रामपुर। सांसद आजम खां के हमसफर रिसोर्ट में खाद के गड्ढों के मामले में बहस पूरी हो गई है। हालांकि, कोर्ट ने प्रतिवादी से जवाब मांगा है। यदि जवाब नहीं आया तो 22 फरवरी को फैसला आने की संभावना है।
सांसद आजम खां की मुश्किलें कम नहीं हो पा रही हैं। 2019 में उनकी पत्नी शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा और पुत्र अब्दुल्ला आजम के हमसफर रिसोर्ट में सामुदायिक उपयोग की जमीन होने की जानकारी मिली थी। दरअसल, इसको लेकर भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना की शिकायत की थी, जिसके बाद प्रशासन ने हमसफर रिसोर्ट का निरीक्षण किया था। रिसोर्ट में सामुदायिक उपयोग की जमीनें होने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर को पूरे मामले की जांच सौंपी थी। इस पर राजस्व विभाग की टीम ने रिसोर्ट में जाकर जमीन की पैमाइश की थी। पैमाइश के दौरान टीम को यहां पर एक गाटे पर खाद का गड्ढा मिला, जबकि दो गाटों पर सरकारी रास्ता पाया गया था। एसडीएम ने मामले की रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी। रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने एसडीएम को इस मामले में परिवाद दायर करने के निर्देश दिए थे, जिस पर तत्कालीन एसडीएम सदर प्रेम प्रकाश तिवारी ने खाद का गड्ढा होने के मामले में धारा 67 के तहत तहसीलदार सदर के न्यायालय में परिवाद दायर कराया। इस मामले में बहस पूरी हो गई है। हालांकि, कोर्ट की ओर से प्रतिवादी से जवाब मांगा गया है। यदि प्रतिवादी की ओर से कोई जवाब आता है, तो इस मामले आगे की कार्रवाई होगी, अन्यथा 22 फरवरी को फैसला आने की संभावना है। तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार का कहना है कि इस मामले में प्रतिवादी से जवाब मांगा गया है। अगर 22 फरवरी तक जवाब नहीं आता है तो फैसला सुनाया जा सकता है।