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Rampur News: करोड़ों की जीएसटी चोरी में किया खेल, चार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
Fri, 10 Apr 2026 02:38 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Fri, 10 Apr 2026 02:38 AM IST
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रामपुर। करोड़ों की जीएसटी चोरी के मामले में पुलिस की जांच पूरी हो गई है मामले की विवेचना पूरी होने के बाद क्राइम ब्रांच ने इस प्रकरण में चार लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट की रोक लगी है, जबकि एक आरोपी इस वक्त जेल में हैं।
चार अक्टूबर 2025 को राज्य कर विभाग के उपायुक्त संदेश कुमार जैन ने खटकान निवासी मोहम्मद हारिस, जिया और अधिवक्ता समर्पण जैन के खिलाफ शहर कोतवाली में मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि अधिवक्ता की मिलीभगत से फर्जी किराएनामा तैयार कर उसे जीएसटी पोर्टल पर अपलोड किया गया और किसानों से खरीदी गई लकड़ी को अन्य पंजीकृत व्यक्तियों से खरीद दिखाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि बिना वास्तविक खरीद के टैक्स इनवॉइस लेकर बोगस फर्म बनाई गई और जीएसटी बिल जारी किए बिना करोड़ों रुपये की कर चोरी की गई। मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अनुपम शर्मा ने बताया कि विवेचना के दौरान बाजौड़ी टोला निवासी लकड़ी कारोबारी जबाहत खान की भूमिका भी पाई। जबाहत पर आरोप है कि वह बोगस फर्म खोलकर जीएसटी चोरी करता था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले की विवेचना अब पूरी हो गई है।
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पुलिस ने इस मामले की विवेचना करते हुए चार लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। मामले की विवेचना कर रहे क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अनुपम शर्मा ने बताया कि इस प्रकरण में विवेचना पूरी कर ली गई है। पुलिस ने मामले की चार्जशीट दाखिल कर दी है। जबाहत का नाम विवेचना के दौरान प्रकाश में आया था। बताया कि तीन आरोपियों ने हाईकोर्ट स्टे ले रखा है।
जांच के बाद पाया कि आरोपियों ने फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये के लेन-देन दिखाकर सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया। जांच में सामने आया कि इन फर्मों के माध्यम से बिना वास्तविक व्यापार के ही इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया जा रहा था, जिससे जीएसटी की बड़ी रकम की चोरी की गई।
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बैंक खातों से लेकर जुटाए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य
रामपुर। विवेचक के अनुसार इस पूरे मामले में दस्तावेजों की जांच, बैंक खातों की पड़ताल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर चार लोगों की संलिप्तता प्रमाणित हुई। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने सभी आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाकर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी।
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चार अक्टूबर 2025 को राज्य कर विभाग के उपायुक्त संदेश कुमार जैन ने खटकान निवासी मोहम्मद हारिस, जिया और अधिवक्ता समर्पण जैन के खिलाफ शहर कोतवाली में मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि अधिवक्ता की मिलीभगत से फर्जी किराएनामा तैयार कर उसे जीएसटी पोर्टल पर अपलोड किया गया और किसानों से खरीदी गई लकड़ी को अन्य पंजीकृत व्यक्तियों से खरीद दिखाया गया।
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जांच में यह भी सामने आया कि बिना वास्तविक खरीद के टैक्स इनवॉइस लेकर बोगस फर्म बनाई गई और जीएसटी बिल जारी किए बिना करोड़ों रुपये की कर चोरी की गई। मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अनुपम शर्मा ने बताया कि विवेचना के दौरान बाजौड़ी टोला निवासी लकड़ी कारोबारी जबाहत खान की भूमिका भी पाई। जबाहत पर आरोप है कि वह बोगस फर्म खोलकर जीएसटी चोरी करता था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले की विवेचना अब पूरी हो गई है।
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पुलिस ने इस मामले की विवेचना करते हुए चार लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। मामले की विवेचना कर रहे क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अनुपम शर्मा ने बताया कि इस प्रकरण में विवेचना पूरी कर ली गई है। पुलिस ने मामले की चार्जशीट दाखिल कर दी है। जबाहत का नाम विवेचना के दौरान प्रकाश में आया था। बताया कि तीन आरोपियों ने हाईकोर्ट स्टे ले रखा है।
जांच के बाद पाया कि आरोपियों ने फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये के लेन-देन दिखाकर सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया। जांच में सामने आया कि इन फर्मों के माध्यम से बिना वास्तविक व्यापार के ही इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया जा रहा था, जिससे जीएसटी की बड़ी रकम की चोरी की गई।
बैंक खातों से लेकर जुटाए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य
रामपुर। विवेचक के अनुसार इस पूरे मामले में दस्तावेजों की जांच, बैंक खातों की पड़ताल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर चार लोगों की संलिप्तता प्रमाणित हुई। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने सभी आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाकर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी।