रामपुर: आजम खां के लिए कांग्रेस के द्वार खोल रहे आचार्य प्रमोद कृष्णम, प्रियंका गांधी के राजनीतिक सलाहकार ने भेंट की संतों की ईदी
आचार्य प्रमोद कृष्णम अपने सहयोगी संतों के साथ गुरुवार शाम को आजम खां के घर पहुंचे। यहां पर उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब वो सीतापुर जेल गए थे तभी उनके मन में भाव आया था कि बच्चों और परिवार से मिलूं। कहा कि आज आजम साहब के घर आया हूं और उनके परिवार के साथ बैठा हूं तो मुझे ऐसा लगता है जैसे अपने परिवार के साथ बैठा हूं।
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कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के राजनीतिक सलाहकार एवं कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम गुरुवार शाम सपा के कद्दावर नेता आजम खां के घर पहुंचे। परिजनों से मुलाकात की, रोजा इफ्तार में शामिल हुए और संतों की ओर से ईदी भेंट करने की बात कही। सपा से आजम खां की नाराजगी को लेकर कहा कि अब शीशे में बाल आ चुका है। ऐसे में सोमवार को आजम खां से सीतापुर जेल में मुलाकात के बाद गुरुवार शाम को उनके घर पर परिजनों से आचार्य प्रमोद कृष्णम की ये मुलाकात क्या आजम खां के लिए कांग्रेस के द्वार खोलने वाली है, ये तो आने वाला वक्त ही तय करेगा लेकिन आचार्य प्रमोद कृष्णम के सीतापुर जेल के बाद अब आजम खां के घर पहुंचने से सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर तेजी पकड़ गया है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम अपने सहयोगी संतों के साथ गुरुवार शाम को आजम खां के घर पहुंचे। यहां पर उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब वो सीतापुर जेल गए थे तभी उनके मन में भाव आया था कि बच्चों और परिवार से मिलूं। कहा कि आज आजम साहब के घर आया हूं और उनके परिवार के साथ बैठा हूं तो मुझे ऐसा लगता है जैसे अपने परिवार के साथ बैठा हूं। अखिलेश यादव को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि अखिलेश यादव और सपा ने मुलायम सिंह का ख्याल नहीं रखा तो आजम खां का क्या ख्याल रखेंगे। जो लोग सपा में वफा ढूंढ रहे हैं वो जहर की शीशी में दवा ढूंढ रहे हैं। कहा कि इस मुल्क में जो अमन पसंद, सच्चाई का साथ देने वाले और जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग हैं वो सब आजम खां के साथ हमदर्दी रखते हैं।
उनकी आजम खां से सीतापुर जेल में मुलाकात और अब आजम खां के घर आने को लेकर सियासी गलियारों में शुरू हुए कयासों के सवाल पर कहा कि इसमें कोई सियासत की बात नहीं, इसमें कोई कांग्रेस, सपा या दूसरी पार्टियों की बात नहीं है। मैं कोई सियासत करने नहीं आया हूं, सियासत के लिए पूरा मुल्क पड़ा है। लेकिन, हमारे मुल्क की रवायत, परंपरा, सभ्यता और संस्कृति है कि एक भाई तकलीफ में है तो दूसरे भाई को उसके साथ खड़ा होना चाहिए। आजम खां साहब के साथ जो जुल्म-ज्यादती हुई हैं उनकी इंतेहा हो गई है। कहा कि आजम खां का गुनाह क्या है, क्या ये गुनाह है कि उन्होंने विवि बनावाया, सच बोलते हैं, हर किसी की खिदमत की, मुसलमान हैं या वो बेईमान नहीं हैं। कहा कि एक भाई की हैसियत से उनके तकलीफ में होने पर त्योहार में शामिल होने आया हूं। कहा कि रोजा इफ्तार में शामिल होकर उनके संकट खत्म होने की दुआ करेंगे। कहा कि आजम खां के परिवार को संतों की ईदी भी भेंट की है।
जेल की बातें साझा कीं तो आ जाएगा तूफान- आचार्य प्रमोद कृष्णम
आचार्य प्रमोद कृष्णम से जब उनकी आजम खां से सीतापुर जेल में हुई मुलाकात के दौरान हुई बातों के बारे में सवाल पूछा गया तो कहा कि अगर जेल की बातें साझा कर दीं तो तूफान आ जाएगा। कहा कि जेल में बहुत सी बातें हुई हैं लेकिन वो आजम खां के बाहर आने के बाद उनकी मौजूदगी में ही की जाएंगी। कहा कि आजम खां के साथ जुल्म हो रहा है वो जेल की तन्हा कोठरी में फर्श पर बिछे टाट पर सो रहे हैं, कोई कूलर, ऐसी नहीं है यहां तक की पलंग भी नहीं दिया गया है जबकि आजम खां सजायाफ्ता कैदी नहीं हैं। उनकी सेहत सही नहीं है, मुलाकात के दौरान उन्होंने दांतों में दर्द की बात बताई थी, सिर्फ दाल खा रहे हैं। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आरोप लगाया कि जेल में आजम खां को सही उपचार नहीं मिल रहा है। उनकी सेहत खराब है हुकूमत को विचार करना चाहिए। कहा कि चार मई हो या कोई और चार तारीख आजम खां साहब को रिहाई मिल ही जाएगी।
कहा कि जेल में आजम खां से पुलिस के अलावा अन्य एजेंसियों ने भी पूछताछ की है। कहा कि मुख्यमंत्री जी एक नेता के साथ-साथ योगी हैं साधु हैं, एक सन्यासी के राज में इस तरह बेगुनाह पर इतना जुर्म हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिए गए बयान कि अखिलेश यादव नहीं चाहते की आजम खां जेल से बाहर आएं, पर कहा कि योगी आदित्यनाथ अखिलेश जी के कहने पर आजम खां को जेल में रखेंगे इतने कमजोर नहीं है, उन्हें मेरी अपील पर ध्यान देना चाहिए। सपा और आजम खां के बीच नाराजगी को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि अब शीशे में बाल आ चुका है।