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गुनाहों की माफी के साथ इज्तमा संपन्न
Rampur
Updated Mon, 04 Mar 2013 05:31 AM IST
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टांडा। जामा मसजिद में चल रहा इज्तमा का कार्यक्रम रविवार की सुबह गुनाहों की माफी और नेकराह पर चलने की दुआ के साथ संपन्न हो गया। बाद में मुल्क के विभिन्न शहरों को जमाअतों की रवानगी की गई।
नगर की जामा मसजिद में टांडा और स्वार क्षेत्र स्तर का चौबीस घंटे का जोड़(इज्तमा) का आयोजन किया गया। शनिवार शाम मगरिब की नमाज के बाद से शुरू हुए इज्तमा का आज सुबह आठ बजे मुफ्ती मौलाना अब्दुरर्हमान की अल्लाह और रसूल के बताये रास्ते पर खुद चलने और दूसरों की भी चलने की सलाह देने की दुआ के बाद संपन्न हो गया। इज्तमा में चालीस दिन (चिल्ला) और चार माह की जमाअतों को मुल्क के विभिन्न शहरों को रवाना किया गया। जमात में शामिल युवकों और वरिष्ठ साथियों को अमीर ए जमात मौलाना अब्दुल सलाम ने मुल्क के कानून का पालन करने के साथ लोगों तक अल्लाह और उसके रसूल का पैगाम पहुंचाने की ताकीद की। इससे पहले इज्तमा के मुख्य वक्ता मदरसा शाही मुरादाबाद के मुफ्ती मौलाना अब्दुर्रहमान ने इज्तमा में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों की मौजूदगी में कहा कि रसूल के बताये रास्ते पर चलने से दुनिया और आखिरत में कामयाबी यकीनी है। मौलाना ने कहा कि इस्लाम ने सिर्फ इबादत ही नहीं, अखलाक, गरीबों, बेवाओं की मदद और बच्चों के साथ मुहब्बत करना भी सिखाया है।
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नगर की जामा मसजिद में टांडा और स्वार क्षेत्र स्तर का चौबीस घंटे का जोड़(इज्तमा) का आयोजन किया गया। शनिवार शाम मगरिब की नमाज के बाद से शुरू हुए इज्तमा का आज सुबह आठ बजे मुफ्ती मौलाना अब्दुरर्हमान की अल्लाह और रसूल के बताये रास्ते पर खुद चलने और दूसरों की भी चलने की सलाह देने की दुआ के बाद संपन्न हो गया। इज्तमा में चालीस दिन (चिल्ला) और चार माह की जमाअतों को मुल्क के विभिन्न शहरों को रवाना किया गया। जमात में शामिल युवकों और वरिष्ठ साथियों को अमीर ए जमात मौलाना अब्दुल सलाम ने मुल्क के कानून का पालन करने के साथ लोगों तक अल्लाह और उसके रसूल का पैगाम पहुंचाने की ताकीद की। इससे पहले इज्तमा के मुख्य वक्ता मदरसा शाही मुरादाबाद के मुफ्ती मौलाना अब्दुर्रहमान ने इज्तमा में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों की मौजूदगी में कहा कि रसूल के बताये रास्ते पर चलने से दुनिया और आखिरत में कामयाबी यकीनी है। मौलाना ने कहा कि इस्लाम ने सिर्फ इबादत ही नहीं, अखलाक, गरीबों, बेवाओं की मदद और बच्चों के साथ मुहब्बत करना भी सिखाया है।
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