रामपुर। जिले में तेजी से गिरता जलस्तर आम जनमानस से लेकर किसानों तक के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। जिले के छह में से चार ब्लॉक डार्क जोन में हैं। जिससे किसानों को सिंचाई की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। जिले में भूगर्भ जलस्तर गिरने से रोकने के लिए अब कृषि विभाग की ओर से कवायद होगी। जिसमें नदियों के किनारे करीब 460 हेक्टेयर क्षेत्रफल में क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।
जिले में छह ब्लॉक चमरौआ, सैदनगर, शाहबाद, मिलक, बिलासपुर और स्वार हैं। इनमें से चार ब्लॉक सैदनगर, चमरौआ, स्वार और शाहबाद डार्क जोन में है जबकि मिलक और बिलासपुर में भी भूगर्भ जलस्तर तेजी से गिर रहा है। भूगर्भ जलस्तर गिरने से किसानों को सिंचाई की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की इस समस्या को दूर करने के लिए कृषि विभाग की ओर से भूगर्भ जलस्तर को सामान्य स्तर पर बनाए रखने की व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जिसमें जिले में करीब 460 हेक्टेयर क्षेत्रफल में क्लस्टर विकसित कर क्षेत्रवार फसलों का उत्पादन कराया जाएगा। इन क्षेत्रों में ऐसी फसलें करवाई जाएंगी, जिनमें सिंचाई की कम आवश्यकता होती है। साथ ही इन क्षेत्रों में साठा धान की खेती को भी कम करवाया जाएगा। भूगर्भ जलस्तर बनाए रखने के लिए इन क्षेत्रों में लेमनग्रास, बांस के साथ ही अन्य कम पानी की आवश्यकता वाली फसलें करने को किसानों को सहूलियतें देकर प्रेरित किया जाएगा।