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Rampur News: सात माह बाद जेल से रिहा हुईं आजम की पत्नी
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रामपुर। बेटे अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में सात साल की सजा काट रहीं सपा नेता आजम खां की पत्नी और पूर्व सांसद डॉ. तजीन फात्मा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद बुधवार को जेल से रिहा हो गईं। सात माह 10 दिन बाद जमानत पर जेल से बाहर आने पर बड़े बेटे अदीब आजम ने उन्हें गले लगा लिया। इस दौरान जेल के बाहर सपाइयों की भीड़ लग गई।सपा नेता आजम खां को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 18 अक्तूबर 2023 को अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में सात साल की सजा व पचास हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई थी। इस मामले में कोर्ट ने उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम को भी सात साल की सजा सुनाई थी। सजा के बाद से आजम खां सीतापुर, अब्दुल्ला हरदोई जेल में बंद हैं। डॉ. तजीन फात्मा रामपुर जेल में थीं।
24 मई को इस मामले में हाईकोर्ट से तीनों को राहत मिल गई थी। मंगलवार को उनकी रिहाई का परवाना जेल पहुंच गया था, लेकिन रिहाई के परवाने में तकनीकी खामी होने की वजह से रिहाई नहीं हो पाई थी। बुधवार को तकनीकी खामी को दूर करने के बाद शाम करीब चार बजे डॉ. तजीन फात्मा को जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर आते ही बड़े बेटे अदीब आजम ने मां को गले लगा लिया और भावुक हो गए। उनके साथ कासगंज के पटियाली की विधायक नादिरा सुल्तान के साथ ही सपा के काफी समर्थक जेल पहुंचे थे। वहीं मुरादाबाद लोकसभा सीट से सपा प्रत्याशी रुचिवीरा भी मौजूद रहीं। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
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सीतापुर जेल में भी 10 माह रह चुकी हैं डॉ. तजीन
डाॅ. तजीन फात्मा इससे पहले सीतापुर की जेल में 10 माह तक बंद रही थीं। 10 माह बाद उनको जमानत पर रिहा किया गया था। उन पर 34 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें पुलिस आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। 26 फरवरी 2020 को सपा नेता आजम खां ने कानूनी शिकंजा कसने के बाद अपनी पत्नी डाॅ. तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम खां के साथ रामपुर कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। तीनों को सीतापुर की जेल में रखा गया था। सीतापुर जेल में वह 10 माह तक बंद रही थीं, जबकि उनके पति आजम खां 27 माह तक जेल में बंद रहने के बाद जमानत पर बाहर आए थे। अब्दुल्ला भी 20 माह तक जेल में रहने के बाद छूटे थे। पिछले साल दो जन्म प्रमाणपत्र के मामलेे में सजा मिलने के बाद फिर तीनों नेताओं को जेल भेज दिया गया था।
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हमें सुनियोजित षड्यंत्र के तहत फंसाया गया : डॉ. तजीन
बुधवार को जेल से बाहर आने के बाद डॉ. तजीन फात्मा ने सजा मिलने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हमें सुनियोजित षड्यंत्र के तहत फंसाया गया और सजा दी गई। उन्होंने सरकार, पुलिस, प्रशासन और मीडिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मीडिया ने भी सच्चाई सामने लाने की कोशिश नहीं की। आजम खां को डूंगरपुर मामले में दोषी ठहराने के मामले पर उन्होंने कहा कि डूंगरपुर में सरकारी जमीन पर मकान बनाए गए। जिसमें आजम खां और हमारा किसी का कोई रोल नहीं है। हाईकोर्ट से राहत मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि न्याय की जीत होती है।
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अभी जेल में बंद हैं आजम और अब्दुल्ला
अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में डॉ. तजीन फात्मा जेल से बाहर आ गईं। हालांकि, इस मामले में अब्दुल्ला को भी जमानत मिल चुकी है और आजम खां की सजा पर ही रोक लगा चुकी है, लेकिन वो फिर भी जेल से बाहर नहीं आ सके हैं। दरअसल, आजम को डूंगरपुर के एक मामले में सात साल की सजा हो चुकी हैं। वहीं मुरादाबाद के छजलैट में हाईवे जाम करने के मामले में भी आजम और अब्दुल्ला को दो-दो साल की सजा हो चुकी है। इसके अलावा अन्य कई मामलों में भी दोनों नेता अपनी जमानत तुड़वा चुके हैं। ऐसे में अब्दुल्ला और आजम को अभी जेल से निकलने में समय लग सकता है।
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24 मई को इस मामले में हाईकोर्ट से तीनों को राहत मिल गई थी। मंगलवार को उनकी रिहाई का परवाना जेल पहुंच गया था, लेकिन रिहाई के परवाने में तकनीकी खामी होने की वजह से रिहाई नहीं हो पाई थी। बुधवार को तकनीकी खामी को दूर करने के बाद शाम करीब चार बजे डॉ. तजीन फात्मा को जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर आते ही बड़े बेटे अदीब आजम ने मां को गले लगा लिया और भावुक हो गए। उनके साथ कासगंज के पटियाली की विधायक नादिरा सुल्तान के साथ ही सपा के काफी समर्थक जेल पहुंचे थे। वहीं मुरादाबाद लोकसभा सीट से सपा प्रत्याशी रुचिवीरा भी मौजूद रहीं। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
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सीतापुर जेल में भी 10 माह रह चुकी हैं डॉ. तजीन
डाॅ. तजीन फात्मा इससे पहले सीतापुर की जेल में 10 माह तक बंद रही थीं। 10 माह बाद उनको जमानत पर रिहा किया गया था। उन पर 34 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें पुलिस आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। 26 फरवरी 2020 को सपा नेता आजम खां ने कानूनी शिकंजा कसने के बाद अपनी पत्नी डाॅ. तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम खां के साथ रामपुर कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। तीनों को सीतापुर की जेल में रखा गया था। सीतापुर जेल में वह 10 माह तक बंद रही थीं, जबकि उनके पति आजम खां 27 माह तक जेल में बंद रहने के बाद जमानत पर बाहर आए थे। अब्दुल्ला भी 20 माह तक जेल में रहने के बाद छूटे थे। पिछले साल दो जन्म प्रमाणपत्र के मामलेे में सजा मिलने के बाद फिर तीनों नेताओं को जेल भेज दिया गया था।
हमें सुनियोजित षड्यंत्र के तहत फंसाया गया : डॉ. तजीन
बुधवार को जेल से बाहर आने के बाद डॉ. तजीन फात्मा ने सजा मिलने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हमें सुनियोजित षड्यंत्र के तहत फंसाया गया और सजा दी गई। उन्होंने सरकार, पुलिस, प्रशासन और मीडिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मीडिया ने भी सच्चाई सामने लाने की कोशिश नहीं की। आजम खां को डूंगरपुर मामले में दोषी ठहराने के मामले पर उन्होंने कहा कि डूंगरपुर में सरकारी जमीन पर मकान बनाए गए। जिसमें आजम खां और हमारा किसी का कोई रोल नहीं है। हाईकोर्ट से राहत मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि न्याय की जीत होती है।
अभी जेल में बंद हैं आजम और अब्दुल्ला
अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में डॉ. तजीन फात्मा जेल से बाहर आ गईं। हालांकि, इस मामले में अब्दुल्ला को भी जमानत मिल चुकी है और आजम खां की सजा पर ही रोक लगा चुकी है, लेकिन वो फिर भी जेल से बाहर नहीं आ सके हैं। दरअसल, आजम को डूंगरपुर के एक मामले में सात साल की सजा हो चुकी हैं। वहीं मुरादाबाद के छजलैट में हाईवे जाम करने के मामले में भी आजम और अब्दुल्ला को दो-दो साल की सजा हो चुकी है। इसके अलावा अन्य कई मामलों में भी दोनों नेता अपनी जमानत तुड़वा चुके हैं। ऐसे में अब्दुल्ला और आजम को अभी जेल से निकलने में समय लग सकता है।