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रोहित को खुदकुशी के लिए मजबूर करने वाले मुल्जिम : आजम
अमर उजाला ब्यूूराे/रामपुर
Updated Mon, 25 Jan 2016 12:00 AM IST
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यूपी के नगर विकास मंत्री आजम खां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और
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कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। दलित छात्र रोहित
वेमुला की खुदकुशी पर प्रधानमंत्री के भावुक होने पर आजम खां ने कहा कि
बहुत अच्छी बात है। ऐसे सभी मौकों पर लोगों को भावुक होना चाहिए।
प्रधानमंत्री को गुजरात, मुजफ्फरनगर और दादरी पर भी भावुक होना चाहिए। भावुकता का मापदंड एक होना चाहिए, क्योंकि प्रधानमंत्री सबका होता है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान आजम खां ने कहा कि हैदराबाद यूनिवर्सिटी के दलित छात्र की खुदकुशी को लेकर पूरा देश चिंतित है।
रोहित की मौत को लेकर यह कहा जा रहा है कि यह आत्महत्या नहीं हत्या है। जिन लोगों ने ये हालात पैदा किए हैं वो आईपीसी की धारा 120बी के मुल्जिम हैं। इस दौरान आजम खां ने कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर भी जमकर कटाक्ष किया। राहुल गांधी के बुंदेलखंड दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि उनको तो कोई गंभीरता से नहीं लेता है।
आजम ने राहुल गांधी को सलाह दी कि वो अपने साथ टाफियां ले जाया करें। खुद भी चूसा करें और बच्चों को भी दिया करें। पंडित जवाहर लाल नेहरू की ओर से नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर लिखी गई चिट्ठी के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि पं. जवाहर लाल नेहरू ने चिट्ठी लिखी है और वॉर क्रिमिनल कहा है तो यह बहुत ही चौंकाने वाली बात है।
वॉर क्रिमिनल का अपना एक मानक है। द्वितीय विश्व युद्ध में जिन मुल्कों ने बेवजह इंसानी क़त्लेआम किया उनके उन सरबराहों को वॉर क्रिमिनल कहा गया है। अब उनकी तुलना नेताजी सुभाष चंद्र बोस से की जाए तो यह चिंताजनक है। इसकी जितनी भी मजम्मत की जाए कम है।
प्रधानमंत्री को गुजरात, मुजफ्फरनगर और दादरी पर भी भावुक होना चाहिए। भावुकता का मापदंड एक होना चाहिए, क्योंकि प्रधानमंत्री सबका होता है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान आजम खां ने कहा कि हैदराबाद यूनिवर्सिटी के दलित छात्र की खुदकुशी को लेकर पूरा देश चिंतित है।
रोहित की मौत को लेकर यह कहा जा रहा है कि यह आत्महत्या नहीं हत्या है। जिन लोगों ने ये हालात पैदा किए हैं वो आईपीसी की धारा 120बी के मुल्जिम हैं। इस दौरान आजम खां ने कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर भी जमकर कटाक्ष किया। राहुल गांधी के बुंदेलखंड दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि उनको तो कोई गंभीरता से नहीं लेता है।
आजम ने राहुल गांधी को सलाह दी कि वो अपने साथ टाफियां ले जाया करें। खुद भी चूसा करें और बच्चों को भी दिया करें। पंडित जवाहर लाल नेहरू की ओर से नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर लिखी गई चिट्ठी के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि पं. जवाहर लाल नेहरू ने चिट्ठी लिखी है और वॉर क्रिमिनल कहा है तो यह बहुत ही चौंकाने वाली बात है।
वॉर क्रिमिनल का अपना एक मानक है। द्वितीय विश्व युद्ध में जिन मुल्कों ने बेवजह इंसानी क़त्लेआम किया उनके उन सरबराहों को वॉर क्रिमिनल कहा गया है। अब उनकी तुलना नेताजी सुभाष चंद्र बोस से की जाए तो यह चिंताजनक है। इसकी जितनी भी मजम्मत की जाए कम है।