने हुआ विवाद, वीडियो वायरल.
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रामपुर। बमनपुरी स्थित शहीद ए आजम स्पोर्ट्स स्टेडियम में खिलाड़ियों की प्रैक्टिस के समय बुर्का पहनकर ट्रैक पर टहलने पहुंची महिलाओं को स्टेडियम कर्मियों ने ट्रैक से बाहर जाने को कह दिया था। जिसके बाद महिलाओं ने भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष को इसकी सूचना दे दी। जिस पर भाजपा नेता मौके पर पहुंच गए और उनकी क्रीड़ाधिकारी से इसी बात को लेकर कहासुनी और जमकर नोकझोंक हो गई। रविवार को हुए मामले का किसी ने वीडियो बना लिया जो अब वायरल हो रहा है।
रविवार पांच जून को स्टेडियम में खिलाड़ी फुटबाल और हाकी की प्रैक्टिस के लिए आए हुए थे। इसी दौरान पांच महिलाएं बुर्का पहनकर घूमने स्टेडियम में पहुंचीं। वह मैदान की ओर बढ़ने लगीं। इस पर खेल में बाधा आई तो, उन्हें रोका गया। इस पर महिलाएं आपत्ति करने लगीं। उन्होंने भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष वसीम खान व अन्य लोगों को फोन कर बुला लिया। उन्होंने भी महिलाओं को मैदान में टहलने से रोकने पर आपत्ति जताई। मामले को लेकर महिलाओं और भाजपा नेता वसीम खान की जिला क्रीड़ा अधिकारी नवीन कुमार सिंह से तीखी नोकझोंक हो गई।
जिला क्रीड़ा अधिकारी नवीन कुमार सिंह का कहना है कि स्टेडियम में प्रवेश के नियम हैं। कोई भी बिना ट्रैक सूट के प्रवेश नहीं कर सकता। महिलाओं के सिर्फ बुर्का पहनने की बात नहीं है, यदि वह साड़ी पहनकर भी जातीं तो रोक दिया जाता। महिलाओं के घूमने से खिलाड़ियों की प्रैक्टिस में व्यवधान आ रहा था। जिला क्रीड़ाधिकारी ने बताया कि महिलाओं के साथ आए एक व्यक्ति स्वीमिंग के लिए निर्धारित ड्रेेस पहने बिना सामान्य कपड़ों में स्वीमिंग के लिए भी दवाब बना रहे थे। वहीं भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष वसीम खान ने बताया कि उनके एक एनजीओ की सदस्य सना खान ने अपनी बेटी का स्वीमिंग सीखने के लिए प्रवेश लिया था। घटना वाले दिन सना खान की बेटी ने ग्राउंड में घूमने को कहा तो वो भी कुछ अन्य महिलाओं के साथ बेटी को लेकर ग्राउंड में जाने लगीं तो जिला क्रीड़ाधिकारी ने बुर्का पहने महिलाओं को ग्राउंड पर जाने से रोक दिया था। इसी बात को लेकर विवाद हो गया था।
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रविवार पांच जून को स्टेडियम में खिलाड़ी फुटबाल और हाकी की प्रैक्टिस के लिए आए हुए थे। इसी दौरान पांच महिलाएं बुर्का पहनकर घूमने स्टेडियम में पहुंचीं। वह मैदान की ओर बढ़ने लगीं। इस पर खेल में बाधा आई तो, उन्हें रोका गया। इस पर महिलाएं आपत्ति करने लगीं। उन्होंने भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष वसीम खान व अन्य लोगों को फोन कर बुला लिया। उन्होंने भी महिलाओं को मैदान में टहलने से रोकने पर आपत्ति जताई। मामले को लेकर महिलाओं और भाजपा नेता वसीम खान की जिला क्रीड़ा अधिकारी नवीन कुमार सिंह से तीखी नोकझोंक हो गई।
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जिला क्रीड़ा अधिकारी नवीन कुमार सिंह का कहना है कि स्टेडियम में प्रवेश के नियम हैं। कोई भी बिना ट्रैक सूट के प्रवेश नहीं कर सकता। महिलाओं के सिर्फ बुर्का पहनने की बात नहीं है, यदि वह साड़ी पहनकर भी जातीं तो रोक दिया जाता। महिलाओं के घूमने से खिलाड़ियों की प्रैक्टिस में व्यवधान आ रहा था। जिला क्रीड़ाधिकारी ने बताया कि महिलाओं के साथ आए एक व्यक्ति स्वीमिंग के लिए निर्धारित ड्रेेस पहने बिना सामान्य कपड़ों में स्वीमिंग के लिए भी दवाब बना रहे थे। वहीं भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष वसीम खान ने बताया कि उनके एक एनजीओ की सदस्य सना खान ने अपनी बेटी का स्वीमिंग सीखने के लिए प्रवेश लिया था। घटना वाले दिन सना खान की बेटी ने ग्राउंड में घूमने को कहा तो वो भी कुछ अन्य महिलाओं के साथ बेटी को लेकर ग्राउंड में जाने लगीं तो जिला क्रीड़ाधिकारी ने बुर्का पहने महिलाओं को ग्राउंड पर जाने से रोक दिया था। इसी बात को लेकर विवाद हो गया था।
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