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एसटीएफ के दरोगा के खिलाफ वारंट जारी
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कारतूस कांड: एसटीएफ के दरोगा को गिरफ्तार कर कोर्ट में हाजिर करने का आदेश
गवाही के लिए पेश न होने पर गिरफ्तारी वारंट जारी कर एसपी बांदा को लिखा पत्र
रामपुर। सूबे के चर्चित कारतूस कांड में गवाही के लिए हाजिर नहीं होने पर एसटीएफ के दरोगा के खिलाफ कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए गैर जमानती वारंट जारी किया है। साथ ही एसपी बांदा को पत्र लिखकर कहा है कि दरोगा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए। अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 मई को होगी।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में 26 अप्रैल 2010 को लखनऊ एसटीएफ की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ राम-रहीम पुल के नीचे से पीएसी के सेवानिवृत्त दरोगा यशोदानंदन को गिरफ्तार कर कारतूस कांड का खुलासा किया था। एसटीएफ ने इस दौरान सीआरपीएफ के हवलदार विनोद और विनेश को भी गिरफ्तार किया था। एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी नकदी और कारतूस बरामद किए थे। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही और पूछताछ के आधार पर मुरादाबाद पीटीसी में तैनात आर्मोरर नाथीराम सैनी को भी गिरफ्तार किया था। यशोदानंदन की निशानदेही पर इलाहाबाद, कानपुर, झांसी, मऊ आदि जनपदों से भीत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट में ट्रायल के दौरान मुख्य आरोपी यशोदानंदन की मौत हो चुकी है। इस मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
यह मामला एडीजे द्वितीय विजय कुमार की कोर्ट में चल रहा है, जिसमें सोमवार को एसटीएफ के दरोगा राजकुमार से जिरह होनी थी। उनके न पहुंचने पर कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। साथ ही एसपी बांदा को पत्र लिखकर कहा है कि दरोगा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने देवेंद्र कुमार नंदा ने बताया कि इस मुकदमे की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 20 मई की तारीख तय की है।
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गवाही के लिए पेश न होने पर गिरफ्तारी वारंट जारी कर एसपी बांदा को लिखा पत्र
रामपुर। सूबे के चर्चित कारतूस कांड में गवाही के लिए हाजिर नहीं होने पर एसटीएफ के दरोगा के खिलाफ कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए गैर जमानती वारंट जारी किया है। साथ ही एसपी बांदा को पत्र लिखकर कहा है कि दरोगा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए। अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 मई को होगी।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में 26 अप्रैल 2010 को लखनऊ एसटीएफ की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ राम-रहीम पुल के नीचे से पीएसी के सेवानिवृत्त दरोगा यशोदानंदन को गिरफ्तार कर कारतूस कांड का खुलासा किया था। एसटीएफ ने इस दौरान सीआरपीएफ के हवलदार विनोद और विनेश को भी गिरफ्तार किया था। एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी नकदी और कारतूस बरामद किए थे। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही और पूछताछ के आधार पर मुरादाबाद पीटीसी में तैनात आर्मोरर नाथीराम सैनी को भी गिरफ्तार किया था। यशोदानंदन की निशानदेही पर इलाहाबाद, कानपुर, झांसी, मऊ आदि जनपदों से भीत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट में ट्रायल के दौरान मुख्य आरोपी यशोदानंदन की मौत हो चुकी है। इस मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
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यह मामला एडीजे द्वितीय विजय कुमार की कोर्ट में चल रहा है, जिसमें सोमवार को एसटीएफ के दरोगा राजकुमार से जिरह होनी थी। उनके न पहुंचने पर कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। साथ ही एसपी बांदा को पत्र लिखकर कहा है कि दरोगा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने देवेंद्र कुमार नंदा ने बताया कि इस मुकदमे की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 20 मई की तारीख तय की है।
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