Azam Khan: एक चर्चा से खुल गया था मामला कि अब्दुल्ला के 2 जन्म प्रमाणपत्र हैं, कोर्ट ने कहा- 24 साल तक कैसे...
सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र होने के मामले में एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) कोर्ट ने सपा नेता आजम खां, उनकी पत्नी पूर्व विधायक डॉ. तजीन फात्मा और पुत्र अब्दुल्ला आजम को सात-सात कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों पर 50 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद तीनों न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जिला जेल भेज दिया गया।
विस्तार
इससे पहले आजम खां ने अब्दुल्ला के दसवीं के सर्टिफिकेट में जन्म तिथि बदलने के लिए पूरा जोर लगा दिया था। सीबीएसई में भी उन्होंने कोशिश की थी, लेकिन उनको सफलता नहीं मिली। लेकिन उनकी इस कोशिश के बारे में एक स्कूल संचालक को पता चला और उसने उनके विरोधियों को इसकी जानकारी दे दी।
विरोधियों को इसकी जानकारी होने के बाद भी आजम खां ने इसकी परवाह नहीं की। उन्होंने अब्दुल्ला की दूसरी जन्म तिथि पर पैन कार्ड और और पासपोर्ट भी बनवा लिया। अब्दुल्ला ने दोनों पैन कार्ड का अलग-अलग बैंक खातों में इस्तेमाल किया। दोनों पासपोर्ट पर विदेश भी यात्रा की।
यह बात भी उनके विरोधियों को पता चला गई। उस वक्त के भाजपा लघु उद्योग के क्षेत्रीय संयोजक और वर्तमान भाजपा विधायक आकाश सक्सेना से उनका छत्तीस का आंकड़ा था। इसके बाद आकाश सक्सेना ने अब्दुल्ला आजम के दो जन्म तिथि, दो पासपोर्ट और दो पैन कार्ड के मामले में अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए।
अब्दुल्ला आजम के 2017 के निर्वाचन को जब उनके मुकाबले बसपा से चुनाव लड़े नवाब काजिम अली खां ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी तो आजम खां ने दलील दी थी कि अब्दुल्ला की वास्तविक जन्मतिथि 30 सितंबर 1990 ही है। शैक्षिक प्रमाणपत्रों में उनके एक परिवार मित्र ने अब्दुल्ला जन्म तिथि 01 जनवरी 1993 दर्ज करा दी थी। जिसका पता उनको बाद में चला।
आजम खां, अब्दुल्ला आजम, तजीन फात्मा ने समाज के विरुद्ध अपराध किया है। उनका परिवार उच्च शिक्षित है। इसके बाद भी अपने पुत्र के दो जन्म प्रमाणपत्र बनवाए। उनको पूरा ज्ञान था कि कोर्ट इस मामले में कड़ी सजा सुना सकती है। -अमरनाथ तिवारी, वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी
आजम खां, तजीन फात्मा गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और उनकी उम्र 72 साल है। उनको कम से कम से सजा दी जाए। तीनों को अंडरगोन (सदाचार) पर रिहा किया जाए। -जुबैर अहमद, अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट