{"_id":"60d6288d8ebc3e2d93144bc5","slug":"bjp-workers-black-day-rampur-news-mbd3935364163","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपाइयों ने आपातकाल को बताया इतिहास का काला दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपाइयों ने आपातकाल को बताया इतिहास का काला दिन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर। भाजपाइयों ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपात काल को इतिहास का काला दिन बताया। उन्होंने काला मास्क और काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।
शुक्रवार को भाजपाइयों ने आपातकाल के विरोध में ताला दिवस मनाया। आपात काल को लेकर वर्चुअल गोष्ठी हुई। जिसमें जिला महामंत्री अशोक विश्नोई ने कहा कि 25 जून देश के लोकतांत्रिक इतिहास का काला दिन है। इसी दिन 25 जून,1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र और संविधान का गला घोंट कर देश में आपात काल लागू कर दिया था। खास कर उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में विपक्षी नेताओं को न केवल गिरफ्तार कर जेलों में भेड़-बकरियों की तरह ठूंस दिया गया बल्कि कांग्रेस सरकार का विरोध करने वाले विपक्षी कार्यकर्ताओं के परिवारों को बुरी तरह से प्रताड़ित किया गया।
आपात काल लागू होते ही आंतरिक सुरक्षा क़ानून मीसा के तहत राजनीतिक विरोधियों की गिरफ़्तारी की गई। ऑनलाइन गोष्ठी में पूर्व विधायक बीना भारद्वाज, आकाश सक्सेना, महेश मौर्य, लालमन तोमर, देवेश गुप्ता, पंकज सैनी,पवन, कमल सक्सेना, कुंवर बहादुर राजपूत,धर्मपाल सिंह, सौरव यदुवंशी, राजीव मांगलिक, प्रेम शंकर पांडेय, रोहतास मौर्य, मदन चौहान, प्रमोद आहूजा,आशु गुप्ता, अंकुश सक्सेना, ओमवीर दिवाकर, श्यामल मिर्धा, राजेश यादव, मनोज पांडे, पीयूष सक्सेना आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार को भाजपाइयों ने आपातकाल के विरोध में ताला दिवस मनाया। आपात काल को लेकर वर्चुअल गोष्ठी हुई। जिसमें जिला महामंत्री अशोक विश्नोई ने कहा कि 25 जून देश के लोकतांत्रिक इतिहास का काला दिन है। इसी दिन 25 जून,1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र और संविधान का गला घोंट कर देश में आपात काल लागू कर दिया था। खास कर उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में विपक्षी नेताओं को न केवल गिरफ्तार कर जेलों में भेड़-बकरियों की तरह ठूंस दिया गया बल्कि कांग्रेस सरकार का विरोध करने वाले विपक्षी कार्यकर्ताओं के परिवारों को बुरी तरह से प्रताड़ित किया गया।
विज्ञापन
आपात काल लागू होते ही आंतरिक सुरक्षा क़ानून मीसा के तहत राजनीतिक विरोधियों की गिरफ़्तारी की गई। ऑनलाइन गोष्ठी में पूर्व विधायक बीना भारद्वाज, आकाश सक्सेना, महेश मौर्य, लालमन तोमर, देवेश गुप्ता, पंकज सैनी,पवन, कमल सक्सेना, कुंवर बहादुर राजपूत,धर्मपाल सिंह, सौरव यदुवंशी, राजीव मांगलिक, प्रेम शंकर पांडेय, रोहतास मौर्य, मदन चौहान, प्रमोद आहूजा,आशु गुप्ता, अंकुश सक्सेना, ओमवीर दिवाकर, श्यामल मिर्धा, राजेश यादव, मनोज पांडे, पीयूष सक्सेना आदि रहे।
विज्ञापन