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सीएए व एनआरसी प्रकरण के आरोपी को नहीं मिली राहत, जमानत खारिज
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रामपुर। नागरिकता संशोधन अधिनियम व एनआरसी प्रकरण के आरोपी फैसल-उर रहमान को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपी की जमानत खारिज कर दी है।
22 नवंबर 2019 को नागरिकता संशोधन अधिनियम व एनआरसी के विरोध में बंद का आह्वान किया था। जिसमें बड़ी संख्या में भीड़ एकत्र हो गई थी। इस दौरान बवाल हो गया, जिसमें फैज नामक युवक की मौत हो गई थी जबकि, कई लोग घायल हुए थे। पुलिस के वाहनों को भी आग लगा दी गई थी। जिसके बाद कोतवाली थाने में तैनात रहे एसएचओ राजकुमार शर्मा ने 116 को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। जेल में बंद मोहल्ला कुंडा निवासी फैसल-उर-रहमान ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला जज की कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। जिस पर सोमवार को सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है और न ही पत्रावली पर इसके साक्ष्य मौजूद हैं जबकि, शासकीय अधिवक्ता अरुण प्रकाश सक्सेना ने दलील दी कि आरोपी नामजद अभियुक्त है और उसके द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया गया है जिसमें एक युवक की मौत हुई है। लिहाजा, जमानत निरस्त की जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रभारी जिला जज नीलू मोघा ने आरोपी फैसल-उर-रहमान की जमानत खारिज कर दी है।
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22 नवंबर 2019 को नागरिकता संशोधन अधिनियम व एनआरसी के विरोध में बंद का आह्वान किया था। जिसमें बड़ी संख्या में भीड़ एकत्र हो गई थी। इस दौरान बवाल हो गया, जिसमें फैज नामक युवक की मौत हो गई थी जबकि, कई लोग घायल हुए थे। पुलिस के वाहनों को भी आग लगा दी गई थी। जिसके बाद कोतवाली थाने में तैनात रहे एसएचओ राजकुमार शर्मा ने 116 को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। जेल में बंद मोहल्ला कुंडा निवासी फैसल-उर-रहमान ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला जज की कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। जिस पर सोमवार को सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है और न ही पत्रावली पर इसके साक्ष्य मौजूद हैं जबकि, शासकीय अधिवक्ता अरुण प्रकाश सक्सेना ने दलील दी कि आरोपी नामजद अभियुक्त है और उसके द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया गया है जिसमें एक युवक की मौत हुई है। लिहाजा, जमानत निरस्त की जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रभारी जिला जज नीलू मोघा ने आरोपी फैसल-उर-रहमान की जमानत खारिज कर दी है।
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