Baba Tarsem murder case: उत्तराखंड पुलिस को शूटरों की तलाश, नवाबगंज और सिहोरा में छापा.. यह बात आई सामने
नानकमत्ता साहिब के डेरा कार सेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की हत्या के मामले में उत्तराखंड ने रामपुर जिले के कई गांवों में छापा मारा। शक के आधार पर कई युवकों के बारे में जानकारी ली गई। दोनों राज्यों की पुलिस आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर ही है। छापे के दौरान कई जानकारियां हाथ लगी हैं।
विस्तार
नानकमत्ता साहिब के डेरा कार सेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की हत्या के मामले में नामजद बिलासपुर के ग्राम सिहोरा निवासी अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टा तथा शक के तौर पर रिपोर्ट में शामिल किए गए नवाबगंज गुरुद्वारे के प्रमुख जत्थेदार बाबा अनूप सिंह उर्फ वीरजी की तलाश में शुक्रवार को उत्तराखंड पुलिस ने बिलासपुर में छापा मारा। रामपुर के साथ पुलिस अन्य जिलों में भी छापा मार रही है। हालांकि, अभी तक सफलता नहीं मिली है।
धार्मिक डेरा कार सेवा के सेवादार जसवीर सिंह निवासी मुंडेली चारूबेटा ने बृहस्पतिवार देर रात नानकमत्ता थाने में सौंपी तहरीर कहा कि 28 मार्च की सुबह बाबा तरसेम सिंह कार सेवा परिसर में बैठकर सेवादारों से कार्य करा रहे थे। इसी दौरान बिना नंबर की बाइक पर सवार दो युवकों ने बाबा के पास पहुंचकर ऑटोमेटिक राइफल से दो गोलियां मार दीं। गोली की आवाज सुनकर वह, जसपाल सिंह और अन्य सेवादार हमलावरों को पकड़ने के लिए दौड़े तो उन्होंने जसपाल पर गोली चला दी, जो लंगर हॉल के गेट पर लगी।
बाइक चलाने वाले आरोपी का नाम सर्बजीत सिंह निवासी ग्राम मियाविंड जिला तरनतारन (पंजाब) और पीछे हथियार लेकर बैठे आरोपी का नाम अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू उर्फ गंडा ग्राम सिहोरा थाना बिलासपुर जिला रामपुर है। तहरीर में बताया गया है कि बाबा तरसेम सिंह गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब की संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने से रोकते थे। इस कारण गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व महासचिव और तराई महासभा के उपाध्यक्ष प्रीतम सिंह संधू निवासी ग्राम खेमपुर थाना गदरपुर, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरबंश सिंह चुघ और ग्राम नवाबगंज थाना बिलासपुर जिला रामपुर स्थित डेरे के जत्थेदार बाबा अनूप सिंह ने बाबा की हत्या की साजिश की है।
तहरीर में कहा गया है कि गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के सेवादार रक्षपाल सिंह ने पूर्व महासचिव प्रीतम सिंह संधू के खिलाफ अपने भाई को आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कराया था। बाबा तरसेम सिंह रक्षपाल की मदद करते थे। नामजद दो व्यक्तियों के अलावा कुछ अन्य लोगों पर भी हत्याकांड के षड्यंत्र में शामिल होने का शक जताया गया है।
उत्तराखंड पुलिस की टीमों ने शुक्रवार को बिलासपुर के ग्राम सिहोरा और ग्राम नवाबगंज में गोपनीय तरीके से छापा मारा। इसके बाद पुलिस टीमें नामजद आरोपियों की तलाश में कई जगह खाक छानती रहीं, लेकिन सफलता नहीं मिली। बिलासपुर कोतवाली प्रभारी बलवान सिंह ने बताया कि उत्तराखंड की पुलिस टीमों द्वारा छापा मारने की जानकारी नहीं है।
बाबा तरसेम का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन
नानकमत्ता। सतनाम वाहेगुरु के जाप के साथ बाबा तरसेम सिंह का पार्थिव शरीर गुरुद्वारा दूधवाला कुआं परिसर में पंचतत्व में विलीन हो गया। बाबा तरसेम सिंह की आत्मा की शांति के लिए हुई अंतिम अरदास में राजनीतिक,धार्मिक, सामाजिक के साथ ही हजारों की संगत ने गुरु महाराज से उनकी आत्मा की शांति की अरदास की। अंतिम विदाई देने के लिए क्षेत्र व यूपी के हजारों लोग पहुंचे।
मामला पुलिस में विचाराधीन हैं। एफआईआर में मेरा नाम देने का कोई आधार नहीं है। मैं अभी इस बारे में कुछ नहीं कहूंगा। - हरबंश सिंह चुघ, अध्यक्ष गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री नानकमत्ता साहिब
बाबा तरसेम सिंह की हत्या की घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष और सही तरह से जांच करे। हत्या और षड्यंत्र का पर्दाफाश होना चाहिए। किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाए और कोई भी दोषी बचना नहीं चाहिए। - अमरजीत सिंह, महासचिव, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री नानकमत्ता साहिब
स्थानीय स्तर पर हथियार उपलब्ध कराने का अंदेशा
सेवादार ने बताया कि हत्यारोपी नानकमत्ता किसी अन्य वाहन से आए थे। हत्याकांड में प्रयुक्त बाइक और हथियार साजिश में शामिल स्थानीय व्यक्ति की ओर से उपलब्ध कराए गए हैं। हत्यारोपियों को वारदात से दो दिन पहले डेरे में घूमते देखा गया था।
नानकमत्ता डेरा प्रमुख की हत्या के बाद नवाबगंज व सिहोरा में पसरा सन्नाटा
उत्तराखंड के नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारा के डेरा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की गोली मारकर हत्या को लेकर कोतवाली पुलिस पूरे दिन अलर्ट मोड पर रही। पुलिस गोपनीय तरीके से बाबा की हत्या में नामजद ग्राम सिहोरा निवासी अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टा तथा नवाबगंज गुरुद्वारे के मुख्य सेवादार बाबा अनूप सिंह उर्फ वीरजी को खोजती रही, मगर कोई भी पुलिस की पकड़ में नहीं आया।
सिहोरा गांव के लोगों ने बताया कि आरोपी अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टा 16 साल पहले ही गांव से जमीन और घर बेचकर जा चुका है। उत्तराखंड के जिला ऊधमसिंह नगर के कस्बा नानकमत्ता स्थित गुरुद्वारा साहिब के डेरा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की बृहस्पतिवार की सुबह बाइक सवार दो लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इसके बाद बाइक सवार फरार हो गए थे। घटना में कोतवाली के ग्राम सिहोरा निवासी अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टा को नामजद किया है। वहीं, शक के आधार पर ग्राम नवाबगंज स्थित गुरुद्वारा के बाबा अनूप सिंह उर्फ वीरजी को भी पुलिस ने नामजद किया है। शुक्रवार को कोतवाली पुलिस दोनों गांव में अपनी पैनी नजर बनाए रही, लेकिन कोई आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा।
ग्रामीणों ने बताया कि 16 साल पहले अमरजीत मकान व जमीन बेचकर चला गया था। तब से किसी भी ग्रामीण को आज तक उसकी कोई जानकारी नहीं है। सीओ रवि खोखर ने बताया कि घटना ऊधमसिंह नगर में हुई है और वहां की पुलिस ही कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी दे दी जाएगी।