Azam Khan Case: डूंगरपुर मामले में आजम खां को सात साल की सजा, अन्य तीन दोषी पांच साल जेल में रहेंगे
डूंगरपुर केस में आजम खां को सात जबकि अन्य तीन दोषियों को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। सभी को रामपुर की अदालत शनिवार को दोषी ठहरा चुकी थी। आजम खां अभी सीतापुर जेल में बंद हैं।
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डूंगरपुर कांड के एक मामले में दोषी ठहराए गए सपा नेता आजम खां को रामपुर की एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने सात साल की कैद और आठ लाख रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इसी मामले में पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां, रिटायर्ड सीओ आले हसन और बरकत अली ठेकेदार को पांच-पांच साल की कैद के साथ-साथ प्रत्येक पर 3.5 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है।
आजम खां (75) इस समय अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में सीतापुर जेल में सजा काट रहे हैं। गंज थाना क्षेत्र के डूंगरपुर बस्ती को खाली कराने को लेकर दर्ज 12 मुकदमों में से एक में कोर्ट ने 16 मार्च को सपा नेता आजम खां, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां, रिटायर्ड पुलिस क्षेत्राधिकारी आले हसन और बरकत अली ठेकेदार को कोर्ट ने दोषी करार दिया था।
कोर्ट ने इस मामले में सपा के प्रदेश सचिव ओमेंद्र सिंह चौहान, जिबरान नासिर और फरमान नासिर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने दोषी ठहराए गए सभी चारों आरोपियों को सोमवार की शाम को सजा सुनाई।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अमित सक्सेना ने बताया कि एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट के न्यायाधीश डा. विजय कुमार ने इस मामले में सपा नेता आजम खां को सात साल की कैद और आठ लाख रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां, रिटायर्ड सीओ आले हसन, बरेली निवासी ठेकेदार बरकत अली को पांच-पांच साल की कैद व साढ़े तीन- साढ़े तीन लाख रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जुर्माना की पचास फीसदी धनराशि मुकदमे के वादी एहतेशाम को दी जाए। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
ये था मामला
डूंगरपुर बस्ती निवासी एहतेशाम ने गंज थाने में 25 जुलाई 2019 को मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने घर में घुसकर मारपीट, गाली गलौज, डकैती और आपराधिक षडयंत्र रचने के आरोप में सपा पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां, ठेकेदार बरकत अली, रिटायर्ड सीओ आले हसन, फरमान नासिर, जिबरान नासिर, सपा के प्रदेश सचिव ओमेंद्र सिंह चौहान को आरोपी बनाया था।
इसके अलावा आजम खां को आपराधिक षडयंत्र रचने का आरोपी बनाया गया था यह घटना तीन फरवरी 2016 की बताई गई थी। 16 मार्च को कोर्ट ने इस मामले में सपा नेता आजम खां, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां, रिटायर्ड सीओ आले हसन व ठेकेदार बरकत अली को घर में घुसकर मारपीट करने, धमकाने का दोषी माना था। सोमवार को इस मामले में सजा सुनाई गई।
अभियोजन पक्ष ने पेश किए थे 14 गवाह
डूंगरपुर बस्ती निवासी एहतेशाम का आरोप है कि सपा नेता आजम खां के इशारे पर सीओ आले हसन के साथ मिलकर सपाइयों ने एहेतशाम के घर में घुसकर मारपीट और धमकाने की घटना को अंजाम दिया था। हालांकि इन सभी पर डकैती डालने का भी आरोप लगाया था लेकिन वह साबित नहीं हो पाया।
कोर्ट में जब यह मामला पहुंचा तो अभियोजन पक्ष की ओर से अपना केस साबित करने के लिए एहतेशाम समेत 14 गवाहों को पेश किया गया। उन्होंने अपने बयान में आरोपों की पुष्टि की। सपा नेता आजम खां समेत अन्य आरोपियों ने दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए जिसमें उल्लेख किया कि विवादित भूमि नगर पालिका के रिकार्ड में टंचिंग ग्राउंड के रूप में दर्ज थी। पालिका की एनओसी पर डूडा ने आसरा काॅलोनी का निर्माण कराया था। बचाव पक्ष की ओर से कोई मौखिक साक्ष्य पेश नहीं किया गया था।
डूंगरपुर के एक मुकदमे में बरी हो चुके हैं आजम
डूंगरपुर से जुड़े एक मुकदमे में कोर्ट ने 31 जनवरी 2024 को आजम खां सहित अन्य सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था।
दोषी करार सुनते ही उड़ गई चेहरे की रंगत
रामपुर कोर्ट ने शनिवार को सपा नेता आजम खां समेत चार आरोपियों को दोषी करार दिया। इसके बाद सभी आरोपियों के चेहरे की रंगत उड़ गई। सबसे ज्यादा तनाव पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां और रिटायर्ड सीओ आले हसन के चेहरे पर दिखा।
कड़ी सुरक्षा के बीच सपा नेता आजम खां को सीतापुर जेल से शनिवार दोपहर करीब तीन बजे कोर्ट में पेश किया गया, जबकि इससे पहले पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अमहद खां को बिजनौर जेल से लाया गया था। इसके अलावा अन्य सभी आरोपी जमानत पर होने की वजह से बाहर थे। वह खुद ही कोर्ट में पेश हुए।