Rampur: अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में स्कूल प्रधानाचार्य से हुई जिरह, तीन जून को होगी अगली सुनवाई
गुरुवार को एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में सुनवाई हुई। जिसमें एक स्कूल के प्रधानाचार्य से बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने जिरह की। जिरह पूरी न होने के चलते कोर्ट ने अगली तारीख तीन जून तय की है।
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सपा नेता आजम खां के बेटे और स्वार सीट से विधायक अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें एक स्कूल के प्रधानाचार्य से बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने जिरह की। जिरह पूरी नहीं हो सकी, जिस पर कोर्ट ने अगली तारीख तीन जून तय की है।
मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है। गुरुवार को इस मामले की कोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें मामले के गवाह एक स्कूल के प्रधानाचार्य कोर्ट में उपस्थित हुए और उनसे बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने जिरह की। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की जिरह बृहस्पतिवार को पूरी नहीं हो सकी। शासकीय अधिवक्ता अरुण प्रकाश सक्सेना ने बताया कि जिरह पूरी न होने के कारण कोर्ट ने मामले की अगली तारीख तीन जून तय की है। सुनवाई के दौरान आजम खां और अब्दुल्ला आजम कोर्ट में उपस्थित रहे।
अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने गंज थाने में साल 2019 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें अब्दुल्ला आजम के पिता एवं शहर विधानसभा सीट से विधायक आजम खां व अब्दुल्ला आजम की मां डॉ. तजीन फात्मा भी आरोपी हैं। इस मामले में तीनों पर आरोप तय हो चुके हैँ और कोर्ट से तीनों आरोपियों को जमानत भी मिल चुकी है।
यतीमखाना प्रकरण के तीन मामलों में हुई सुनवाई
सपा नेता आजम खां से जुड़े यतीमखाना प्रकरण के तीन मामलों में भी गुरुवार को एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में सुनवाई हुई। कोर्ट ने इस मामले में अगली तारीख 15 जून तय की है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान आजम खां पेश हुए और तीन मामलों में सुनवाई हुई। जिसमें आजम खां ने उपस्थित होकर फाइलों पर हस्ताक्षर किए। शासकीय अधिवक्ता अरुण प्रकाश सक्सेना ने बताया कि अब इन मामलों में अगली सुनवाई अब 15 जून को होगी।
सपा नेता आजम खां के खिलाफ साल 2019 में शहर कोतवाली में यतीमखाना प्रकरण में 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे। जिनमें उन पर आरोप था कि उनके इशारे पर बस्ती के लोगों के साथ मारपीट-लूटपाट की गई और उनके घरों को तोड़ दिया गया। इसी प्रकरण में आजम खां के खिलाफ भैंस व बकरी चोरी के भी आरोप लगे थे। इन सभी मामलों में आजम खां की जमानत मंजूर हो चुकी है।