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हिमांशु नहीं ये दोस्ती का कत्ल है: मकान बनवाने के लिए दिए थे 20 हजार, तकादा किया तो जान देकर चुकानी पड़ी कीमत

Wed, 14 Sep 2022 05:21 PM IST
Vikas Kumar अमर उजाला नेटवर्क, बीसलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बीसलपुर Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 14 Sep 2022 05:21 PM IST
सार

पुलिस ने भुता क्षेत्र में रहने वाले दोस्त के यहां दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने उसके दूसरे दोस्त को पकड़ा। इधर एसपी ने एसओजी को भी खुलासे के लिए लगा दिया। सख्ती से पूछताछ करने पर किशोर ने हिमांशु की हत्या करने की बात स्वीकार ली।

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Class 11 students killed a friend studying together in Rampur
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock

विस्तार

11वीं कक्षा में पढ़ने वाले दो दोस्तों ने 15 वर्षीय अपने साथी हिमांशु गंगवार की हत्या कर दी। हत्या महज इसलिए की गई चूंकि हिमांशु उधार दिए गए 20 हजार रुपये मांग रहा था। हत्या के बाद शव को नहर में फेंक दिया गया। बुधवार को पुलिस ने शव बरामद कर लिया। आरोपी दोनों किशोर पुलिस की हिरासत में हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।

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भड़रिया गांव के हरप्रसाद गंगवार का 15 वर्षीय पुत्र हिमांशु नगर के एसवीएम इंटर कॉलेज में कक्षा 11वीं का छात्र था। वह बीसलपुर में पिछले तीन साल से किराये पर कमरा लेकर रहता था। पिता हरप्रसाद ने बताया कि हिमांशु की कक्षा में पढ़ने वाले उसके दोस्त ने तीन माह पूर्व मकान बनवाने के लिए 20 हजार रुपये उधार मांगे थे। मां से रुपये लेकर हिमांशु ने दोस्त को दे दिए। कई बार तकादा करने के बाद भी दोस्त हिमांशु को रुपये नहीं लौटा रहा था। इसी बात को लेकर दोनों में मनमुटाव हो गया।  

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11 सितंबर को हिमांशु गांव आया हुआ था। उसके पास फूफा संजीव का फोन था। दोपहर करीब दो बजे दोस्त का फोन आया उसने रुपये देने की बात कहते हुए उसे बीसलपुर बुलाया। हालांकि पिता ने रोका, कहा जब गांव रास्ते में पड़ता है तो दोस्त को घर पर ही बुला लो। लेकिन हिमांशु साइकिल लेकर चला गया। इसके बाद से ही उसका कोई पता नहीं चल सका। परिवार वाले समझे कि वह बीसलपुर में कमरे पर होगा। दूसरे दिन बहन शीतल खाना देने कमरे पर गई तो वहां ताला लगा देखा। नगर में ही रहने वाले फूफा के घर गई तो पता चला कि वहां भी नहीं आया। उसके पास फूफा को फोन था जिसका नंबर बंद जा रहा था। इसके बाद शाम को परिवार वाले कोतवाली पहुंचे और गुमशुदगी दर्ज कराई।

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पुलिस ने भुता क्षेत्र में रहने वाले दोस्त के यहां दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने उसके दूसरे दोस्त को पकड़ा। इधर एसपी ने एसओजी को भी खुलासे के लिए लगा दिया। सख्ती से पूछताछ करने पर किशोर ने हिमांशु की हत्या करने की बात स्वीकार ली। इसके बाद पुलिस ने दूसरे मित्र को भी पकड़ लिया। दोनों आरोपी गांव बरेली के भुता थानाक्षेत्र के रहने वाले हैं। बुधवार तड़के पुलिस ने हिरासत में लिए गए युवकों की निशानदेही पर दियोरिया के जंगल में खन्नौत नदी किनारे हिमांशु का क्षतविक्षत शव बरामद कर लिया। मौके पर फोरेंसिक टीम व डॉग स्क्वायड बुला लिया गया।

हिरासत में लिए गए दोनों किशोरों ने पुलिस को बताया कि 11 सितंबर को वह हिमांशु को अपनी बाइक पर बैठाकर दियोरिया के जंगल में ले गए। यहां गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। कोतवाल प्रवीन कुमार ने बताया कि गुमशुदगी को हत्या में दर्ज कर लिया गया है। हिरासत में लिए गए किशोरों से पूछताछ की जा रही है।

तीन बहनों में इकलौता बेटा था हिमांशु
हिमांशु हरप्रसाद का इकलौता बेटा था। हिमांशु के अलावा उनके तीन बेटी प्रियंका, प्रियांशी व शीतल है। वह काफी होनहार था। 10वीं में हिमांशु की 89 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। परिवार वाले उसे पढ़ाई के लिए कोटा भेजने की तैयारी कर रहे थे। हिमांशु की हत्या की बात सुनते ही उनके घर पर भीड़ जुटना शुरू हो गई। जिस किसी ने भी सुना वह अवाक रह गया।

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